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दोहे

“कुदरत का उपहार”

RAMESH SHARMA
बेटी है अनमोल धन,..कुदरत का उपहार ! जिसको मिलना चाहिए, जीने का [...]

सूख गये उद्यान

RAMESH SHARMA
दूषित है जलवायु अब,...सूखे कई प्रदेश ! चलो लगायें बाग हम,मिलकर [...]

वहशी नक्सलवाद

RAMESH SHARMA
झपटें सारे नक्सली, जैसे गीदड़ बाज ! हमने सत्तर साल में, ढूंढा [...]

“सियासत”

Prashant Sharma
सियासत का बस धर्म एक,सत्ता मिलें बस यार। मैं बैठा बेटा [...]

“अहंकार”

Prashant Sharma
अहंकार से ना बचें, राजा रंक फकीर। दूजे सह खुद भी मिटें,घात होय [...]

पृथ्वी दिवस पर

RAMESH SHARMA
खनिज लवण जल दे रहा,मानव को वरदान ! पृथ्वी पिंड विशाल यह, लगता [...]

अति पीडा की छाप

RAMESH SHARMA
उसके चेहरे पर दिखी, अति पीड़ा की छाप ! मारा जिसको भूख ने ,मरा [...]

उठने लगे सवाल

RAMESH SHARMA
खबरें वो छापे बहुत, हरदम खबर नवीस ! मिलती हो टी आर पी, जिनसे [...]

मुद्दा तीन तलाक का

RAMESH SHARMA
मुद्दा तीन तलाक का,हुए वहां सब मौन ! पीडा नारी की यहाँ,समझेगा [...]

मित्रता

Pritam Rathaur
देख सुदामा की दशा रोने लगे थे कृष्ण अश्रु के जल से कदम धोने [...]

यूं झाके है चाँदनी

RAMESH SHARMA
यूं झाके हैं चाँदनी,....चंदा की ले ओट ! दिल मे जैसे आ गया,उसके कोई [...]

गर्मी का अहसास

RAMESH SHARMA
कूलर रोया जल बिना, ए सी हुआ उदास ! इनको भी होने लगा,..गर्मी का [...]

सुख की रोटी दाल

RAMESH SHARMA
आएगा क्या वाकई ,... ऐसा कोई साल ! जनता को जिसमे मिले,सुख की रोटी [...]

दोहे (सूरज से……

sudha bhardwaj
दिनांक-१६/४/२०१७ दोहा छन्द सूरज से जिवन खिलै-मिलै असिम [...]

दोहे – “मन्थन” पर

कौशल कुमार पाण्डेय
नर मंथन उर में करे,बहे ज्ञान की धार। सद् अरु असद् विचार का,है [...]

मांगू नही उधार

RAMESH SHARMA
बना दुआओं से फकत कहाँ किसी का कार्य ! लाजिम है हर क्षेत्र [...]

भली करें श्री राम

Hema Tiwari Bhatt
(✍हेमा तिवारी भट्ट✍) 🙏भली करें श्री राम🙏 'रा' है द्योतक [...]

पानी नही नसीब

RAMESH SHARMA
सुनकर ऐसी बात ही, लगता बड़ा अजीब ! अबतक भी पानी नहीं,सबको [...]

दोहे की दो पंक्तियाँ

RAMESH SHARMA
दोहे की दो पंक्तियाँ, .रखतीं हैं वह भाव । हो जाए पढ कर [...]

मनुज विश्व-मल ढो रहा, बनकर जगत्-कहार /गाँव सुविकसित तभी जब क्षरे हृदय-मल-चूल

Brijesh Nayak
बेशर्मी की नाक बन ,फैला भ्रष्टाचार| मनुज विश्व -मल ढो रहा, [...]

दोहे

kalipad prasad
दोहे अपनी ही आलोचना, है मुक्ति प्राप्ति मार्ग गलती देखे और [...]

माता का बलिदान

RAMESH SHARMA
ख़त्म रसोई में हुआ , खाना जितनी बार ! माँ ने फांका कर लिया, झूठी [...]

कुछ दोहे से

Hema Tiwari Bhatt
💐कुछ दोहे से💐 एक जैसे भावों की, नकल टीपतेे लोग| फेसबुकी [...]

जो पकड़े वह उर बने, गहन सहजता हर्ष|/ निज को जानो, तब मिले, प्रीति ह्रदय का सिंधु|

Brijesh Nayak
संस्कृति प्रेमाकाश सह, दिव्य ज्ञान-उत्कर्ष| जो पकड़े, वह उर [...]

श्याम और राधा (प्रथम बार)

सोनू हंस
देखत नैना श्याम के, राधा है हरषाय। ऐसे मंजुल सुमन तो, मानस* भी [...]

कन्या रूपी फूल

RAMESH SHARMA
मरवा डाला कोख मे,बेटी को हर बार! ढूढ रहा नवरात्र मे,कन्या को [...]

राननवमी पर दोहे रमेश के

RAMESH SHARMA
नवमी तिथि यह चैत की,सजा अयोध्याधाम ! जन्मे थे जहँ आज ही,दशरथ [...]

दादाजी की राय

RAMESH SHARMA
होती हैं कुछ दिक्कते,जिनका नही उपाय! कर जाती है काम तब ,दादाजी [...]

मूर्ख दिवस पर

RAMESH SHARMA
खूब बनाया प्यार से, .सबको एप्रिल फूल ! जब हर दिल में प्रेम [...]

अपनी व्यथा

Ankur pathak
सुनो मै इक बात बतलाता एक दिन की मैं व्यथा सुनाता जो हुयी थी [...]