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कविता

सागर

Anand Khatri
सूक्ष्म की सतह धरे लहर का विकार है अंतः अलंकार पर रतनों का [...]

नारी की फरियाद — कविता

निर्मला कपिला
नारी की फरियाद----- निर्म्ला कपिला मैं पाना चाहती हूँ अपना इक [...]

साया

Rajeev 'Prakhar'
हरे-भरे इक पेड़ से मिलती, हमको शीतल छाया है l लगता ऐसा, सर पर [...]

*खुद को जिसने जाना है*

Dharmender Arora Musafir
खुद को जिसने जाना है ! खुदा को उसने जाना है !! अपना सबको माना [...]

माँ ….कैसे जियूँ तेरे बिन

Dr Archana Gupta
हर माँ की एक ही चाहत , जीवन में बेटा आगे बढ़े बहुत , लगा देती [...]

कवि नहीं हूँ

Dr ShivAditya Sharma
लिखता हूँ पर कवि नहीं हूँ। दिखता हूँ पर सही नहीं हूँ। कुछ [...]

‘चला गजोधर भईस चराई!’

Ashish Tiwari
चला गजोधर भईस चराई, जुग जमाना बदलिगा भाई! लउँडे घूम रहे [...]

आत्मकथा

Ashish Tiwari
न ये कविता है न ये कहानी है , ये सच्चाई है कुछ साल पुरानी है [...]

सोचकर देखो

Brijpal Singh
युग बदल रहा है तुम भी जरा बदल कर देखो मोह-माया से दूर कहीं सीधे [...]

शादी का व्यापार

Arun Kumar
शादी का व्यपार ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ शादी की व्यापार आज कल चरमोत्कर्ष पे [...]

जाग्रति

Arun Kumar
🌅 जागृति ×××××××××××××××××××××××××××× डर दफ़न कर दे कहीं पर ख़ौफ़ को [...]

ख्वाब

sudha Singh
पढ़ रही थी एक किताब , खोई थी मैं उसी जहाँ में ! कोई समझ न पाया, [...]

आज जवाहर बाग़ हमें फिर जलियावाला बाग़ लगा ।

Kavi DrPatel
******************************************* आज जवाहर बाग़ मुझे फिर जलियावाला बाग़ लगा [...]

“बरस जा”

Brijpal Singh
आज कुछ बादल से लगे हैं दूर आसमा पे, शायद मिलेगी राहत हमें इस [...]

गर्मी

sudha Singh
सूर्य दहकता आग सा है, धरती जलती तवे सी! इस गरमी के आगे, फेल हुए [...]

” पर्दा “

Brijpal Singh
घर में है जब पर्दा , बाहर क्यों बेपर्दा ....... आखिर इंसान हूँ मै, [...]

जीवन

Dr Archana Gupta
भीड़ के बीच में अकेला सा जीवन भावों के जंगल में खोया सा ये मन [...]

जल

sudha Singh
धरा निर्जल सूखा गंगा जल प्यासा मन दुःख भरा [...]

स्त्री

sudha Singh
स्त्री है ये थक नहीं सकती है ये रुक नहीं सकती है ये आये जो कोई [...]

जब तुम नहीं हो (अतुकांत )

Ankita Kulshreshtha
"जब तुम नहीं हो" 󾁆 󾁆 󾁆 󾁆 कल तुम अपनी राह पर जाओगे साथ गुजारा [...]

“रुको नहीं”

Brijpal Singh
लहरें आती है आने दो लहरों को, ढा रही कहरें तो ढा जाने दो कहरों [...]

बाबुल

Suresh Kant Sharma
बाबुल की सोन चिरैया अब बिदा हो चली महकाएगी किसी और का [...]

हे प्रिये ! अपना कान लाओ तो जरा…

हरीश लोहुमी
हे प्रिये, ये मेरे हस्ताक्षर की हुईं कुछ खाली चेकें हैं, मेरे [...]

प्रतीक्षा

Semant Harish
“नींद अटकी रही दरवाज़े पर....... झूलती रही वक्त की खुली सांकल [...]

जिंदगी के उस मोड़ पर

शिवदत्त श्रोत्रिय
कवि:- शिवदत्त श्रोत्रिय जिंदगी के उस मोड़ पर(यह कविता एक [...]

-:मिलन की आहट:-

प्रकाश यादव निर्भीक
मेघा आज सफ़ेद लिबास में चाँद को लपेटकर अभी अभी शाम को अनंत [...]

“तुम ही हो”

Archana Singh
मेरे जीवन के सुरभित गीत का आगाज तुम ही हो। मेरी धड़कन में बजते [...]

अंग दान

Beena Lalas
सुन ऐ मेरे अभिन्न अंग,लिया था जन्म मेंने तुमको भी साथ लेकर [...]

कहती गई

Laljee Thakur
सच तेरी मुहब्बत में हमेशा,मैं यूँ ही बहती गई , मुहब्बत की [...]

दृढ़ निश्चय

प्रतीक सिंह बापना
ऐ मन तू जिसे खोजता है वो तेरे भीतर ही तो कही छुपा है वो [...]