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कविता

मातृशक्ति देवी तुझे शत् शत् नमन |

prerna jani
मातृशक्ति देवी तुझे शत् शत् नमन | नारी अनेक भूमिका अदा करती [...]

कुछ यूँ मनाओ तुम इस बार दीवाली

कृष्ण मलिक अम्बाला
बाहर रौशनी तो सभी करते हैं, जिसने है भीतर जोत जगा ली । उसी को [...]

क्योँ डरना

RAMNARESH YADAV
जब एक बार ही मरना है, तो रोज़-रोज़ क्यों डरना है? जीवन के बेरोक [...]

बेटियाँ

दुष्यंत कुमार पटेल
बेटियाँ ही तो अनमोल दौलत बेटियाँ है मधुबाला, मधुकली चहक-महक [...]

सर्जिकल स्ट्राइक

RAMNARESH YADAV
आज हमारे जाँबाज़ों ने,दुश्मन को ललकारा है। एक कोस घुटनों पे [...]

ओढ़ तिरंगे को

RAMNARESH YADAV
ओढ़ तिरंगे को क्यों पापा आये है? माँ ! मेरा मन, क्यों समझ न पाये [...]

जयघोष

RAMNARESH YADAV
हिन्द जनों के कोटि कंठ से, गूँज रहा एक नारा है। काश्मीर भारत [...]

रंगों केअर्थ बदलते है ..

NIRA Rani
रिश्तों के रंग बदलते है कुछ गहरे कुछ फीके पड़ते है मन की [...]

कब सावन आवे

Sonika Mishra
धूप सुनहरी चलती रहती, वक्त का दामन थामे | पर्वत नदियाँ सब [...]

नेता जी बस इस चुनाव में मुझे भी टिकट दे दो

डॉ सुलक्षणा अहलावत
नेता जी बस इस चुनाव में मुझे भी टिकट दे दो, नेता बनने के सारे [...]

हास्य -कविता (सफलता का मन्त्र )

डॉ तेज स्वरूप भारद्वाज
सफलता का मन्त्र ----------------------- हमेशा बौस के आस-पास ही [...]

सड़क छाप पत्रकार

Abhinav Saxena
प्यारे दद्दू, हम हियाँ एकदम ठीक हैं। घर से चलते बखत आप हमसे [...]

बिकने लगा ईमान

Ashwani Sharma
मेरा अब देश में दम घुटने लगा हैं जहां हर इक का ईमान अब बिकने [...]

नारी शक्ति

RAMNARESH YADAV
जलता दीपक देता प्रकाश, और ख़ुशी सभी को होती है। पर दीपक की लौ [...]

“तलाश”

raja singh
“तलाश” - राजा सिंह ऐ मेरी मौत ! तू कहाँ कहाँ भटका [...]

“चाहतें”

raja singh
“चाहतें” --राजा सिंह प्यार करने को , बार-बार जाती [...]

कापुरुष

raja singh
कापुरुष मै अक्सर कुछ न कह पाता हूँ न कर पाता हूँ . मै [...]

टुटा हुआ तारा

अनुपम राय'कौशिक'
दुःखों का जाल भी है, दर्द बेमिसाल भी है, फिर भी हँसते रहें [...]

जीतने का जूनून

Sonika Mishra
आसमां क्या चीज़ है वक्त को भी झुकना पड़ेगा अभी तक खुद बदल रहे [...]

तुकांत कविता

kalipad prasad
हम हैं जवान रक्षक देश के, अडिग जानो हमारा अहद, प्रबल चेतावनी [...]

हास्य -व्यंग्य कविता – कुत्ते की तिरछी दुम

डॉ तेज स्वरूप भारद्वाज
कुत्ते की तिरछी दुम ------------------------- पाँच वर्ष के वाद हैं आये नेता [...]

तुम ही बताओ कैसे होगा सुधार

डॉ सुलक्षणा अहलावत
तुम ही बताओ कैसे होगा सुधार वहाँ पर, हर बात को धर्म से जोड़ा [...]

राजयोग महागीता: अपनेको छोड़ मत, दूसरेको दृष्टा देख:: पोस्ट१४

Jitendra Anand
घनाक्षरी:: अध्याय १:: गुरुक्तानुभव : छंद संख्या७ अपने को छोड [...]

राजयोग महागीता:: धर्म और अधर्म,सुख-दुख सब ही तो

Jitendra Anand
घनाक्षरी:: अध्याय१ गुरुक्तानुभव::छंद - ६:: पोस्ट ११ धर्म और [...]

राजयोग महागीता:: तू अपनेसे करले अलग निज देह को

Jitendra Anand
घनाक्षरी : अध्याय १ :: गुरुक्तानुभव : पोस्ट:: १० तू अपने से कर ले [...]

मैं कवयित्री नहीं हूँ

डॉ सुलक्षणा अहलावत
....................मैं कवयित्री नहीं हूँ..................... मैं कोई कवयित्री नहीं [...]

ऐ बचपना

Sonika Mishra
ऐ बचपना, मुझे जाने दे आगे बड़ना है मुझे तेरी मासूमियत को [...]

राजयोग महागीता:: गुरुक्तानुभव ( घनाक्षरी: ४)पोस्ट९पोस्ट९

Jitendra Anand
क्रोध क्या यह क्रूरता , कठोरता , कुटिलता , त्याज्य है असंतोष , [...]

कहीं कुछ भी नही है

शिवदत्त श्रोत्रिय
सब कुछ है धोखा कुछ कहीं नही है है हर कोई खोया ये मुझको यकीं [...]

राजयोग महागीता:: तृष्णा, स्वार्थ, वासनाएँ, दम्भ( पो८)

Jitendra Anand
राजयोग महागीता:: घनाक्षरी: गुरनक्तानुभव ( अध्याय१) तृष्णा, [...]