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दोहे

प्यारा अपना गाँव (दोहे)

RAMESH SHARMA
खेत मेढ कच्ची सड़क,पीपल की वो छाँव !  खोकर खुद ही खोजता,प्यारा [...]

सत्ता से होता नही (दोहे)

RAMESH SHARMA
सत्ता से होता नही,कोई बडा रमेश! ड्रामा यू पी का यही,देता है [...]

कैलेण्डर नववर्ष का (दोहे)

RAMESH SHARMA
कैलेण्डर नववर्ष का,देख विगत का रोय ! दीवारों पर टांग कर,. कौन [...]

आया नूतन वर्ष है (दोहे)

RAMESH SHARMA
चुग्गा चुगने आ गई,...चिडियों की बारात !  आशा की लेकर किरण,आया [...]

तकियों को मेरे खुदा (दोहे)

RAMESH SHARMA
तकियों को मेरे खुदा, ...देता अगर जुबान ! हो जाता हर अश्क का, [...]

चन्द अध्यात्मिक दोहे:

DrRaghunath Mishr
प्रियतम मैं जाऊं कहाँ, दिशाहीन हूँ आज. है कोई मेरा नहीं, बस [...]

अनुरोध सोलह/सतरह से

avadhoot rathore
नमन करहिं नव बरस कहिं,अउर करहिं अनुरोध, सतरह तिहरे शासन हिं [...]

दवा मानकर ही सही (दोहे )

RAMESH SHARMA
दवा मानकर ही सही, गटक गए दुख लोग ! कालेधन का मुल्क से, कटे शीघ्र [...]

दोहे रमेश के नववर्ष पर (२०१७ )

RAMESH SHARMA
पन्नो मे इतिहास के, लिखा स्वयं का नाम ! दो हजार सोलह चला,..यादें [...]

उतरी जो मस्तिष्क में (दोहे)

RAMESH SHARMA
उतरी जो मस्तिष्क में,... यादों की बरात ! आये झटपट हाथ में, कागज़ [...]

आजाएगा जलजला (दोहे)

RAMESH SHARMA
आजाएगा जलजला, खोली अगर जुबान! चुप हूँ तो महफूज हैं,राजनीति का [...]

मानवता सिखला गए (दोहे)

RAMESH SHARMA
मानवता सिखला गए, दे दी हंसकर जान ! ईसा को इस त्याग ने, बना दिया [...]

तेरह ग्यारह क्रम रहे (दोहे)

RAMESH SHARMA
तेरह ग्यारह क्रम रहे,चरण चार पहचान! शिल्प भाव लय के बिना,दोहा [...]

दोहे प्रेम के

Radhey shyam Pritam
तू जो देखे हँस मुझे,जीवन सुधर जाए। फूल खिलें ज्यों प्रेम [...]

दाेहे

Rajpal Singh Gulia
हिम्मत जुटा वजीर ने ,खरी कही जब बात ! राजा की शमशीर ने ,बतला दी [...]

भले बुरे के बीच का (दोहे )

RAMESH SHARMA
भले बुरे के बीच का, ऐसे समझें फर्क ! जैसे बच्चों के लिए, माता [...]

कहने को तेईस हैं,.दोहों के प्रारूप !

RAMESH SHARMA
कहने को तेईस हैं,......दोहों के प्रारूप ! करे भावना व्यक्त हर, [...]

दांत किटकिटाते दोहे

akhilesh soni
निकल आये संदूक से स्वेटर, मफलर, टोप। ठंड भी ज़िद पे अड़ी, रोक सके [...]

कालेधन के नाम कुछ दोहे

बसंत कुमार शर्मा
© बसंत कुमार शर्मा भैंसें काली हैं मगर, देतीं दूध सफ़ेद [...]

दोहे

kalipad prasad
नोट बंद जब से हए, लम्बी लगी कतार बैंकों में मुद्रा नहीं, जनता [...]

दोहे रमेश के

RAMESH SHARMA
माँ से बेटा हर समय, करे जहाँ पर क्लेश ! उस घर मे होती नही, बरकत [...]

कुछ दोहे

Dr Archana Gupta
बिन सोचे समझे नहीं , करना भारत बंद अच्छे दिन अब दूर हैं , बस [...]

दोहे

kalipad prasad
प्रभु मेरे क्या हो गया, पटरी नीचे ट्रेन स्वर्ग सिधारे लोग सौ, [...]

काला धन कागज हुआ

RAMESH SHARMA
नाजायज जायज लगे, जायज न्याय विरुद्ध ! जहाँ भावना मर्म की, [...]

लो काला धन बचाय

NIRA Rani
कहे कबीरा आज तक धन को रहत लुकाय पल भर मे घोषित करो सब कोई [...]

मत करिए उपहास

RAMESH SHARMA
जिस पनघट के नीर से, सदा बुझायी प्यास ! उसका भूले से कभी, ...मत [...]

दोहे रमेश शर्मा के

RAMESH SHARMA
कितना भी समझाइये, दें कितने भी तर्क ! घडा रहा चिकना अगर, नहीं [...]

लक्ष्य बड़ा है देश हित, धीरज रखिये आप। जरा जरा सी बात पर, करिये नहीं विलाप।।

Rakesh Dubey
लक्ष्य बड़ा है देश हित, धीरज रखिये आप जरा जरा सी बात पर, करिये [...]

दोहे रमेश के दिवाली पर

RAMESH SHARMA
संग शारदा मातु के, लक्ष्मी और गणेश ! दीवाली को पूजते, इनको सभी [...]

दोहे ताजा घटनाक्रम पर

RAMESH SHARMA
बाजारों में मच गया, जमकर हाहाकार ! आतंकी हैं खौफ में,.. जनता है [...]