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कहानी

नस्लें (प्रतिनिधि कहानी)

महावीर उत्तरांचली
"अरे भाई ये किसकी लाश है? हमारे बरामदे में क्यों रख रहे हो? [...]

जि़द….!!

yashwant viran
एक साधारण जिद्दी कहानी......"जिद...!!" नवाब साहब के एक हादसे में [...]

प्रेम का ज्वार-१

अजय कुमार मिश्र
भाग-१- प्रेम का ज्वार ----------------- प्रीति बेलि जिनी अरुझे [...]

जीवन धारा

आशीष त्रिवेदी
जब मि . गुप्ता ने कैफे में प्रवेश किया तब मि . खान और मसंद का [...]

बालकहानी – घमंडी सियार

ओमप्रकाश क्षत्रिय
घमंडी सियार ओमप्रकाश क्षत्रिय "प्रकाश" काननवन में एक [...]

बेटियां

mohit kumar
एक बार घटित हुआ वो किस्सा फिर उसने शोर मचाया सबको जगाया जग जग [...]

गलती का एहसास- कहानी

जयति जैन (नूतन)
" रिश्ते-नाते तोड दीये" - मुकदमा एकसाल तक चला। आखिरकार करुण और [...]

मान

आशीष त्रिवेदी
विभा के माथे पर सदैव सिंदूरी बिंदी सजी रहती थी. वह बड़े चाव से [...]

दीयों में जल रहा बचपन

इंदु वर्मा
"साहब साहब 10 के छः हैं ले लीजिये न एक दम पक्के हैं देखो तो [...]

**** प्रोफेशनल कोर्स में प्रवेश ****

Raju Gajbhiye
सर ! आपका संस्थान का प्रोफेशनल कोर्स में प्रवेश यह विज्ञापन [...]

ये मेरा दोष है?

manisha joban desai
ये मेरा दोष है? अपने वार्डरोब से जल्दी से साड़ी निकालकर पहन [...]

हवेली

आशीष त्रिवेदी
वृंदा जिस समय हवेली पहुँची वह दिन और रात के मिलन का काल था. [...]

लकीर

आशीष त्रिवेदी
इन गलियों में रमन ने पहली बार कदम रखा था। मेकअप लगाये झरोखों [...]

वेलकम होम

आशीष त्रिवेदी
कार तेज़ी से अपने गंतव्य की ओर बढ़ रही थी। कार की पिछली सीट पर [...]

बांझ

Kokila Agarwal
सुमन गर्म कपड़ो का संदूक खोले कितनी देर से बैठी थी। बेटे का [...]

खुशियों का खजाना

आशीष त्रिवेदी
बात तकरीबन बीस वर्ष पुरानी है। यह मोहल्ला लोअर मिडिल क्लास [...]

मेरा आत्मसम्मान

manisha joban desai
मेरा आत्मसम्मान मेरा आत्मसम्मान रात ऐसे मध्यम सी ढल रही [...]

मेरा विश्र्वास

manisha joban desai
मेरा विश्र्वास यूॅंही माेल में घूमते हुए आठ बज चुके [...]

शाम का साया

manisha joban desai
शाम का साया तेज दौड़ती हुई ट्रेन की खिड़की के पास बैठी हुई [...]

समजौता

manisha joban desai
समझौता अभी तो सुबह के ८- ३० हुए थे ।। जल्दी तैयार होकर नित्या [...]

कुछ तूटा है दिलमें…

manisha joban desai
कुछ टूटा है दिल में .... मानसी बहेेती नदी की लहरों को रेलिंग के [...]

स्वरिता

manisha joban desai
'अरे ,चलो देर हो रही है 'कहते हुँऐ अंगना अपनी छोटी सी बेटी [...]

फौजी परिवार

हेमा तिवारी भट्ट
वे दुःख भरे अनुभव फिर ताजा हो गये|मैं चार माह की गर्भवती थी,जब [...]

थप्पड़….

विनोद सिन्हा
एक छोटी सी कोशिश..।।।। थप्पड़.....।।। व्हील चेयर पर बैठी [...]

कागज़ की कश्ती

आशीष त्रिवेदी
आज कुछ बच्चों को कागज़ की नाव चलाते देख कर मुझे मेरा बचपन याद [...]

क्या करे

Kokila Agarwal
क्या करे---- खुशी , कैसी खुशी अर्जित कर रहा था अखिल जो किसी के [...]

अंतहीन यात्रा

Kokila Agarwal
शरीर, क्या है, बस जन्म लेने का माध्यम या फिर एक सौभाग्य भी जन्म [...]

नंगे पांव

Kokila Agarwal
अंजिली आखिर कितनी देर आंसुओं से तन मन भिगोती , रात कब तक अपनी [...]

कैसे कैसे रंग

आशीष त्रिवेदी
दरवाज़ा खोला तो सामने जो शख्स खड़ा था कुछ पहचाना सा लगा। याद [...]

सौर

आशीष त्रिवेदी
दिनेश को आज घर लौटने में देर हो गयी थी। जूते उतार कर वह पलंग पर [...]