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गज़ल/गीतिका

*अश्क*

Dharmender Arora Musafir
अश्क आँखों में दबाना सीख ले दर्द में भी मुस्कुराना सीख [...]

“फासला”

रजनी मलिक
"अहसास वो अधूरा जताना जरुर था। हम बस तुम्ही से है बताना जरुर [...]

बहुत खूबसूरत वो कमसिन हसीना

yaqub azam azam
बहुत खूबसूरत वो कमसिन हसीना किया जिसने मुश्किल बहुत मेरा [...]

ग़ज़ल (गज़ब हैं रंग जीबन के)

मदन मोहन सक्सेना
ग़ज़ल (गज़ब हैं रंग जीबन के) गज़ब हैं रंग जीबन के गजब किस्से लगा [...]

तेरी चाहत तेरी वफ़ा ले जाय

yaqub azam azam
तेरी चाहत तेरी वफा ले जाय जाने किस सिम्त ये नशा ले जाय इस कदर [...]

मिल रहे हैं सभी बेरुखी से…

सोमनाथ शुक्ल
मिल रहे हैं सभी बेरुखी से पूछिये मत किसी को किसी से ये खुशी [...]

मन

Neeraj Purohit
सादर नमन आज के प्रयास से बने छंद। छन्द---- विमोहा (मपनीयुक्त [...]

नही जल्दी कोई आहिस्ता चाहिये

Kapil Kumar
नही जल्दी कोई आहिस्ता चहिये इश्क़ ए खुदा का बस पता [...]

चलने की तैयारी रख

बसंत कुमार शर्मा
भले सभी से यारी रख थोड़ी दुनियादारी रख जो भी कह तू मुँह [...]

साहिलों ने हमें सूखी हुई………

Ramesh chandra Sharma
साहिलों ने हमें सूखी हुई नदी समझा; हमको हर दौर ने गुजरी हुई [...]

जो अपने थे कभी मुझको तो सारे याद रहते हैं

चन्‍द्र भूषण मिश्र ‘ग़ाफ़िल’
भले तुझको नहीं उल्फ़त के किस्से याद रहते हैं मुझे हर [...]

दिले घन श्याम लिक्खा है

rajkishor mishra'raj' pratapgadhee
मापनी : 1222 1222 1222 1222 काफ़िया : आम रदीफ़ : लिक्खा है =================================== कहे [...]

कोई तो आज पूछो आकर ये मालियों से

Dr Archana Gupta
कोई तो आज पूछो आकर ये मालियों से कैसे बचायें उपवन अपना वो [...]

जीवन में कुछ खोया भी —– गज़ल

निर्मला कपिला
जीवन में कुछ खोया भी लेकिन ज्यादा पाया भी नफरत की चिंगारी [...]

खुशियों का भंडार अपना परिवार

डॉ सुलक्षणा अहलावत
सभी खुशियों की चाबी मनुष्य का अपना परिवार है। कोई दुःख छु भी [...]

मुहब्बत में दर्द बड़ा खाली लगता है

Yashvardhan Goel
बहुत ढूंढा इश्क़ को पानी लगता है मुहब्बत में दर्द बड़ा खाली [...]

आन लाइन है

yaqub azam azam
मुहब्बत आन लाइन है इनायत आन लाइन है चलो गूगल पे देखें हर [...]

मृत्यु के बाद

डॉ सुलक्षणा अहलावत
मौत होते ऐ आदमी की आड़े सब किमै ऐ बदल जावै स, जिसकै काँधे प थी [...]

मेरा ये हुक्म है सांसों

Er Anand Sagar Pandey
ताज़ा गज़ल- मेरा ये हुक्म है सांसों मेरा ये हुक्म है सांसों [...]

आ कर तो देखो

मिलन चौरसिया
कभी मेरी बाहों में आ कर तो देखो, ज़रा मुझको अपना बनाकर तो [...]

आइना खुद को दिखाना आ गया

Mahesh Kumar Kuldeep
आइना खुद को दिखाना आ गया राब्ता सच से निभाना आ गया जब से हम [...]

वेश्या

डॉ सुलक्षणा अहलावत
दिन में उसकी गली बदनाम रहती है, रात को रहती है आबाद, देकर चंद [...]

**ख्वाबों की फस्लें आज भी मैं बोया करता हूं**

Er Anand Sagar Pandey
एक पुरानी गज़ल- **ख्वाबों की फसलें आज भी मैं बोया करता [...]

आइना

yaqub azam azam
किसलिये जाता वहॉ लेकर मै अपना आइना शह्रे नाबीना को आखिर क्या [...]

दिन शायराने आ गए…….

Ramesh chandra Sharma
यूं लगा दिन ज़िंदगी में शायराने आ गए अब गज़ल के काफिये हम को [...]

ना जाने कितनी थकानों के बाद निकले हैं,,

ashfaq rasheed mansuri
न जाने कितनी थकानों के बाद निकले हैं। ये रास्ते जो ढलानों के [...]

चाँद दिन में निकलने लगा है !!

Dinesh Dave
चाँद दिन में निकलने लगा है!! चाँद दिन में निकलने लगा है वो तो [...]

रात

yaqub azam azam
सिर पे चूनर डाली रात गिर गयी कान की बाली रात चॉद सितारे मेरे [...]

चॉद गज़ल

yaqub azam azam
आसमान का तन्हा चॉद कितना दिलकश प्यारा चॉद आशिक की नज़रों से [...]

शह्र के शह्र हो गए पत्थर!

शुभम् वैष्णव
शह्र के शह्र हो गए पत्थर। अब तो कोई नहीं यहाँ रहबर। हू ब [...]