साहित्यपीडिया पर अपनी रचनाएं प्रकाशित करने के लिए यहाँ रजिस्टर करें- Register
अगर रजिस्टर कर चुके हैं तो यहाँ लोगिन करें- Login

गज़ल/गीतिका

दुनिया को हादसों में,,

ashfaq rasheed mansuri
दुनिया को हादसों में गिरफ़्तार देखना। जब देखना हो दोस्तों [...]

किसी कबीले ना सरदार के भरोसे हैं,

ashfaq rasheed mansuri
किसी कबीले ना सरदार के भरोसे हैं। सर अपने आज तलक दार के भरोसे [...]

अपने दिल में आग लगानी पड़ती है,

ashfaq rasheed mansuri
अपने दिल में आग लगानी पड़ती है। ऐसे भी अब रात बितानी पड़ती [...]

अपनी ग़ज़लों को,,

ashfaq rasheed mansuri
अपनी ग़ज़लों को रिसालों से अलग रखता हूँ, यानी ये फूल ,किताबों [...]

दुश्मनों के नगर में,

ashfaq rasheed mansuri
दुश्मनों के नगर में घर रखना। उसपे ऊँचा भी अपना सर [...]

दहेज की आग

डॉ सुलक्षणा अहलावत
ज्वालामुखी सी सुलगती रहती है ये दहेज की आग, हमने कानून बना [...]

फ़लक़ से मिस्ले परिंदा,,

ashfaq rasheed mansuri
फ़लक से मिस्ले परिंदा उतर भी सकता है। तू जिस अदा से उडा था उतर [...]

वृक्ष

Neeraj Purohit
वृक्ष ||||||||||| पेड़ होते भूमि की नित--------शान हैं। सृष्टि का भूलोक [...]

ज़मीं पर नीम जां यारी पड़ी है,

ashfaq rasheed mansuri
ज़मी पर नीमजाँ यारी पड़ी है। इधर खंजर उधर आरी पड़ी है।। मेरे ही [...]

गज़ल :– दिल दरवाजा खोल रखा है !!

Anuj Tiwari
ग़ज़ल :-- दिल दरवाजा खोल रखा है !! बहर --222----221---122 !! ! तुम आयोगी बोल [...]

जिंदगी हर कदम आजमाती रही।

pradeep kumar
मैं सँभलता रहा ये गिराती रही। जिंदगी हर कदम आजमाती [...]

उस वक़्त मेरी आँख में

Manjeet Bhola
उस वक़्त मेरी आँख में नमी ना रहेगी जिस वक़्त मेरे यार की कमी ना [...]

मजदूर

डॉ सुलक्षणा अहलावत
दुनिया में जो शख्स सबसे ज्यादा मजबूर है, ऐ दोस्त! वो शख्स और [...]

भोर के पल ढूंढा करता हूँ……..

Ramesh chandra Sharma
गीतिका काली कजराई रातों में भोर के पल ढूँढा करता [...]

दिल उसपे आया सवेरे-सवेरे

आनंद बिहारी
मैं सो कर उठा था, सवेरे-सवेरे कि दिल उसपे आया सवेरे-सवेरे रज़ [...]

तुझे याद रखा है मैंने …………( ग़ज़ल )

डी. के. निवातिया
हर ख़ुशी हर एक गम में, तुझे याद रखा है मैंने ! तेरी यादो का [...]

सिसकता बचपन

डॉ सुलक्षणा अहलावत
इन सड़कों पर सिसकता बचपन देखा मैंने, फटे कपड़ों से झांकता तन [...]

आपसे हूँ गुलजार

डॉ मधु त्रिवेदी
आपसे हूँ अब गुलजार खुदा जाने क्यों हर बुरे वक्त तू आधार खुदा [...]

अक़ीदत झूठ की करता नहीं मैं

Mahesh Kumar Kuldeep
अक़ीदत झूठ की करता नहीं मैं बदी के रास्ते चलता नहीं मैं मुझे [...]

नजर के तीर

डॉ मधु त्रिवेदी
नजर के तीर तो चलाये प्यास पर बुझी नहीं संभल -संभल के वो चली तो [...]

प्यार ठुकरा कर

डॉ मधु त्रिवेदी
धूप में छाँव सी रोज राहत भी हो मुस्कराते हुए दिल की चाहत भी [...]

हो गई है

डॉ मधु त्रिवेदी
जवानी से शिकायत हो गई है अभी तुम से मुहब्बत हो गई है लबों को [...]

भी होगा

डॉ मधु त्रिवेदी
लोट पास मेरे फिर आना भी होगा हाल-ए जिगर सब समझाना भी [...]

एक हो तो परवाज़

Yashvardhan Goel
लिख दूँ तो हाल बन जाता है मुस्कुरा दूँ तो राज़ कितनी हैं [...]

एक ख़्वाब है तू अगर पूरा हो जाये

Yashvardhan Goel
दिन दिन सा हो जाये रात जागी सो जाये एक ख़्वाब है तू अगर पूरा हो [...]

करने वाला प्यार दिवाना भी होगा

Dr Archana Gupta
करने वाला प्यार दिवाना भी होगा दुश्मन उसका मीत जमाना भी [...]

*जिन्दगी*

Dharmender Arora Musafir
ईश्वर का उपहार जिन्दगी एक निराला प्यार जिन्दगी साहस और लगन [...]

खामोश अकसर जब भी मैं रहता हूँ

kamni Gupta
खामोश अकसर जब भी मैं रहता हूँ। तुम समझते हो मैं चुप ही रहता [...]

दिल ने रोका चलने को

Yashvardhan Goel
तुझे खोने के ढूंढे थे पाने के रास्ते मिले दिल ने रोका चलने [...]

हम इतने दीवाने निकले

आनंद बिहारी
लोग हमें समझाने निकले हम इतने दीवाने निकले नज़रें मिली,बात [...]