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Sahitya

डिफाल्टर

drpraveen srivastava
कृपया कहानी [...]

ज्ञान पर है ..प्रबल जाति

Mahender Singh
कोई कह ना दे कुछ यूँ ही आदतें देखकर कुछ करने का जिम्मा उठा [...]

विज्ञान तेरी हार है।

Vindhya Prakash Mishra
जब तक है दूषित पानी हवाओं में प्रदूषण की भरमार विज्ञान [...]

हर मर्द जल्लाद नहीं होता

पं.संजीव शुक्ल
हर आदमी भेडिया और बाझ नहीं होता इस जहाँ का हर मर्द जल्लाद [...]

भारत के त्रिदेव

Dr Kulbir Jakhar
2 महीने से fb से दूर था मै ,, वापिस आया तो ,, फिर से वही बवाल ,, मोदी [...]

डॉक्टर में दया नही , पर क्यों ??

Dr Kulbir Jakhar
पूनम हर रोज की तरह आज भी उसी शांति से बैठी थी , चुपचाप अपने [...]

रक्त

Dr Kulbir Jakhar
धरती लाल है खून से ,, आसमा धुवें से काला है ,, धीरे धीरे आँखों का [...]

लड़का नही , काश मैं एक लड़का होती !!

Dr Kulbir Jakhar
रात को निकलती ,खाना खाने अच्छा ,, ढीली t शर्ट और घुटने तक का [...]

मेरे दिल में जो है

Shivkumar Bilagrami
मेरे दिल में जो है तुमको वो बताऊँ कैसे दिल की सरहद से ज़ुबाँ [...]

बिछणा हुआ प्यार

इरफान खान
चाँन्द मिले सितारे मिले,सबको माँ बाप का प्यार मिले। [...]

१– वो कुत्ता ही था ?

aparna thapliyal
हम लोगों ने बहुत से जानवरों को बहुत करीब से देखा है ,कभी कभी [...]

बिछड़ी हुई गली

Santosh Barmaiya
बिछड़ी हुई गलियों में बीती कहानी देखी। जगह-जगह में यादों की [...]

आँचल का एहसास

Santosh Barmaiya
माँ ! मुझको याद नही परंतु, ऐसा पल आया होगा। प्रसव-वेदना ने [...]

दास्तां सुना जाना

लक्ष्मी सिंह
🌹🌹🌹🌹🌹 मैं रात अंधियारी चंद्र प्रकाश बन आ जाना। मेरे मन [...]

दर्द का ज़ाम पीना नही आया

Bhupendra Rawat
ज़िन्दगी को ज़ीना नही आया दर्द का ज़ाम पीना नही आया दर बदर [...]

खुशी

रवि रंजन गोस्वामी
वो खुशी देता है अपने मन की, मैं खुशी दूँगा उसे उसके मन की । [...]

” ———————————————— रिश्ते ऐसे बुनते ” !!

Bhagwati prasad Vyas
दाना कोई चुगाते हैं यहां , कोई दाना चुनते ! खेल चुगाना चुगना [...]

चिकित्सक-एक देव तुल्य।

डॉ. शिव
हम चिकित्सक है,भगवान कहलाते है। देव बनकर जी ले,ये चुनोति सह [...]

राखी

seervi prakash panwar
मै कैसे आऊँ बाहर यहाँ हर कोई इश्क़ में जाया दिखता हैं! कही खोये [...]

अश्क़ देने यार फिर आ गए

Bhupendra Rawat
अश्क़ देने यार फ़िर आ गए लबों की हँसी चुराने आ गए मीठी मीठी [...]

माँ तुम मरी नहीं .. .

Neeraj Chauhan
तुम्हारा हाथ मुझसे क्या छूटा, मानों विधाता मुझसे रूठा बाढ़ [...]

मुक्तक

MITHILESH RAI
तुमको किसी से कभी तो प्यार होगा! जिन्दगी का हर-पल बेकरार [...]

** गर बेटों को भी संस्कार देते …**

Neelam Ji
गर बेटों को भी संस्कार देते , बेटियों की तरह ही विचार देते [...]

आखिरी सफ़र (ग़ज़ल)

Onika Setia
कैसी ख़ुशी ,कैसा गम ,हो चाहे कैसी भी डगर, कज़ा आई [...]

सामान समझते है

Jitendra Dixit
उन्हें देख मजबूरी मै मुश्कुरते हैं लोग, वो उसे ही अपना [...]

वक्त

इरफान खान
एक इन्सान वक्त से क्या कहता है,गौर फरमाईए मेरे प्यारे [...]

कुम्हार

Bikash Baruah
मिट्टी के बर्तन बनानेवाले कहलाते है वे कुम्हार, पृथ्वी की [...]

अधिकार

Bikash Baruah
आसमान को छत समझकर फुटपाथ को बिस्तर सा सजाकर लोग जो बस रहे [...]