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गज़ल/गीतिका

तन्हाईयां (ग़ज़ल)

ISHWAR DAYAL GOSWAMI
ज़िन्द़गी का हौस़ला , तनहाईयाँ । काव्य की सुंदर कला, [...]

राष्ट्र-भक्ति गीतिका

ISHWAR DAYAL GOSWAMI
शस्य-श्यामला इस धरती को , बारम्बार प्रणाम है । हरे-भरे-से इन [...]

ग़ज़ल

ISHWAR DAYAL GOSWAMI
ज़मानें ये जब भी ज़मानें न होंगे । तराऩें ये तब भी पुरानें न [...]

अपना के मुझको, ठुकरा ना देना

कृष्णकांत गुर्जर
अपना के मुझको,ठुकरा ना देना| हँसाके के मुझको ,रुला तू ना [...]

गज़ल :– बेवजह लोग गंगा नहाते रहे ।।

Anuj Tiwari
तरही गज़ल :-- बेवजह लोग गंगा नहाते रहे । बहर :-- 212--212--212--212 मीठे सपने [...]

** गीतिका **

पूनम झा
हे सूर्य, क्यों अपनी उष्णता बढ़ा रहे हो। धीरे-धीरे अपना उग्र [...]

**** आसमां भी नीचे झुक जायेगा_____ !!!!

दिनेश एल०
गजल /दिनेश एल० "जैहिंद" आसमां भी नीचे झुक आएगा जो दिल में भर [...]

के लिए

मधुसूदन गौतम
गजल की शक्ल में कलम घिसाई 212 212 212 212 कौन डरता यहाँ निज कफन के [...]

II…आजकल बदला ये मौसम…II

संजय सिंह
सोच कर ही वोट दो, या नोट को खर्चा करो l कान से सुन मन गुनो, फिर जा [...]

उँगलियाँ उठेगी वफ़ा पर तुम्हारी

ashok ashq
दिलों में उतरता नज़ारा नही है मगर ये सफ़र छोड़ आना नही है गुजर [...]

तेरे ग़म को बांट लूं – अजय कुमार मल्लाह

Ajay Kumar Mallah
तेरे ग़म को बांट लूं तो हासिल हो जाए जन्नत, मिले तु जो रब से [...]

कोई है जो मेरे दिल में रहता है

संदीप शर्मा
एक गजल कोई है जो मेरे दिल में रहता है वो हरदम मुझको अपना सा [...]

उलझन – अजय कुमार मल्लाह

Ajay Kumar Mallah
मैं तो लड़खड़ाता हूँ तु चलता चाल में होगा, नहीं मालूम है [...]

चिड़िया का घोंसला

DESH RAJ
“ चिड़िया ” घोंसला छोड़कर आसमान से पार उड़ गई ,हम बस देखते रह गए [...]

गम तो बांटो जरा किसी के

बसंत कुमार शर्मा
नीर भरी हैं उसकी अँखियाँ बीत रहीं हैं चुप-चुप रतियाँ साजन [...]

“जिंदगी”

Prashant Sharma
जिंदगी हमेशा मजबूर नहीं होती। किस्मत हमेशा भरपूर नहीं [...]

जिंदगी किस्सा किसी के प्यार का

संदीप शर्मा
एक गजल जिंदगी किस्सा किसी के प्यार का अक्स है वो भी किसी [...]

आबरू बच गई मुहब्बत की

ashok ashq
आग फिर इश्क़ की लगाया है बज़्म में यूँ मुझे बुलाया है आबरू बच [...]

है समाज का दर्पन कविता

बसंत कुमार शर्मा
जीने का अवलंबन कविता मेरे दिल की धड़कन कविता कसी हुई है गति [...]

वो मुझमें रहती है – अजय कुमार मल्लाह

Ajay Kumar Mallah
कल ख़्वाब में मिली मुझसे तो कह रही थी वो, मेरी कुछ हरकतों से [...]

ग़ज़ल

ISHWAR DAYAL GOSWAMI
एक नेता ने कहा है, आएंगे अब दिन अच्छे । प्यार के गीत ही गाएंगे, [...]

#### रिश्तों से भी कटकर कोई सजता है क्या,,,,,,,,

दिनेश एल०
#ग़ज़ल /दिनेश एल० "जैहिंद" 2222 2222 2222 परिवारों से भी हटकर कुछ बनता [...]

** गीतिका **

पूनम झा
भवन सुंदर लगता दिखने में । अच्छा लगता उसमें रहने में [...]

तराना

sunil soni
भूल सकते है नही कोई तराना आपका । दर्दे गम की दास्तां है हर [...]

चर्चा करें मीडिया वीर

बसंत कुमार शर्मा
हो जाये जनता चुनाव में, थोड़ा सा भी यदि गंभीर सही लोग आयेंगे [...]

दोस्त ग़म-ख़्वारी में मेरी सई फ़रमावेंगे क्या

rahul tiwari
दोस्त ग़म-ख़्वारी में मेरी सई फ़रमावेंगे क्या ज़ख़्म के [...]

हर सफर में मुस्कुराना चाहिए

लोधी डॉ. आशा 'अदिति'
फ़ासलें दिल के मिटाना चाहिए फूल होठों पर खिलाना चाहिए हर दुआ [...]

राम से

विजय कुमार नामदेव
ेशर्म की कलम से हर चमन और हर कली के नाम से, हैं आज कल कुछ रोज [...]

** कब तलक **

भूरचन्द जयपाल
💐 ****२४.५.२०१६*****🎂 **** ***** स्वारथ के वशीभूत होकर आज [...]

गज़ल :– ज़ख्म मेरे ही मुझे सहला रहे हैं ।।

Anuj Tiwari
गज़ल :-- ज़ख्म मेरे ही मुझे सहला रहे हैं ।। बहर :- 2122--2122-2122 ख्वाब बन [...]