साहित्यपीडिया पर अपनी रचनाएं प्रकाशित करने के लिए यहाँ रजिस्टर करें- Register
अगर रजिस्टर कर चुके हैं तो यहाँ लोगिन करें- Login

कविता

मंगल नववर्ष मनाएंगे

राष्ट्रकवि आलोक पान्डेय
गाँव-गाँव में शहर-शहर में, कैसी छायी उजियाली है; खेतों में अब [...]

21वीं सदी का इन्सान

Raj Vig
गली मे आज फिर लगी है भीड़ कत्ल हुआ है इन्सानियत का देखती रह [...]

ढोंगी पाखंडी

लक्ष्मी सिंह
💓💓💓💓💓💓 धर्म और संन्यास की आड़ में, साधु का छिपा आसली [...]

*** मुझे निभृत चाहिए ***

भूरचन्द जयपाल
मुझे निभृत चाहिए या जीवन का अवसान सियरान हो जाये मेरा [...]

जिक्रे उल्फत

RASHMI SHUKLA
जिक्रे उल्फत का कुछ ऐसा नजारा था, मेरा सारा वक़्त उनका और उनका [...]

आँचल संभाल कर चलना : कविता

Radhey shyam Pritam
आँचल संभाल कर चलना हवाएँ तेज हैं। कमसिन उम्र की होती ये [...]

!!–जिस तन लागे वो ही जाने–!!

अजीत कुमार तलवार
दर्द उसी को होता है, जिस को चोट लगती है दुनिया का क्या वो तो [...]

लगन ये कैसी ?

डॉ०प्रदीप कुमार
" लगन ये कैसी"? --------------------- लगा के मेंहदी डाल के घूँघट ! नाची आज [...]

*** अज्ञान तिमिर ***

भूरचन्द जयपाल
जीवन में अज्ञान-तिमिर का फैला है विस्तृत मैदान कौन हटाये [...]

“हम चलते रहे”

Dr.Nidhi Srivastava
कितने ठहराव रहे जिन्दगी के मगर हम चलते रहे। देख साहिल दूर [...]

!! मृत्यु से कैसा डर !!

अजीत कुमार तलवार
क्यूं करें खौफ मृत्यु से जिस का आना निश्चित है न जाने कितने [...]

!! सत्संग !!

अजीत कुमार तलवार
आज न जाने कितने होते सत्संग, हमारे आस पास और दुनिया भी आती [...]

*दिलजलों की तो जलने की आदत होती है *

भूरचन्द जयपाल
कल्बे-सोजा जलते रहेंगे मुहब्बत के चिराग से दिल का हाल पूछो [...]

#### उठो जवानो ….. !

दिनेश एल०
(((( उठो जवानो ! )))) नहीं सोओ अब रण बाँकुरे सोकर क्यों वक्त [...]

{{{{ इंसानीयत }}}}

दिनेश एल०
(((( इंसानीयत )))) हक़ीक़त जान कर भी क्यों अंजान हैं सब [...]

नव वर्ष

जगदीश लववंशी
।।। अग्रिम बधाइयाँ, सबका हो शुभ नव वर्ष ।।। जब आम में आये [...]

***** भूल *****

दिनेश एल०
[[[[ भूल ]]]] @ दिनेश एल० "जहिंद" भूलना था जिन नादानियों को उन्हें [...]

[[[[ गुम होती मानवता ]]]]

दिनेश एल०
((( गुम होती मानवता ))) @ दिनश एल० "जैहिंद" एक तरफ खुदा है [...]

नवरात्र साधना पर्व

Rajesh Kumar Kaurav
आ गया पर्व साधना का, नवरात्रि के नाम से। शक्ति उपासना करके [...]

***लफ्ज***

Dr Meenaxi Kaushik
लफ्जों के ना होते दाँत फिर भी लेते हैं ये काट, दीवारें खडी [...]

***लफ्ज***

Dr Meenaxi Kaushik
लफ्जों के ना होते दाँत फिर भी लेते हैं ये काट, दीवारें खडी [...]

** सच तो सच है **

भूरचन्द जयपाल
सच मैं किसको कहूं जो दिखाई देता है उसे या जो समझ में नहीं आता [...]

कविताएँ

ashok dard
वक्त की हुंकार यह कैसी वक्त की हुंकार मिलती है | हो रही [...]

मोहब्बत पे इतनी निगरानी ठीक नहीं …..

Awneesh kumar
मोहब्बत पे इतनी निगरानी ठीक नहीं ये तुम्हारी इतनी मेहरबानी [...]

!!~ हे गंगा माँ तुझ बिन सब प्यासे ~!!

अजीत कुमार तलवार
अगर तू नहीं तो कैसे बुझेगी प्यास इस जग की तू है तो जिदगी है सब [...]

!! सब की मांग बेटा, बेटी क्यूं नहीं ? !!

अजीत कुमार तलवार
बेटी पैदा होते ही, कुछ प्राणियों को सांप सूंघ जाता है बेटा [...]

!!~ पान और गुटखा बन्द -शराब क्यूं नहीं ?~~!!

अजीत कुमार तलवार
क्यूं ? नहीं लग जाता पूर्णतया प्रतिबन्ध अब शराब के कारोबार [...]

*** जल -बिन मीन ***

भूरचन्द जयपाल
रैन गयी रमता-रमता दिवस भयो परभात जिण मिलना था मिली गया वा [...]

सियासत

Veerendra Krishna
पिछली सरकारों ने लूटा, हम भी छटपटा रहे हैं काम तो कुछ किया [...]

शादियाँ

Veerendra Krishna
लोग़ कहते हैं...... जिसकी जहां लिखी होती है, वहीं होती है [...]