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कविता

मैं मृत कहलाऊंगा

Bikash Baruah
शायद यह मेरा अंतिम क्षण है होंठ सुख गए है शरीर शीतल हो गया [...]

जो सच पूछो तो जीने को फ़क़त इतनी जरुरत है !**************

Anurag Dixit
जो सच पूछो तो जीने को फ़क़त इतनी जरुरत है !************** रहने को छत, दो [...]

कामयाबी

sudesh Kumar
देखो जरा रोज बादल छाते है आजकल काग भी सुरीली राग गाते हैं [...]

शायद

प्रतीक सिंह बापना
शायद किसी दिन मैं उस भीड़ भरे कमरे के उस पर देख पाऊंगा वो जानी [...]

प्रश्न चिन्ह

Neelam Sharma
प्रश्न चिह्न? मैं कहाँ खड़ी हूँ? एक पथ है दो राहों का जिससे [...]

दी है

Neelam Sharma
ज़ुबां पर बंदिशें देखो, नीलम तुमने ही लगा दी हैं, हां,चाहत में [...]

वजूद

Varsha Jain
एक ही पटरी पर दौड़ती जिंदगी रोजमर्रा की जद्दोजहद से गुजरती [...]

“आनंद ” की खोज में आदमी

DESH RAJ
“आनंद” की महकती मीठी दरिया में सुधबुध खोकर बहते चले गए , जाना [...]

गजल

Sandhya Chaturvedi
जागती रात अकेली -सी लगे। तन्हाई एक सहेली-सी लगे। मुद्दतो से [...]

न जन्म से न धर्म से

Yash Tanha Shayar Hu
न जन्म से न धर्म से, इंसान बनता है अपने कर्म से, जब कभी होता है [...]

सुन ले

Yash Tanha Shayar Hu
जितने भी चालाक लोग है सुन ले, अब मैं तुम्हें सजा देना चाहता [...]

तू तो कठपुतली है उसका………

रोहित शर्मा
लाख कर ले चालाकी, तू उससे बच न पायेगा। समझा नहीं है रब को, तू [...]

“*”*अब तो दरस दिखा दो *”*”

Ranjana Mathur
श्यामल घटा आच्छादित है नभ। तडित भी दमकत है चहुंओर।। बदरा [...]

सच की राहें

Maneelal Patel
यह किसने कह दिया कि सच की राहें मुश्किल है ? जबकि झूठ और फरेब [...]

देशभक्ति

sudesh Kumar
मेरे विचारों से जलना छोड़ दो जलना ही है तो सरहद पर जाकर [...]

=_= असत् पर सत् की विजय =_=

Ranjana Mathur
दंभ आडम्बर छल प्रपंच का परिचायक था रावण। सत्य पौरुष मर्यादा [...]

सत्य छिपा है,प्रकट होता है,हौसला व जुनून चाहिए

Mahender Singh
***सत्य छिपा है, झूठ के मजबूत खोल में, हौसला और जुनून [...]

जीवन का शाश्वत सत्य

रोहित शर्मा
जीवन का शाश्वत सत्य भोर की बेला हुई, दिनकर की पलके [...]

देश पूँछता कहाँ विभीषण

Laxminarayan Gupta
छाती सह्ती नित पद प्रहार होती सहिष्णुता तार तार हम बन कर [...]

खूनी गीत

RAJESH BANCHHOR
************************* जब भी मैंने कलम उठाया ! लिखने को कोई गीत नया !! कलम [...]

जीना सीख लिया है।

रीतेश माधव
बे-रंग नहीं रहेगी अब ज़िंदगी... मैंने रंग बदलना सीख लिया [...]

*” जिओ और जीने दो “*

Mahender Singh
*"जिओ और जीने दो"* आखिर कब तक मातम मनाते रहोगे, गाड़ी चलाते हुए [...]

*”समाज निजता में बाधक है”*

Mahender Singh
मैं कह न सका, हिचक मेरे मन में थी, वह सह न सकी, काफ़िर कह आगे बढ़ [...]

वेदना

डा. सूर्यनारायण पाण्डेय
'वेदना' कष्ट का पर्याय नहीं अपितु 'शक्ति' का स्रोत है। एक [...]

तुम्हारे लिए

RAJESH BANCHHOR
********************* जन्मदिवस के रूप में यह दिन सुहाना आया है हर दिल पर [...]

उम्मीदों के पुल

Raj Vig
देर से ही सही आ गया हूं उन राहों मे जहां मिलने लगा है सकून [...]

==खुशियाँ बांटता चल==

Ranjana Mathur
छोटी सी जिन्दगी है बिता दे हंसने हंसाने में बता क्या मिलेगा [...]

मेरा सदग्रंथ कहे ये बारंबार

Ashutosh Jadaun
ये अश्क होते मोती , ये नयन होता सागर । ये झुल्फे होती बादल , ये [...]

पाक तेरा क्या होगा अंजाम

Vindhya Prakash Mishra
क्या होगा अंजाम पाक तेरा क्या होगा अंजाम कोई तेरी औकात नही [...]

जीवन क्षणभंगुर

Maneelal Patel
आया है तो , जाएगा जरूर । जीवन तो है यारा, क्षणभंगुर। कौन जाने [...]