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कविता

दीवाली

डॉ मधु त्रिवेदी
जब मनाओ दीवाली तुम द्वेष , ईर्ष्या , नफरत जला देना छोड़ चायना [...]

परहितार्थ हम जैसा करते सत्य उसी को:– जितेन्द्र कमल आनंद ( पोस्ट१२२)

Jitendra Anand
कविता ----------+ परहितार्थ हम जैसा करते , सत्य उसी को कहा है जाता [...]

दीपावली

Shubha Mehta
लो आई फिर दीपावली चलो ,इस बार मन के किसी कोने में दीप [...]

इस दिवाली पर

Priyanshu Kushwaha
*** इस दिवाली पर ** ————————— प्रेम का एक दीपक जलाना , इस दिवाली [...]

कर गयी चोट बस एक नजर में दोस्‍तों

मनहरण मनहरण
कर गयी चोट बस एक नजर में दोस्‍तों चेहरे‍ मिले, आँखें [...]

चुप्‍पी तोड़ें

मनहरण मनहरण
चुप्‍पी तोड़ें आतंकियों का धर्म नहीं होता, आईये इनके [...]

दिवाली दिलवाली

preeti tiwari
आओ कुछ अलग सी मनाये दिवाली ना शोर, न धमक, न धमाके वाली कुछ [...]

*तभी समझो दिवाली है*

आनन्द विश्वास
जलाओ दीप जी भर कर, दिवाली आज आई है। नया उत्साह लाई [...]

बूढी दिवाली

preeti tiwari
इक दूजे से पूछे दो बूढी नजरे सवाली आयेगा बेटा क्या ,चंद रोज मे [...]

‘नव कुंडलिया ‘राज’ छंद’ में रमेशराज के व्यवस्था-विरोध के गीत

कवि रमेशराज
|| 'नव कुंडलिया 'राज' छंद'-1 || ------------------------------------- दिन अच्छे सुन बच्चे [...]

‘नव कुंडलिया ‘राज’ छंद’ में रमेशराज के विरोधरस के गीत

कवि रमेशराज
|| 'नव कुंडलिया 'राज' छंद'-1 || ------------------------------------- " जन के बदले नेता को ले [...]

‘नव कुंडलिया ‘राज’ छंद’ में रमेशराज के 4 प्रणय गीत

कवि रमेशराज
'नव कुंडलिया 'राज' छंद' में प्रणय गीत-1 ----------------------------------- जब वो बोले [...]

दिया जलता रहा

NIRA Rani
दिया जलता रहा सचमुच दिया जलता रहा घनघोर स्याह रात थी हॉ [...]

बाबुल की बिटिया

Balkar Singh Haryanvi
बाबुल के आंगन की चिडि़यां ईक दिन तो तुझे उड़ जाना हे, जिसके [...]

प्यार अगर तुमको पाना है

डॉ मधु त्रिवेदी
प्यार अगर तुमको पाना है तो , गले लगाना सीखो आपसी खींचातानी [...]

अश्को का अक्स नजर आया है

NIRA Rani
अक्सर खुद को खुद से फरेब करते पाया है दिल मे कुछ जुबॉ को कुछ [...]

मंगलमय हो आपको दीपों का त्यौहार

मदन मोहन सक्सेना
मंगलमय हो आपको दीपों का त्यौहार जीवन में आती रहे पल पल नयी [...]

बात

डॉ मधु त्रिवेदी
बात जो कहनी है लबों तक आती है कुछ देर ठहर देख तुझे गुम हो [...]

हे माँ सीते !दीवाली पर आ जाना

डॉ मधु त्रिवेदी
हे माँ सीते ! विनती है मेरी घर दीवाली पर आ जाना राम लखन बजरंगी [...]

बौराया बादल

डॉ मधु त्रिवेदी
मै पागल बौराया बादल हूँ. करू छेडाखानी जा मेघों से. कालिदास [...]

फिर उसे मेरी याद आ रही होगी – कुमार विश्वास

MridulC Srivastava
आप आये या बाहर आई नव जीवन नई चाँदनी साथ लाई,तोड़ ही चुके थे इस [...]

रमेशराज के ‘नव कुंडलिया ‘राज’ छंद’ में 7 बालगीत

कवि रमेशराज
क्या है 'नव कुंडलिया 'राज' छंद' ? ----------------------------------------- मित्रो ! 'नव [...]

मत चल मानुष ! उल्टी चालें

Rita Singh
ताटंक छंद मत चल मानुष ! उल्टी चालें एक दिवस पछताएगा । समय [...]

यादें

अनुपम राय'कौशिक'
सोचता रहता हूँ हर पल, अब तो बस बातें तेरी, कैसे थे वो दिन [...]

जगतमें हो कोई न उदास :: जितेंद्रकमलआनंद ( पोस्ट११६)

Jitendra Anand
श्रंगार छंद ------------++ जगत् में हो कोई न उदास । सरस हो हास और [...]

अनेक एक हो जाते हैं( शेष भाग) जितेन्द्रकमल आनंद ( पोस्ट११५)

Jitendra Anand
तब आवश्यकता नहीं रहती मूर्ति अर्चना की / प्रस्तर - वंदना [...]

रिश्ता

Mohsin Aftab Kelapuri
रिश्ता कल उसने पूछ ही डाला तुम आख़िर कौन हो मेरे हमारे [...]

अनेक एक हो जाते हैं ! —–जितेन्द्र कमलआनंद ( ११३)

Jitendra Anand
प्रिय आय्मन ! जब स्वयं का चोला ही रंग जाता है उसके रंग में , तब [...]

याद रखो ! शक्ति का जहॉ होता है दुरुपयोग: जितेंद्र कमल आनंद ( ११२)

Jitendra Anand
याद रखो ( मुक्त छमद कविता ) ----------- प्रिय आत्मन ! याद रखो ! शक्ति [...]

कोई ना जाने……….

MANINDER singh
कोई ना जाने कब वक्त दगा कर जाये, चलती फिरती देह कब मिटटी हो [...]