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दोहे

अंग्रेजी में फूल

RAMESH SHARMA
जिनको चुभते थे कभी, हम भी बनकर शूल ! वही दे रहे आजकल, हमको [...]

बढ़ चढ़ कर मतदान

RAMESH SHARMA
लोकतंत्र की राह जब,..... लगे नहीं आसान ! फर्ज समझकर तब करो, बढ़ चढ़ [...]

बसन्त के फूल

राम केश मिश्र
फूल।पुष्प।प्रसून । सरसों उमड़ी खेत में, ,,,खिले बसन्ती फूल । [...]

“मेरी सम्पत्ति ,विचारों की सम्पत्ति”

Ritu Asooja
💐💐💐💐💐💐💐💐 💐💐💐💐💐 💐"हमारे विचार हमारी संपत्ति हैं [...]

ईर्ष्या

राम केश मिश्र
दोहे।ईर्ष्या। ईर्ष्या दुख की बावली,,,,,,,जो उर रखो सजोय । मान [...]

मतदान

राम केश मिश्र
।मतदान। नेता निर्छल कर्मठी,, योगी सरस् सुजान । देश गांव [...]

मित्र।

राम केश मिश्र
दोहे।। मित्र । जग में सच्चे मित्र से,,,,,,,,,,,मिलिए बारम्बार ।। [...]

फिर तीन दोहे।

राम केश मिश्र
फिर तीन दोहे - मन को पावन राखिये, तन सा निर्मल आप । धन का [...]

वो तीन दोहे।

राम केश मिश्र
वो तीन दोहे-- रहे सजगता कर्म में ,,,,,भाव रहे निष्काम [...]

विवेक सक्सेना के दोहे

vivek saxena
उनसे क्या निभ पायेंगे,प्रेम, प्रीत,संबंध। जिनको भाती ही [...]

जीवन के आयाम

RAMESH SHARMA
चोरी मक्कारी ठगी,झूठ सुबह से शाम! बदल गये क्या वाकई,जीवन के [...]

****नीरू के दोहे**** रस की अनुभूति***

Neeru Mohan
१. ****नीरू वाणी बाल की , ****सुन मिठास भर जाए | ****ज्ञान की ज्योति [...]

प्रेम दिवस (वेलनटाइन दिवस)

RAMESH SHARMA
प्रेम दिवस पर कामना, रहती यह हरबार ! देगा अच्छा प्यार से, [...]

मतदान पर दोहे

Dr Archana Gupta
लोकतंत्र का है यही, हम सबको पैगाम अपना मत देकर सही, करें देश [...]

ज्ञान /प्रेम

Brijesh Nayak
बाँँटे ज्ञान "बृजेश" नित, बन अशोक जयमाल | कमियों पर चिंतन करे [...]

राष्ट्र की पीड़ा

Brijesh Nayak
दुःख-दरद के संग में, दिखी भूख की पीर| कैसे बोले राष्ट्र का, [...]

दोहे-एकादश

Rajendra jain
बसंत(फागुन) पर देखिए हमारा प्रयास.... दोहे-एकादश शरद विदाई [...]

‘सहज के दोहे

DrMishr Sahaj
अन्दर से बेशक हुआ, बिखरा - चकनाचूर. चेहरे पर कम ना हुआ,पर [...]

‘सहज’ के दोहे

DrMishr Sahaj
जीवन है अनमोल यह, इसको नहीं बिगाड़. यह है दुर्लभ से मिला,समझ [...]

एक दोहा

DrMishr Sahaj
अन्दर से बेशक हुआ,बिखरा- चकनाचूर. चेहरे पर कम ना हुआ,पर पहला [...]

वो आठ दोहे ।

राम केश मिश्र
जीवन नौका जग जलधि, आशा की पतवार । भांप भवँर में डगमगी, ,,,,,,,चुप [...]

दोहे

Aashukavi neeraj awasthi
हर चुनाव में सुन रहा पुल पुलिया निर्माण। बाढ़ समस्या मिटेगी [...]

दोहे

Aashukavi neeraj awasthi
नगर नगर में हैं खुली शिक्षा की दूकान। डिग्री ऐसे विक रही [...]

दोहे

Aashukavi neeraj awasthi
वंश वाद की फल रही राजनीति में बेल। दल बदले सत्ता मिले वही [...]

दोहे

Aashukavi neeraj awasthi
नये वर्ष पर चढ़ गया ,मित्र चुनावी रंग। नेता चिल्लाने लगे ,जैसे [...]

पहला लोटा शौच का

कृष्णकांत गुर्जर
शौचालय से हो रहा है पानी का नाश| जल ही जीवन है,सबको है [...]

‘सहज’ के दोहे -खामोशी

DrRaghunath Mishr
खामोशी पसरी रही,लोग रहे भयभीत। दूर-दूर तक मौन थे,छन्द-ग़ज़ल औ [...]

स्वरचित दोहे

Alka S.Lalit
स्वरचित दोहे ***** छोटे मुँह की बात भी,ऊँची राह सुझाय । सीख [...]

बसंत पर दोहा एकादश

Rajendra jain
बसंत पर देखिए हमारा प्रयास.... दोहे-एकादश शरद विदाई शुभ [...]

आई है ऋतु प्रेम की.(नव बसंत)

RAMESH SHARMA
सरस्वती से हो गया ,तब से रिश्ता खास ! बुरे वक्त में जब [...]