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गज़ल/गीतिका

चर्चा करें मीडिया वीर

बसंत कुमार शर्मा
हो जाये जनता चुनाव में, थोड़ा सा भी यदि गंभीर सही लोग आयेंगे [...]

दोस्त ग़म-ख़्वारी में मेरी सई फ़रमावेंगे क्या

rahul tiwari
दोस्त ग़म-ख़्वारी में मेरी सई फ़रमावेंगे क्या ज़ख़्म के [...]

हर सफर में मुस्कुराना चाहिए

लोधी डॉ. आशा 'अदिति'
फ़ासलें दिल के मिटाना चाहिए फूल होठों पर खिलाना चाहिए हर दुआ [...]

राम से

विजय कुमार नामदेव
ेशर्म की कलम से हर चमन और हर कली के नाम से, हैं आज कल कुछ रोज [...]

** कब तलक **

भूरचन्द जयपाल
💐 ****२४.५.२०१६*****🎂 **** ***** स्वारथ के वशीभूत होकर आज [...]

गज़ल :– ज़ख्म मेरे ही मुझे सहला रहे हैं ।।

Anuj Tiwari
गज़ल :-- ज़ख्म मेरे ही मुझे सहला रहे हैं ।। बहर :- 2122--2122-2122 ख्वाब बन [...]

दिल से जरा गुजरना साहब

बसंत कुमार शर्मा
कष्टों से क्या डरना साहब रोज रोज क्या मरना साहब लगे हुए हम [...]

महिला

Pravin Tripathi
🙏🏵 *अंतराष्ट्रीय महिला दिवस पर मातृशक्ति को नमन करते हुए एक [...]

तो किस्मत हार जाती है

बसंत कुमार शर्मा
लगन से की गई मेहनत, नहीं बेकार जाती है अगर दम कोशिशों में [...]

कब तक छुपाओगे ये प्यार………..कुछ भी नही “मनोज कुमार”

मनोज कुमार
कब तक छुपाओगे ये प्यार प्यार बिना कुछ भी नही | कुछ तो करो तुम [...]

फासला भी हुआ है

ashok ashq
अदावत हुई फासला भी हुआ है वफ़ा का अभी सिलसिला चल रहा है कहें [...]

ग़ज़ल।हौसलें मेरी जिंदगी के ।

राम केश मिश्र
ग़ज़ल।हौसलें मेरी जिंदगी के।। हौसलें मेरी ज़िंदगी के थे नही [...]

. . . मेरी इक गज़ल

Pradipkumar Sackheray
ऐ मेरी ज़ानु , मैं क्यां ज़ानु ? तु युं हसती क्यूं हैं ? गैर [...]

भूल तो होती रहे इंसान से

Dr Archana Gupta
भूल तो होती रहे इंसान से पर खफा सा वो रहे भगवान से उम्र में [...]

II नसीबा हि दुश्मन…..II

संजय सिंह
नसीबा हि दुश्मन हमारा हुआ है l जहां डूबी कश्ती किनारा हुआ है [...]

हज़ल

विजय कुमार नामदेव
हज़ल। भूरे लोग करिया लोग। तपे हुए है सरिया लोग।। ज्यादा शान [...]

प्रेम की कहानी

Radhe Tomar
मेरे प्रेम की कहानी मेरा दिल सुना रहा है, कभी खुल के हँस रहा [...]

हर साँझ सुरमई है

बसंत कुमार शर्मा
हर भोर है सुहानी, हर साँझ सुरमयी है जब से मिले हैं तुमसे, [...]

. . . और मेरी इक गज़ल

Pradipkumar Sackheray
उस बेख़बर को अब ये ख़बर नहीं हैं । इस बेसबर को ज़िने में सबर [...]

** आसमां में सर अब उठा चाहिए **

भूरचन्द जयपाल
जिंदगी को अब विराम चाहिए आदमी को अब आराम चाहिए कशमकश [...]

गजल : एक रंग है खून का

Radhey shyam Pritam
कुछ लोग हैं जो अहंकार लेकर आए हैं। हम तो अपने दिल में प्यार [...]

. . . और भी इक मेरी गज़ल

Pradipkumar Sackheray
झुठी - फ़रेबी तारिफ़ों से ख़ुश वो होने लगी । अंज़ाने , मुझसे [...]

निशाँ ढूंढते हैं…..

CM Sharma
लोग मेरी ज़िन्दगी का निगेहबाँ ढूंढते हैं... अफसानों में मेरे [...]

मेरा हमदम आज…..

Tejvir Singh
🌹🌻 ग़ज़ल 🌻🌹 🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹 मेरा हमदम आज मुझको वो निशानी दे [...]

मेरा प्यार भाई पवन के नाम

shyam Vyas
दूर हो के भी मेरे आस पास होता है। मेरा भाई हमेशा मेरे साथ साथ [...]

जिन्दगीं में और आफत अब न हो

बसंत कुमार शर्मा
हो चुकी जो भी सियासत अब न हो मुल्क से मेरे बगावत अब न हो आपको [...]

** गीतिका **

पूनम झा
जिंदगी लगती कभी सीधी तो,कभी आरी है। पूरी जिन्दगी इस गुत्थी [...]

** गीतिका **

पूनम झा
जिंदगी लगती कभी सीधी तो,कभी आरी है। पूरी जिन्दगी इस गुत्थी [...]

क़ैद में रो रहा उजाला है…

पंकज परिंदा
उनके चेहरे पे तिल जो काला है उसने कितनों को मार डाला [...]

अदब

Ramkumar Ramarya
किसी' इस्कूल की बेजान सी' मजलिस जैसे!! अदब है शहरे ख़मोशां की [...]