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कविता

सुनि ले अम्मा कासे बोली आपन शुद्ध बघेली !!

Ashish Tiwari
बहुत दिना भा खाए होइगा बहुरी लाटा तेली ! अजुअव देख कहा हम [...]

माफ किहे तै हमही अम्मा नहीं बनन अधिकारी

Ashish Tiwari
माफ किहे तै हमही अम्मा नहीं बनन अधिकारी ! अब रोईथे करम का अपने [...]

चाहता हूँ साथ में माँ भी रहे आराम से

Ashish Tiwari
चाहता हूँ साथ में माँ भी रहे आराम से । पैर में मालिश करूँ जब [...]

बघेली कविता

Ashish Tiwari
किहन रात दिन मेहनत भइलो बहुत गरीबी झेलन ! अपने खुद जीवन के [...]

परशुराम के वंसज है हम मिलकर कदम बढ़ायेगे !

Ashish Tiwari
परशुराम के वंसज है हम मिलकर कदम बढ़ायेगे ! हम ब्राह्मण भाई के [...]

दनकौरी काण्ड

Ashish Tiwari
कलम नहीँ तलवार उठा लू इन गुंडों हत्यारों पर । रक्त चढ़ा दू जी [...]

कहाँ

Brijpal Singh
बतलाते हैं अमीर बहुत से लोग शहरों के यहां मगर मैं कभी जान न [...]

बेला फूल पर गीत

Ashish Tiwari
बेला रानी रात को महके , भँवरें झूमे चुपके चुपके ! भीनी भीनी [...]

लाल, लाल सूरज क्यो उगता हमे बताओ पापा जी

Ashish Tiwari
लाल, लाल सूरज क्यो उगता हमे बताओ पापा जी ! हाथी, घोड़ा, भालू [...]

ग़ज़ल

OP Agarwal
चलो दीवानगी से दिल लगायें., घड़ी भर को खुशी से दिल लगायें,, है [...]

ग़ज़ल

OP Agarwal
अँधेरों से अगर घबरा रहा हूँ., उजालों से भी धोका खा रहा [...]

पूर्व पर पश्चिम का लिबास कैसा विरोधाभास ?

निर्मला कपिला
कविता पूर्व पर पश्चिम का लिबास कैसा विरोधाभास ? श्रद्धा हो [...]

क्या होता है बचपन ऐसा

निर्मला कपिला
कविता मम्मी से सुनी उसके बचपन की कहानी सुन कर हुई बडी [...]

ऎ वरदा ऎ सौभाग्य वती,— कविता

निर्मला कपिला
आजादी ऎ वरदा ऎ सौभाग्य वती, तेरे अपने घर मे तेरा [...]

~~!!अबोध बालपन!!~~

Durgesh Verma
~~!!अबोध बालपन!!~~ ******************* "स्वयं के, असुरक्षित भविष्य से, [...]

बंद कर लूंगा नजर गर गलती से भी तेरी दीद होगी

Yashvardhan Goel
और ना मेरे रमदान पूरे होंगे न मेरी कोई ईद होगी बंद कर लूंगा [...]

याद जब आती है

दुष्यंत कुमार पटेल
दिल जबसे टूटा है बिखरे है अरमान कहीं और खोया है चैन कहीं अब [...]

*अब जी लो*

Dharmender Arora Musafir
अब जी लो तुम जी भर कर ये समां नहीँ फिर आयेगा बीता पल इस जीवन [...]

इंतज़ार

kamni Gupta
आज भी इंतज़ार में वो आंगण तुम्हारा है, बचपन को तुम्हारे याद [...]

संयोग ……. (अंश पाँच )

डी. के. निवातिया
संयोग ……. (अंश पाँच ) संयोग (अंश पाँच ) {{चन्दन की लकड़ी }} चन्दन [...]

प्रेम……

डी. के. निवातिया
प्रेम प्रेम का पाठ सारी दुनिया पढ़ाये खुद ना इसका सार समझ [...]

कैसे ईद मनाये…??

डी. के. निवातिया
कैसे ईद मनाये…?? रमज़ान के पाक महीने मे इस्लाम के नाम पर [...]

आशियाना ढूंढता हूँ

सन्दीप कुमार 'भारतीय'
उड़ता फिरता हूँ बादलों की तरह, मैं रास्तों से मंजिल का पता [...]

“मुझे लौटा दो”

सन्दीप कुमार 'भारतीय'
मेरी नींदें मुझे लौटा दो, मेरे ख्वाब मुझे लौटा दो, खो गया हूँ [...]

“ईश्वर और मै”

सन्दीप कुमार 'भारतीय'
हर दिन एक नया इन्तेहाँ, हर रात एक नयी चुनौती, हर लम्हा एक नया [...]

वर्षा में नदी

Santosh Khanna
सुस्त-सी पड़ गई नदी अचानक उठ खड़ी होती है वर्षा में वर्षा में [...]

~~!!~~गर~~!!~~

Durgesh Verma
~~!!~~गर~~!!~~ ******************** "ग़र, साँचों में ढले दिन-रात होते, लफ़्जों में [...]

बचपन अच्छा था

Dr ShivAditya Sharma
बचपन अच्छा था, मालामाल थे अब तो भरी जेब में भी फकीरी है खरीद [...]

मेरे साजन तू जल्दी आ

दुष्यंत कुमार पटेल
तू कहाँ है पास आ, उजड़ी दुनिया को मेरे बसा. इस तड़पती हुई [...]

आ वापस इस शहर को

दुष्यंत कुमार पटेल
ढूंढ़ता रहता हूँ तुझे ख्यालो में तेरे इक झलक पाने को यार जाने [...]