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कहानी

निर्मम रिश्ते

पं.संजीव शुक्ल
))))निर्मम रिश्ते(((( ============== बड़े ही रौबदार आवाज में शारदा देवी ने [...]

विवशता से समझौता

पं.संजीव शुक्ल
*))))* बिवसता से समझौता*((((* ***************************** कितना बेबस था चेतन ,उसकी [...]

डिफ़ाल्टर

drpraveen srivastava
डिफाल्टर प्रवीण कुमार हमारे गाॅव में एक परमानन्द जी का [...]

अनुग्रह माँ अम्बे की

पं.संजीव शुक्ल
अनुग्रह माँ अम्बे की......... ................................ एक मासूम सा चेहरा [...]

अब चिट्ठियाँ नहीं आतीं

प्रदीप तिवारी 'धवल'
अब चिट्ठियाँ नहीं आतीं सभागार दिमाग में विचारों की भांति [...]

बापू खैनी न खाइयो

drpraveen srivastava
बापू खैनी न खैय्यो शाम के धंुधलके में एक झोपड़ी से मध्यम [...]

रोज कुआं खोदते रोज पानी पीते दिहाड़ी मजदूर –व्यंगात्मक कथा

drpraveen srivastava
रोज कुआं खोदते रोज पानी पीते दिहाड़ी मजदूर । प्रात : काल जब [...]

जिंदगी एक खुली किताब

drpraveen srivastava
जिन्दगी एक खुली किताबः यह कथानक एक ऐसे ईमानदार डाक्टर की [...]

बिरजू एवं शरणार्थी

drpraveen srivastava
बिरजू और शरणार्थी उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश की सीामा [...]

उदार हृदया अंकिता जी एवं आलोक का प्रायश्चित

drpraveen srivastava
उदार हदया अंकिता एवं आलोक का प्रायश्चित जीवन के 35 बंसत देख [...]

मोनू की कहानी

drpraveen srivastava
मोनू की कहानी समय अबाध गति से चल रहा था । कालचक्र अपने मे [...]

भोजपुरी कहानी- सखी

आकाश महेशपुरी
सखी **** खेदारू के बिआह फूला संघे बड़ी धूमधाम से भइल। बिदाई के [...]

माँ

आकाश महेशपुरी
माँ -------------------- टूटी खाट पर बैठी बुढ़िया चिल्लाए जा रही थी। [...]

पक्का

Anurag Dixit
पक्का साबरमती एक्सप्रेस छुक छुक करती हुई अपनी गति से चली जा [...]

मँझली बेटी

drpraveen srivastava
मँझली बेटी बंजारों की दुनिया अद्भुत होती है । न भविष्य की [...]

क्यों उड़ गई ?

Ranjana Mathur
-= क्यों उड़ गई =- ‌ जून का महीना था। घर की छत पर पड़ोस से आ [...]

दुखी मन मेरे

drpraveen srivastava
दुखी मन मेरे यह कहानी उन मानसिक रोगियों को सर्मपित है। [...]

दादा जी का अविस्मरणीय ऋण

drpraveen srivastava
दादा जी का अविस्मरणीय ऋण बहुत समय पहले की बात हैं। वर्षा [...]

अनहोनी

drpraveen srivastava
अनहोनी अचानक सड़क पर एक चीख सुनाई पड़ती है । छ्ज्जे परखड़े [...]

अनंत की यात्रा —

drpraveen srivastava
अनंत की यात्रा गाँव के गलियरों मे बच्चो का शोर गुल थमने का [...]

अतिथि तुम कब आओगे

drpraveen srivastava
अतिथि तुम कब आओगेः शायं का समय था। मैं एक पक्के आलीषान [...]

प्रायश्चित

drpraveen srivastava
प्रायश्चित शीतकाल प्रारम्भ है, रात्रीकी चादर सुबह का [...]

डिफ़ाल्टर

drpraveen srivastava
डिफाल्टर प्रवीण कुमार हमारे गाॅव में एक परमानन्द जी का [...]

***गुरु बिन ज्ञान नहीं***

N M
**रोज की तरह अध्यापिका कक्षा में प्रवेश करती हैं सभी बच्चों [...]

मंझली बेटी.

drpraveen srivastava
मँझली बेटी---डा प्रवीण कुमार श्रीवास्तव Quote Post by admin » Mon Aug 28, 2017 4:08 pm [...]

जहाँ सुमति ——–

drpraveen srivastava
           जहां सुमति ................ गोधूलि की बेला थी , गाँव –गाँव [...]

मेरा बंगला

Ranjana Mathur
मोनू दोस्तों से तन कर बोला-"फिकर न कर मैं ले आता हूँ तेरी [...]

परदेशी पुत्र

राहुल कु
आज वर्षों बाद रामु अपने गाँव वापस आ रहा था | ज्योँहि वो रिक्सा [...]

आफत…..

शालिनी साहू
आफत... शाम का वक्त था बाजार की रौनक शुरू ही हुई थी कि मेरा [...]