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गज़ल/गीतिका

“गज़ल”

raja singh
“गज़ल” प्यार में कभी सोचने की फुर्सत नहीं रही, मिलने पर बात [...]

गीतिका : प्रभु की चाहत से यह चंदन जैसा मन हो जायेगा ( पोस्ट २०)

Jitendra Anand
गीतिका :: प्रभु की चाहत से यह चंदन जैसा मन हो जायेगा प्रभु की [...]

फूल – सी कोमल गुलाबी ताज़गी ले आइए ( ग़ज़ल) पोस्ट १९

Jitendra Anand
ग़ज़ल ::: फूल - सी कोमल गुलाबी ताज़गी ले आइए जोड़ दे जो दो [...]

समर्पण:::: जो कलमकार पीते रहे हैं गरल ( ग़ज़ल) पोस्ट १८

Jitendra Anand
समर्पण ::: ग़ज़ल जो कलमकार पीते रहे हैं गरल है समर्पित उन्हीं [...]

मेरे दर पर वो आया नहीं कभी

डॉ सुलक्षणा अहलावत
मेरे दर पर वो आया नहीं कभी, आकर गले से लगाया नहीं कभी। राह [...]

गजल(सरहद)

manan singh
#गजल# *** होंगे उनके ढ़ेरों मकसद भूल गये हैं वे अपनी [...]

हर सुबह दीया बुझाता हूँ

manan singh
हर सुबह दीया बुझाता हूँ शाम होते फिर जलाता हूँ।1 टूटते रहते [...]

दिल मेरा आपका हो गया

Dr Archana Gupta
खुद से ही मैं जुदा हो गया दिल मेरा आपका हो गया बोलता झूठ [...]

पीट कर मुझे तुम मर्द बनते हो

डॉ सुलक्षणा अहलावत
पीट कर मुझे तुम मर्द बनते हो, तनते हो मेरे ही सामने, भूल गए उन [...]

बंध सात फेरों के बंधन में

डॉ सुलक्षणा अहलावत
बंध सात फेरों के बंधन में, प्रिये तुम आई जीवन में, अब तुम्हें [...]

कभी भी चोट अपनों से ,यहाँ जब दिल ने’ खायी है

Dr Archana Gupta
कभी भी चोट अपनों से ,यहाँ जब दिल ने' खायी है न जाने पीर क्यों [...]

राहो में हम अब तुम्हारी क्यों आये/मंदीप

Mandeep Kumar
राहो में हम अब तुम्हारी क्यों आये, बेवजय किसी की याद में आँसू [...]

ना मै हिन्दू हूँ ना ही मुसलमान/मंदीप

Mandeep Kumar
ना मै हिन्दु हूँ ना ही मुस्लमान , जब मै आया था तो सिर्फ एक [...]

क्या कहूँ मैं शब्द नहीं हैं मेरे पास व्यथा व्यक्त करने को

डॉ सुलक्षणा अहलावत
क्या कहूँ मैं शब्द नहीं हैं मेरे पास व्यथा व्यक्त करने [...]

गीतिका

manan singh
अभी तो बस जरा हमने कला अपनी दिखायी है समझ में लग रहा उसको भली [...]

सासों में सासे अब गुलने लगी/मंदीप

Mandeep Kumar
सासो में सासे अब गुलने लगी/मंदीप बातो में बात अब मिलने [...]

मेरे खुदा/मंदीप

Mandeep Kumar
मेरे खुदा/मंदीप बिन मांगे सब कुछ दे देता मेरे खुदा, बिन [...]

पूछ रहा है रावण कब तक मुझे ही जलाते रहोगे

डॉ सुलक्षणा अहलावत
पूछ रहा है रावण कब तक मुझे ही जलाते रहोगे, कब तक अपने दोषों को [...]

अपने अंदर बसे रावण को जलाते हैं

डॉ सुलक्षणा अहलावत
चलो इस बार कुछ ऐसा दशहरा मनाते हैं, बस अपने अंदर बसे रावण को [...]

अंतर्मन में एक शोर मचा हुआ है

डॉ सुलक्षणा अहलावत
अंतर्मन में एक शोर मचा हुआ है, स्वार्थ का शिकंजा कसा हुआ [...]

अमीरों की बनकर रही रौशनी है

siva sandeep garhwal
अमीरों की बनकर रही रौशनी है, गरीबों के हिस्से मे बस तीरगी [...]

गजल(लूट का धंधा करें जो वे सभी रहबर हुए)

manan singh
लूट का धंधा करें जो वे सभी रहबर हुए जिंस कुछ जिनकी नहीं है आज [...]

डर लगता है

विनोद कुमार दवे
डर लगता है इन रातों से, इन रातों से डर लगता है, कब कौन कहाँ कैसे [...]

है खुमारी अभी’ हम पर चढ़ी’ तरुणाई की

Dr Archana Gupta
है खुमारी अभी' हम पर चढ़ी' तरुणाई की इसलिये भाती' हमें बात भी' [...]

तमन्नाओ की बन्दिशे

preeti tiwari
तमन्नाओ की बन्दिशे अब गायी नहीं जाती मुहब्बत के शेर सब औंधे [...]

मेरे शब्द/मंदीप

Mandeep Kumar
मेरे शब्द/मंदीप मेरे शब्द मेरी पहचान बताते, मेरे ही शब्द [...]

दोरे-हाजिर से डर रहा हूँ मैं,

siva sandeep garhwal
दोरे-हाजिर, से डर रहा हूँ मै, रोज बेमौत मर रहा हूँ [...]

नाम जवानी लिख देंगे …….डी. के. निवातियां

डी. के. निवातिया
नाम जवानी लिख देंगे ....... हम देश प्रेमी है, अपनी जान हथेली रख [...]

अपने से होते है

डॉ मधु त्रिवेदी
सारे बुजुर्ग अपने से ही होते है बस बच्चों के सहारे ही होते [...]

मैं ख़ुश्बू हूँ बिखरना चाहता हूँ

चन्‍द्र भूषण मिश्र ‘ग़ाफ़िल’
तू जाने है के मरना चाहता हूँ? मैं ख़ुश्बू हूँ बिखरना चाहता [...]