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कविता

सब कुछ बिकता है….

Sanjeev Kumar Shukla
कोई नाम बेचता है कोई काम बेचता है यहाँ सस्ते मे कोई ईमान [...]

तुम समझती क्यों नही माँ?

Neeraj Chauhan
तुम्हारे एक आंसू की बूंद मेरेे दिल को चीर देती है, बढ़ा मेरी [...]

अतीत हूँ मैं

purushottam sinha
अतीत हूँ मैं बस इक तेरा, हूँ कोई वर्तमान नहीं... तुमको याद रहूँ [...]

शहतूत के तले

purushottam sinha
हाॅ, कई वर्षों बाद मिले थे तुम उसी शहतूत के तले..... अचानक ऑंखें [...]

समर्पण

purushottam sinha
वो पुष्प! संपूर्ण समर्पित होकर भी, शायद था वो कुछ [...]

कभी

purushottam sinha
कभी गुजरना तुम भी मन के उस कोने से, विलखता है ये पल-पल, तेरे हो [...]

आया करो

Neelam Sharma
हे मुरलीमनोहर, केशव,गिरीधर ऐसे न हमको सताया करो। लुका छिपी [...]

भजन -जयश्रीकृष्ण

Sajoo Chaturvedi
हे कृष्णमुरारी ,हे गिरिधरधारी । हे मुरलीधारी [...]

कविता –विरहणी

Sajoo Chaturvedi
विरहणी ऐ पवन ! जरा रुकजा मेरे संगसंग चल। राहें भूली मैं [...]

बुढ़ापे में प्यार

लक्ष्मी सिंह
🌹🌹🌹🌹 कौन कहता है कि बुढ़ापा में प्यार नहीं होता है । सच तो [...]

मैं आज जो भी हूँ

Bhupendra Rawat
मैं आज जो भी हूँ वो मेरे पापा की ही तो कमाई है। क्योंकि ख़ुद [...]

तेरी यादों के बहाने

Bhupendra Rawat
तेरी यादों के बहाने शबनम बहाना ही तो इश्क़ है। तकिये से लिपट [...]

ना जाने कितनी बार

Bhupendra Rawat
ना जाने कितनी बार मैंने अपनी अंदर की इच्छाओं को [...]

अमन की तलाश में

Bhupendra Rawat
अमन की तलाश में चैन भी खो बैठे हैं मज़हब के नाम पर इंसानियत से [...]

हम उनकी यादों में

Bhupendra Rawat
हम उनकी यादों में कुछ इस क़दर खोये रहते है। ख़्वाबों में अक्स [...]

आज के जमाने में

Bhupendra Rawat
आज के जमाने में कौन किसे याद करता है। बिछड़ कर कौन याँ मिलने [...]

मेरे श्रद्धेय (कविता )

Onika Setia
मेरे श्रद्धेय ! मेरे आदरणीय ! तुम पर [...]

इन्द्रधनुष

sudha bhardwaj
इन्द्रधनुष सप्त-रंगो के ओज ने प्रभावित तो किया। जीत नही [...]

हादसा

sudha bhardwaj
हादसा ****** एक खबर से जिन्दगी पलटवार खाती है। जो हादसा बन दिल [...]

पचमढ़ी के मेले

जगदीश लववंशी
पचमढ़ी का है यह मेला, कर्तव्य पथ की यह बेला, पर्वत पर्वत पर हम [...]

परछाई

sudha bhardwaj
परछाईं ******* परछाई बन मेरे हमसफर संग साथ ही में रहा करो। कभी [...]

खुशी से जिसे था गले से लगाया। गजल ।

निर्मला कपिला
खुशी से जिसे था गले से लगाया उसी ने मुझे दर्द दे कर [...]

मैं क्या लिखूँ?

Sanjeev Kumar Shukla
क्या लिखु जो बने कविता भ्रष्टाचार पे करे वो वार, जन- जन के [...]

वीर रस की हास्य कविता

guru saxena
मन करता है गीत सुनाऊं वीरों की परिपाटी के मन करता है गीत [...]

ज़िन्दगी बेकार है गम के आँसू पिये जा….!!

damodar virmal (राज)
ज़िन्दगी बेकार है,गम के आँसू पिये जा ! ज़िन्दगी बकवास है, गम के [...]

काँटे!

मुकेश कुमार बड़गैयाँ
हमने काँटो को बुरा कहा है एक बार नहीं, बार बार ! मैंने जरा गौर [...]

हम अपनी बात बताते है।

Vindhya Prakash Mishra
हम अपनी बात बताते है अपने उसूल पर चलते है निंदा की परवाह [...]

देश को मत बांटो तुम भाई।

Vindhya Prakash Mishra
देश को मत बांटो तुम भाई, अपने हित साधन हेतु सब कर रहे [...]

काफी नहीं ?

manisha joban desai
बैठे रहते है जब हम खोये हुए सपनो की खोज मैं, आसमान से टपकते [...]

हम = तुम

प्रतीक सिंह बापना
हम अल्लाह तुम राम हम गीता तुम क़ुरान हम मस्ज़िद तुम मंदिर हम [...]