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दोहे

ज्ञान /प्रेम

बृजेश कुमार नायक
बाँँटे ज्ञान "बृजेश" नित, बन अशोक जयमाल | कमियों पर चिंतन करे [...]

राष्ट्र की पीड़ा

बृजेश कुमार नायक
दुःख-दरद के संग में, दिखी भूख की पीर| कैसे बोले राष्ट्र का, [...]

दोहे-एकादश

Rajendra jain
बसंत(फागुन) पर देखिए हमारा प्रयास.... दोहे-एकादश शरद विदाई [...]

‘सहज के दोहे

DrMishr Sahaj
अन्दर से बेशक हुआ, बिखरा - चकनाचूर. चेहरे पर कम ना हुआ,पर [...]

‘सहज’ के दोहे

DrMishr Sahaj
जीवन है अनमोल यह, इसको नहीं बिगाड़. यह है दुर्लभ से मिला,समझ [...]

एक दोहा

DrMishr Sahaj
अन्दर से बेशक हुआ,बिखरा- चकनाचूर. चेहरे पर कम ना हुआ,पर पहला [...]

वो आठ दोहे ।

राम केश मिश्र
जीवन नौका जग जलधि, आशा की पतवार । भांप भवँर में डगमगी, ,,,,,,,चुप [...]

दोहे

Aashukavi neeraj awasthi
हर चुनाव में सुन रहा पुल पुलिया निर्माण। बाढ़ समस्या मिटेगी [...]

दोहे

Aashukavi neeraj awasthi
नगर नगर में हैं खुली शिक्षा की दूकान। डिग्री ऐसे विक रही [...]

दोहे

Aashukavi neeraj awasthi
वंश वाद की फल रही राजनीति में बेल। दल बदले सत्ता मिले वही [...]

दोहे

Aashukavi neeraj awasthi
नये वर्ष पर चढ़ गया ,मित्र चुनावी रंग। नेता चिल्लाने लगे ,जैसे [...]

पहला लोटा शौच का

कृष्णकांत गुर्जर
शौचालय से हो रहा है पानी का नाश| जल ही जीवन है,सबको है [...]

‘सहज’ के दोहे -खामोशी

DrRaghunath Mishr
खामोशी पसरी रही,लोग रहे भयभीत। दूर-दूर तक मौन थे,छन्द-ग़ज़ल औ [...]

स्वरचित दोहे

Alka S.Lalit
स्वरचित दोहे ***** छोटे मुँह की बात भी,ऊँची राह सुझाय । सीख [...]

बसंत पर दोहा एकादश

Rajendra jain
बसंत पर देखिए हमारा प्रयास.... दोहे-एकादश शरद विदाई शुभ [...]

आई है ऋतु प्रेम की.(नव बसंत)

RAMESH SHARMA
सरस्वती से हो गया ,तब से रिश्ता खास ! बुरे वक्त में जब [...]

‘ढाई आखर’ की भूल-भुलैया

Acharya Shilak Ram
दैहिक प्रेम करना जरूर, परंतु रखना साक्षीभाव। बेहोशी में यदि [...]

हुआ नहाना ओस में

RAMESH SHARMA
रिश्ता नाजुक प्यार का, ज्यों प्रभात की ओस ! टिके न ज्यादा देर [...]

बेबस था इतिहास

RAMESH SHARMA
वाहियात बातें करें,....रहें उगलते आग ! सुर साधो उनके लिए, जैसा [...]

दुमदार दोहे

Rajendra jain
आज देखिए हमारे कुछ दुमदार दोहे... दुमदार दोहे... १ लोकतंत्र [...]

दोहे …टोपी, नेता और जनता

सत्येंद्र कात्यायन
टोपी का उपयोग अब, नेता की पहचान। कुरता भी अब बन गया, नेता जी की [...]

नए नए नित छंद

RAMESH SHARMA
कलम स्वरूपी पुष्प से ,निकलेगा मकरंद ! यही सोच रचवा रही,..नए नए [...]

दागी नेता बैन

RAMESH SHARMA
होगा नही महान क्यों, दुनिया मे वो देश ! फहराये झंडा जंहा [...]

बढे राष्ट्र का मान

RAMESH SHARMA
राष्ट्र-भक्ति की भावना ,भारत का सम्मान ! करिये ऐसा काम जो, बढे [...]

आतंकवाद पर दोहे

साहेबलाल 'सरल'
आतंकी को मारकर, देना उन्हें जलाय। तब ही मरने से डरे, सबसे सही [...]

बारिश के पर्यावरणीय दोहे

साहेबलाल 'सरल'
बरसो बरखा झूम के, अगन जलन कर दूर। हरीभरी धरती करो, फसल करो [...]

चोरी के दोहे

साहेबलाल 'सरल'
चोरी के दोहे चोरी की सापेक्षता, स्वारथ करती सिद्ध। पल में [...]

पारस कहु ले लान के…. छतीसगढ़ी दोहे

sushil yadav
लोकतंत्र के नाम ले ,पार डरो गोहार कुकुर ओतके भोकही ,जतके चाबी [...]

“जंगलराज”

राजेश
आम नागरिक की परेशानियों को प्रतीकों के साथ गूँथ कर कुछ दोहे [...]

कुछ खोया कुछ पा लिया, बीत रहा इक साल

लोधी डॉ. आशा 'अदिति'
कुछ खोया कुछ पा लिया, बीत रहा इक साल आओ अब चिंतन करें, मिला [...]