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दोहे

”बेटी पर दुमदार दोहे”

शिवानन्द सिंह 'सहयोगी'
.. ** बेटी पर दुमदार दोहे ** बेटी बेटी माँ ननद भावज सास पतोह आजी [...]

दिल से उपजाऊ नहीं, ..कोई और जमीन

RAMESH SHARMA
दिल के जैसा आज तक, नजर न आया खेत ! कुछ भी बो कर देख लो, मिलता सूद [...]

लथपथ है जब खून से, पूरा ही अखबार

RAMESH SHARMA
लथपथ है जब खून से, पूरा ही अखबार ! उस पर रखकर रोटियां, कैसे खाएं [...]

विश्व हिंदी दिवस पर

RAMESH SHARMA
हिंदी मेरे देश की, मोहक मधुर जुबान ! इसका होना चाहिए, दुनिया [...]

दहशत है व्यापार (दोहे )

RAMESH SHARMA
क्या समझेंगे बेअदब, .होता है क्या प्यार ! जिनका जीवन जुल्म है, [...]

बढे शहर की ओर अब (दोहे )

RAMESH SHARMA
बढे शहर की ओर अब,पढ़े लिखों के पाँव ! सूना सूना हो गया ,..प्यारा [...]

तिनका- तिनका …..

sushil yadav
तिनका तिनका ` तिनका-तिनका तोड़ के ,रख देता है आज बस्ती दिखे अकड़ [...]

मन भीतर क्या झांकता ,

sushil yadav
ज्ञान जला तन्दूर मंजिल तेरी पास है ,ताके क्यूँ है दूर चुपड़ी [...]

क्या खोया क्या पाया ….

sushil yadav
क्या खोया क्या पाया .... कुनबा सभी गया बिखर,बनता तिनका जोर एक [...]

उतरा दिखे गुरूर …..

sushil yadav
Dohe कॉलर नही कमीज में,पेंट नही है जेब नँगा होने तक रचो,कोई नया [...]

सामयिक ,,,,,सायकिल छाप दोहे

sushil yadav
सायकिल छाप दोहे आज आदरणीय परम,रूठ गए हैं आप लायक अपने पूत से [...]

” ———————- अलसाई सी धूप “

भगवती प्रसाद व्यास
रात दिवस ठंडे लगते, शीतलता चहुँ ओर ! गरम गरम की चाहना, मदमाती [...]

रुतबा मेरे यार का (दोहे)

RAMESH SHARMA
रुतबा मेरे यार का,...जैसे फूल पलास़ ! गर्दिश मे भी जो कभी,होता [...]

बदली है तारीख बस (दोहे)

RAMESH SHARMA
बदली है तारीख बस,,. ..बदले नही विचार ! नये साल की कर रहे, फिर भी [...]

प्यारा अपना गाँव (दोहे)

RAMESH SHARMA
खेत मेढ कच्ची सड़क,पीपल की वो छाँव !  खोकर खुद ही खोजता,प्यारा [...]

सत्ता से होता नही (दोहे)

RAMESH SHARMA
सत्ता से होता नही,कोई बडा रमेश! ड्रामा यू पी का यही,देता है [...]

कैलेण्डर नववर्ष का (दोहे)

RAMESH SHARMA
कैलेण्डर नववर्ष का,देख विगत का रोय ! दीवारों पर टांग कर,. कौन [...]

आया नूतन वर्ष है (दोहे)

RAMESH SHARMA
चुग्गा चुगने आ गई,...चिडियों की बारात !  आशा की लेकर किरण,आया [...]

तकियों को मेरे खुदा (दोहे)

RAMESH SHARMA
तकियों को मेरे खुदा, ...देता अगर जुबान ! हो जाता हर अश्क का, [...]

चन्द अध्यात्मिक दोहे:

DrRaghunath Mishr
प्रियतम मैं जाऊं कहाँ, दिशाहीन हूँ आज. है कोई मेरा नहीं, बस [...]

अनुरोध सोलह/सतरह से

avadhoot rathore
नमन करहिं नव बरस कहिं,अउर करहिं अनुरोध, सतरह तिहरे शासन हिं [...]

दवा मानकर ही सही (दोहे )

RAMESH SHARMA
दवा मानकर ही सही, गटक गए दुख लोग ! कालेधन का मुल्क से, कटे शीघ्र [...]

दोहे रमेश के नववर्ष पर (२०१७ )

RAMESH SHARMA
पन्नो मे इतिहास के, लिखा स्वयं का नाम ! दो हजार सोलह चला,..यादें [...]

उतरी जो मस्तिष्क में (दोहे)

RAMESH SHARMA
उतरी जो मस्तिष्क में,... यादों की बरात ! आये झटपट हाथ में, कागज़ [...]

आजाएगा जलजला (दोहे)

RAMESH SHARMA
आजाएगा जलजला, खोली अगर जुबान! चुप हूँ तो महफूज हैं,राजनीति का [...]

मानवता सिखला गए (दोहे)

RAMESH SHARMA
मानवता सिखला गए, दे दी हंसकर जान ! ईसा को इस त्याग ने, बना दिया [...]

तेरह ग्यारह क्रम रहे (दोहे)

RAMESH SHARMA
तेरह ग्यारह क्रम रहे,चरण चार पहचान! शिल्प भाव लय के बिना,दोहा [...]

दोहे प्रेम के

Radhey shyam Pritam
तू जो देखे हँस मुझे,जीवन सुधर जाए। फूल खिलें ज्यों प्रेम [...]

दाेहे

Rajpal Singh Gulia
हिम्मत जुटा वजीर ने ,खरी कही जब बात ! राजा की शमशीर ने ,बतला दी [...]

भले बुरे के बीच का (दोहे )

RAMESH SHARMA
भले बुरे के बीच का, ऐसे समझें फर्क ! जैसे बच्चों के लिए, माता [...]