साहित्यपीडिया पर अपनी रचनाएं प्रकाशित करने के लिए यहाँ रजिस्टर करें- Register
अगर रजिस्टर कर चुके हैं तो यहाँ लोगिन करें- Login

गज़ल/गीतिका

आप सालिब से प्यार करते हैं

Salib Chandiyanvi
दश्मनों से मिला नहीं करते दोस्तों से गिला नहीं करते खूब [...]

नारी

डॉ सुलक्षणा अहलावत
ईंट पत्थर गारा तै बणै मकान नै घर बनावै स वा, फेर बखेर कै प्रेम [...]

मैं सालिब हूँ तू आशूतोष क्यों है

Salib Chandiyanvi
चलो माना मुहब्बत भी नहीं है नज़र लर्ज़ां ज़बां खामोश क्यों [...]

प्यार करने में क्या बुराई है

Salib Chandiyanvi
--------------------- जब कभी याद.. तेरी आई है इक कली दिल की मुस्कुराई [...]

दरमियाँ अपने ये पर्देदारियाँ

चन्‍द्र भूषण मिश्र ‘ग़ाफ़िल’
जल रहीं जो याँ दिलों की बस्तियाँ कब गिरीं इक साथ इतनी [...]

बदनसीबी कहाँ ले आई है

Dr Archana Gupta
बदनसीबी कहाँ ले आई है गम की बारात साथ लाई है तार जब हों जुड़े [...]

गजल

manan singh
#गजल# *** नहीं चाहता जो कराती, बता दे, अलग राह तू क्यूँ चलाती [...]

दृग बाण से उर भेद कर

अंकित शर्मा 'इषुप्रिय'
*गीतिका* दृग बाण से उर भेद कर पलकें झुका कर चल दिये। फिर से [...]

गीतिका

अंकित शर्मा 'इषुप्रिय'
*गीतिका* उम्र बीतती जा रही, भज ले मुरलीधर। छोड जगत की चाकरी, [...]

हमसे कभी जब बात वो दो चार करेंगे

Dr Archana Gupta
हमसे कभी जब बात वो दो चार करेंगे हम प्यार का अपने तभी इजहार [...]

जगह दिल में बनाना जानते है

आनंद बिहारी
जगह दिल में बनाना जानते है याराना भी निभाना जानते [...]

जय हिंदी जय हिंदी नारा हम सब खूब लगाते हैं

Dr Archana Gupta
हिंदी ***** जय हिंदी जय हिंदी नारा हम सब खूब लगाते हैं बड़े बड़े [...]

सियासी राग

pradeep kumar
सियासी राग गाया जा रहा है। हमें उल्लू बनाया जा रहा है।। [...]

ग़ज़ल

Krishna Kumar Naaz
हर वक़्त हूँ किसी न किसी इम्तिहान में शायद इसीलिए है ये [...]

ग़ज़ल

Krishna Kumar Naaz
हर वक़्त हूँ किसी न किसी इम्तिहान में शायद इसीलिए है ये [...]

मेरा सादा सा दिल है और सादी सी ही फ़ित्रत है

चन्‍द्र भूषण मिश्र ‘ग़ाफ़िल’
जला है जी मेरा और उसपे मुझसे ही शिक़ायत है न कहना अब के ग़ाफ़िल [...]

गीतिका/ग़ज़ल

Mahatam Mishra
मापनी- २,२,२,२,२,२,२,२, पदांत- किया जाता है , समान्त- आन “गीतिका- [...]

क्यों जब दान किया जाता है

Dr Archana Gupta
क्यों जब दान किया जाता है तब ही मान किया जाता है अपने सुख [...]

दो चार करेंगे

डॉ मधु त्रिवेदी
हम आपसे आँखे फिर दो चार करेंगे हर रोज नये रूप में स्वीकार [...]

चाँद फिर

Deepesh Dwivedi
चाँद फ़िर बढ़ते-बढ़ते घट गया है सफ़र भी मुख्त्सर था कट गया [...]

ग़ज़ल/गीतिका

kalipad prasad
एक ग़ज़ल आई जब तू जिन्दगी हँसने लगी तू मेरे हर सपने [...]

सपनो से बहुत गुफ़्तगू रहती है मेरी

Yashvardhan Goel
सपनो से बहुत गुफ़्तगू रहती है मेरी कभी खुली कभी बंद आँखों में [...]

कशमकश भी सजदे में तेरे झुकी

Yashvardhan Goel
साँस थामकर रुकी बात आँखों ने कही दिल मिलने की शुरुआत हसरत पे [...]

इश्क़ होता तो रुकता

Yashvardhan Goel
हर बार वही झुकता सही था गलत बता के निकल लिया इश्क़ होता तो [...]

ग़मों की दुनिया तलाश लोगे बुरा करोगेे

Salib Chandiyanvi
ग़मों की दुनिया तलाश लोगो बुरा करोगे अलेहदा सबसे रहा.. करोगे [...]

बरसे बरसे बरखा बरसे

MANINDER singh
बरसे बरसे बरखा बरसे, पिया मिलन को जिया तरसे, घनघोर बदरिया [...]

गुरु महिमा

Neeraj Purohit
आधार छंद - दोहा मात्रा भार - (13, 11) मुखड़े के दोनों पद तुकान्त [...]

ग़ज़ल ( क्या जज्बात की कीमत चंद महीने के लिए है )

मदन मोहन सक्सेना
दर्द को अपने से कभी रुखसत ना कीजिये क्योंकि दर्द का सहारा [...]

गीतिका/ग़ज़ल

Mahatam Mishra
एक गीतिका/गजल.............मात्रा भार-26 “गीतिका/गजल” घास पूस लिए [...]

हम ग़रीबों से भला अब आपको क्या काम है

Salib Chandiyanvi
आपको जब ताकने का आँख पर इलज़ाम है ये बताऐं दिल हमारा किस लिये [...]