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कविता

यथार्थ

Dr. Vijendra Pratap Singh
क्या साथ लाएं थे क्या साथ ले जाएंगे कहते अक्सर लोग जूठे लोग [...]

पिताजी को समर्पित

सन्दीप कुमार 'भारतीय'
“पापा को समर्पित” थाम के नन्हे नन्हे हाथों को मेरे चलना [...]

अंदर का सच

Dr. Vijendra Pratap Singh
अंदर का सच (लघुकथा) बहुत ही सुसभ्‍य, संयंमित, [...]

गाँधी एक बार भारत में

Rita Singh
गाँधी एक बार भारत में फिर से आकर देखो तो, जो फसल तुम बोकर [...]

गौरैया

Dr. Vijendra Pratap Singh
बहुत जगह पढ़ा बहुत लोगों से सुना कि अब गौरैया नहीं [...]

वतन

विनोद कुमार दवे
उस वक़्त का इन्तजार है जब वतन में खुशहाली होगी, पतझर हो या [...]

महाराजा अग्रसेन जी

Dr Archana Gupta
अग्रसेन जयंती पर सभी को बधाई एक कविता ******** द्वापर युग के अंत [...]

जिन्दगी

preeti tiwari
जिन्दगी ये जिन्दगी अक्सर हमे ऐसे मोड पर लाती है.. जहां कुछ [...]

लाल बिंदी …

NIRA Rani
माथे पर मॉ लाल बिंदी लगाती थी बस उसी से मॉ समर्पित दिखलाती थी [...]

सच्चे प्रहरी हो …

NIRA Rani
चैन से हम सो सके इसलिए तुम गश्त लगाते हो शेर की मॉद मे घुसकर [...]

बारिशें

विनोद कुमार दवे
वो बारिशें अब कहाँ मयस्सर हैं, जिनमें नादान शरारतें होती [...]

अब भुगतो (पाक को संदेश )

रवि रंजन गोस्वामी
कहा था हमसे मत उलझो । अब भुगतो । सब्र का प्याला छलक गया । अब [...]

प्यार या पैसा

Versha Varshney
गगन चुम्भी इमारतों के नीचे जो बने होते हैं छोटे छोटे आशियाने [...]

मुखौटा

preeti tiwari
नोंच लेती गर मुखौटा चेहरे पे होता उसने पूरी शख्सियत पे पर्दा [...]

रहते हो दिल के करीब ..रहते हो दिल के पास

NIRA Rani
रहते हो दिल के करीब रहते हो दिल के पास अजनबी सा लगने लगा हर शय [...]

अमर रहे गौरव सेना का

Rita Singh
अमर रहे गौरव सेना का नित सम्मान बढ़ाती जाए । गर्व से शीश उठा [...]

बारिश

रजनी मलिक
बारिश में बरसो बरस अपने , ख्वाबों की धनक, खुद में समेटे, मै [...]

पानी

विनोद कुमार दवे
कभी किसी की आँखों से बरसा है, कभी आसमान से पानी। ज़रा संभाल [...]

चौपाई

Mahatam Mishra
“चौपाई” बाबा शिव शंभू सैलानी, कीरति महिमा अवघड़ दानी बाजत [...]

वीर सपूत देश के

Suksham Mahajan
वीर सपूतों बढे चलो ,देश तुम्हारे साथ है हम सब भी तुमसे ही हैं, [...]

ग़ज़ल ..’.यादें बसी है आज तलक .”

bunty singh
-*-*-*-*-*-*-*-*-*-*-*-*-*-*-*-*-*-*-*-* गुज़रे हुए लम्हात की 'उस पाक साल की यादें बसी [...]

बेटी आ रही है आज

Rita Singh
जब से सुना है पापा ने कि बेटी आ रही है आज, खुशी आँखों में समायी [...]

शहीदों की इच्छा***

Dinesh Sharma
चल दिये अपनी जान वतन पर फिदा करके, सोच रही है तड़पती आत्मा [...]

प्रतिध्वनि

preeti tiwari
कहते है हर शब्द की प्रतिध्वनि सुनाई देती है मैने तो नित [...]

“शब्दों से हारी लो आज मैं “

Dr.Nidhi Srivastava
शब्दों से हारी लो आज मैं , अवतरित हो मेरी कलम से, बह चली जो [...]

ढूंढ़ते है*

रजनी मलिक
*****/ढूंढते है/******* मावस में पूनम की, सहर में शबनम की, निशानी [...]

मेरा प्रेम

preeti tiwari
शब्दो के जोड तोड से गणित की तरह जो हल किया जाये नही है वो [...]

“राह सत्य की”

Ankur Thakor
राह सत्य की जाऊ में ? जो हो सो हो.. हर पल हर दम आती हे राह जीवन [...]

समय बुला दो

Rita Singh
समय बुला दो सुभाष चंद्र को वो 'जय हिन्द' गा कर जोश भरें, खून के [...]

गजल

Sangita Goel
जिंदगी की राह में बनके बेगाना चल दिए लूट कर सुख चैन देखो कर [...]