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दोहे

कुछ नये दोहे

अमित मौर्य
1-- धन को काला कह रहे, देखो अपना रूप, लाइन वो भी लग रहे, कल तक जो [...]

मेरे 20 सर्वश्रेष्ठ दोहे

महावीर उत्तरांचली
ग़ज़ल कहूँ तो मैं 'असद', मुझमे बसते 'मीर' दोहा जब कहने लगूँ, [...]

सिमटी हैं कलियाँ अगर

RAMESH SHARMA
छोड़ रही हर क्षेत्र में , आज बेटियां छाप ! कहने वाले क्यूं कहें, [...]

ये अपना गणतंत्र

RAMESH SHARMA
कहलाता गणतंत्र का, दिवस राष्ट्रीय पर्व ! होता है इस बात का [...]

बेटियाँ

avadhoot rathore
बेटियाँ ठुमकत अँगना,तुतले-तुतले बोल, छम-छम पायल की छमक,छिन [...]

राजनीति के छल-कपट,

sushil yadav
संग तुम्हारा छोड़ के,कहीं न जाती नाथ गठबन्धन निभती रहे [...]

नशामुक्ति

डॉ.मनोज कुमार
भारत भर में हो सफल, नशामुक्ति अभियान | मानव की श्रृंखला से, [...]

दोहा

Santosh Nema
ईश्वर सबके साथ है,पकडे सच का हाथ वो त्यागता उन्हें जो,खड़े झूठ [...]

” फिर आ गए चुनाव”

RAMESH SHARMA
फिर आयी गति में स्वयं,,आरक्षण की नाव! निश्चित भारत वर्ष [...]

कथा के बैंगन

Gope Kumar
***************** कथा बाँचते एक दिन ** पंडित गोप कुमार बैंगन के अवगुन [...]

गोकुल मे गोपाल

RAMESH SHARMA
राधा से थीं पूछतीं , सखियाँ एक सवाल ! तुम्हे बुलाएं किसलिए, [...]

राजनीति मे भाग

RAMESH SHARMA
सेवा करने को चले,..बनकर सेवादार ! राजनीति का कर रहे,वो देखो [...]

खायी दिल पर चोट

RAMESH SHARMA
भँवर आज गहरा गया,.. ..खायी दिल पर चोट ! गई निकल कर साफ़ जब, इक कागज़ [...]

कितने पंछी मर गये

RAMESH SHARMA
कनकौओं की डोरियां,तनीं रहीं बन बाण ! पंछी दिनभर सैकड़ों, हुए आज [...]

उड़ती रहे पतंग

RAMESH SHARMA
सूर्य उत्तरायण चले, मन में जगी उमंग !! भरें रंग आकाश में, .उड़ती [...]

दोहे रमेश के, मकर संक्रांति पर

RAMESH SHARMA
मकर राशि पर सूर्य जब, आ जाते है आज ! उत्तरायणी पर्व का,......हो [...]

रँगा चुनावी रंग में, नया नया ये साल

Dr Archana Gupta
रँगा चुनावी रंग में, नया नया ये साल नेता जी भी अब नये , बिछा [...]

शीत लहर मे हाल

RAMESH SHARMA
टूटी-फूटी झोपडी, ठण्डी का आघात ! कैसे कटे गरीब की,बिना रजाई [...]

लोहड़ी की हार्दिक शुभकामनाएं

Dr Archana Gupta
लोहड़ी का त्यौहार है, सर्द सर्द सी रात जलती इसमें आग जब ,लगती [...]

नजरों में गिरना नहीं, कभी किसी के यार !

RAMESH SHARMA
नजरों में गिरना नहीं, कभी किसी के यार ! दौलत से इज्जत बड़ी, मिले [...]

लालबहादुर सा छुआ,किसने यहाँ मुकाम

RAMESH SHARMA
लालबहादुर सा छुआ,किसने यहाँ मुकाम ! छोटे शासन काल में,किये [...]

”बेटी पर दुमदार दोहे”

शिवानन्द सिंह 'सहयोगी'
.. ** बेटी पर दुमदार दोहे ** बेटी बेटी माँ ननद भावज सास पतोह आजी [...]

दिल से उपजाऊ नहीं, ..कोई और जमीन

RAMESH SHARMA
दिल के जैसा आज तक, नजर न आया खेत ! कुछ भी बो कर देख लो, मिलता सूद [...]

लथपथ है जब खून से, पूरा ही अखबार

RAMESH SHARMA
लथपथ है जब खून से, पूरा ही अखबार ! उस पर रखकर रोटियां, कैसे खाएं [...]

विश्व हिंदी दिवस पर

RAMESH SHARMA
हिंदी मेरे देश की, मोहक मधुर जुबान ! इसका होना चाहिए, दुनिया [...]

दहशत है व्यापार (दोहे )

RAMESH SHARMA
क्या समझेंगे बेअदब, .होता है क्या प्यार ! जिनका जीवन जुल्म है, [...]

बढे शहर की ओर अब (दोहे )

RAMESH SHARMA
बढे शहर की ओर अब,पढ़े लिखों के पाँव ! सूना सूना हो गया ,..प्यारा [...]

तिनका- तिनका …..

sushil yadav
तिनका तिनका ` तिनका-तिनका तोड़ के ,रख देता है आज बस्ती दिखे अकड़ [...]

मन भीतर क्या झांकता ,

sushil yadav
ज्ञान जला तन्दूर मंजिल तेरी पास है ,ताके क्यूँ है दूर चुपड़ी [...]

क्या खोया क्या पाया ….

sushil yadav
क्या खोया क्या पाया .... कुनबा सभी गया बिखर,बनता तिनका जोर एक [...]