साहित्यपीडिया पर अपनी रचनाएं प्रकाशित करने के लिए यहाँ रजिस्टर करें- Register
अगर रजिस्टर कर चुके हैं तो यहाँ लोगिन करें- Login

हाइकु

वो चेहरा

रजनी मलिक
"शराफत का करामाती ताला है सीरत पर" "अनजान सी नज़रें है [...]

हाइकू

ओमप्रकाश क्षत्रिय
~बचपन~ -------------- उम्र बढी. है लौटा है बचपन बूढा. है तन ॥ ___________ खोई [...]

हाइकू

ओमप्रकाश क्षत्रिय
सूरज रचें धरा पर मेहंदी खिलते फूल. ---------- वधु लगाए हाथों पर [...]

हाइकु

Sajan Murarka
सक्रांति के हाइकु पर्व त्यौहार उत्साहीत अपार प्रथा [...]

||बदहाल किसान |हाइकू ||

Omendra Shukla
||बदहाल किसान |हाइकू || “पालनहार होता विमुख आज अधिकारों से [...]

जीवन

Neeru Mohan
१ जिंदगी है एक खेल कभी विरह कभी मेल। २ जीवन रंगीन है [...]

*** कभी कभी ***

भूरचन्द जयपाल
कभी कभी मौत भी हम से इतनी खुश होती है और कहती है जा [...]

सुखद पल

ABHISHEK SHARMA
नीला अमर महकती बगिया सुखद पल बहता पानी नदिया के किनारे [...]

खुबसूरत हाईकु

Vandaana Goyal
💐💐💐💐💐💐जय माँ शारदे💐💐💐💐💐💐 -------------------------------------------------------------------- [...]

ओस

Rajiv Goel
पिघला चाँद टपका बूंद बूंद बन के ओस करें श्रृंगार कमसिन [...]

जीवन पथ

ABHISHEK SHARMA
************************ जीवन पथ संभल मुसाफिर बदली दिशा --- शीत लहर कोहरे का [...]

वाह रे नोट —हाइकु —डी. के. निवातिया

डी. के. निवातिया
वाह रे नोट कभी लगे तू प्यारा सबसे न्यारा । । कभी जग को दिखे [...]

मेरे कुछ हाइकु

Anil Shoor
मेरे कुछ हाइकु *अनिल शूर आज़ाद सूरज छिपा घिरने लगी [...]

चंद हाइकु

Anil Shoor
चंद हाइकु *अनिल शूर आज़ाद गांधी कहते सच अहिंसा श्रम मानव [...]

हे कृष्णा …… * गोविन्द कहूं

पूनम झा
हे कृष्णा ...... * गोविन्द कहूं मुरलीधर कहूं क्या फर्क [...]

हाइकु

rajkishor mishra'raj' pratapgadhee
बिकने लगे कल्पित समुंदर भावनाओं में =============== सीखो [...]

हद से बढ़ा

Sonika Mishra
हाइकु :- हद से बढ़ा ! वो सरहद पर ! आकर खड़ा !! आज है भरा ! हमारे [...]

शिखरिनी ( हाइकू):: जितेंद्रकमलआनंद: जग असार( पो ७७)

Jitendra Anand
शिखरिनी छंद ------------------ जग असार किंतु परम ब्रह्म । हैं [...]

शिखरिनी छंद( हाइकू ) जितेंद्रकमलआनंद: गुरु सकाश( पोस्ट७६)

Jitendra Anand
शिखरिनी छंद: ------------------ गुरु सकाश ( ध्यान ) करिए प्रात: शाम । [...]

शरद पूर्णिमा

डॉ मधु त्रिवेदी
आज रात को निकलेगा पूनम चाँद फिर से चारों दिशाएँ महक [...]

आशाओं की कस्तूरी…

त्रिलोक सिंह ठकुरेला
1. कोसते रहे समूची सभ्यता को बेचारे भ्रूण 2. दौड़ाती [...]

*कुछ हाइकु*

आनन्द विश्वास
*कुछ हाइकु* ...आनन्द विश्वास 1. हमने माना पानी नहीं बहाना तुम [...]

हाइकू

Mahatam Mishra
“हाइकू” नव रजनी नव रूप धारिणी जै नव चंडी॥-1 भक्त [...]

पितृ पक्ष

डॉ मधु त्रिवेदी
हाइकू पक्ष पितृ में याद उनको आप कर लीजिये 2 क्वार माह में [...]

हाइकू

डॉ सुलक्षणा अहलावत
एक प्रयास हाइकू का 1. दिल की बात कह ना सके हम मिला ना [...]

“माँ “

सन्दीप कुमार 'भारतीय'
माँ की ममता, ईश्वर उपहार, है अनमोल। माँ का आँचल, टाल दे हर [...]

चाँद (हाइकू )

डॉ मधु त्रिवेदी
1 चाँद पर मैं बना के एक बस्ती संग रहूँगी 2 कर सिंगार [...]

हाइकू

Mahatam Mishra
हाइकू” शिक्षा शिक्षा बेहतर है शिक्षा ले लो शिक्षा॥-1 [...]

विद्रू्पताएँँ

Dr. Gopal Krishna Bhatt 'Aakul'
1 संस्‍कार होंगे राम राज्‍य के स्‍वप्‍न साकार होंगे 2 बेच [...]

इतराती सी

डॉ मधु त्रिवेदी
इतराती सी पनघट को जाती बलखाती सी गागर धरे मटकाय कमर पनघट [...]