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Sahitya

वो बेबाक कवि है

Maneelal Patel मनीभाई
कभी कल्पना की पर लगाये। कभी भटके को डगर दिखाये। कभी करें [...]

भरें भंडार

maheshjain jyoti
* भरें भंडार * *********** दीप आशा के जलायें दूर ये अँधियार हो [...]

🎆🎆विश्व धरा के जन जन को दीपोत्सव मंगलमय हो 🎆🎆

Abhishek Parashar
धवल प्रकाश विखेरे दीपक धरनी पर, अलंकार ज्यों शोभित होते [...]

पर-पीड़ा सिखाने आती है

Mahender Singh
**जब पीर पराई हो, वैसे घूमती आई हो, विचलित नहीं होता [...]

मन की थकन

पं.संजीव शुक्ल
मन की थकन....... .......................... देखता हू मै जहाँ भी हर ठौर हर गली [...]

आरक्षण का भुत

पं.संजीव शुक्ल
विलुप्त होती प्रतिभा को संजीवनी पीलाओ मेधावी को [...]

मत रो माँ .आँगन भीग रहा, कहा जलाऊ में फुलझड़ी..

seervi prakash panwar
यह अंधड़ सी क्यों चल रही, दीप जलने क्यों नहीं दे रही, क्यों यह [...]

दीपावली की शुभकामनायें

Laxminarayan Gupta
आये लक्ष्मी लाये उजाला पर उपकार कराये । हर बुराई पैसे से आती [...]

सिर्फ चार आना।

संजय गुप्ता
*सिर्फ चार आना* बूढ़े पिता ने खांसते हुए कहा, क्या था वो हमारा [...]

एक और दीवाली

संजय गुप्ता
*एक और दीवाली* अब एक और दीवाली आ गई, हर वर्ष की तरह इस वर्ष [...]

जीवन की परिभाषा

संजय गुप्ता
कवि संजय गुप्ता कभी सजना कभी संवरना, कभी मायूस हो जाना। कभी [...]

दिवाली को मैंने बस यूं अकेले मनते ही देखा है

अनुजा कौशिक
मैंने अब रिश्तो में कटुता देखी है मन में कुंठा दिलों में [...]

*** दुश्मन-दोस्त ***

भूरचन्द जयपाल
चन्द अल्फ़ाज ही तो है जो दोस्त-दुश्मन बनाते हैं जो [...]

काफिला सजा है

शक्ति राव मणि
काफिला सजा है शायरानो का मेरा जख्मी यार पता पूछता है मयखानो [...]

दीपक जलाते रहें…

शालिनी साहू
दीप जलते रहें जगमगाते रहें हर बरस उत्सव के पल आते [...]

** आलोक पर्व पर **

भूरचन्द जयपाल
दीपों की अवली जिस भांति अमा कालिमा हर जाती हम एक एक बन [...]

“आज के विद्यार्थी”

अमित मिश्र
जिन्हें जाना था विद्यालय, वो मदिरालय को जाते हैं। जिन्हें [...]

श्यामू की दीवाली

Maneelal Patel मनीभाई
श्यामू की दीवाली ★★★★★★★ श्यामू एक गरीब लड़का है।वह उसकी [...]

मित्रता

पं.संजीव शुक्ल
मित्र, दोस्त, यार ऐ ऐसे शब्द हैं जिनके श्रवण मात्र से जैसे [...]

मुक्तक

MITHILESH RAI
कुछ लोग जिन्दगी में यूँ ही चले आते हैं! कुछ लोग वफाओं को यूँ [...]

निंदा और आज की राजनीति

पं.संजीव शुक्ल
निंदा और निन्दक दोनों ही एक सिक्के के दो पहलू हैं जैसे नदी के [...]

भूल गए सब राम। दीपावली विशेष।

Dr ShivAditya Sharma
लक्ष्मी सबको याद रहीं हैं भूल गए सब राम। कलयुग की चकाचोंध [...]

कविता

rajesh Purohit
वनवास पूर्ण हुआ राम अवध आये अमावस की रात उजियाला हुआ राम [...]

कौन मनाएगा दीवाली(गीत)

Dr.rajni Agrawal
"कौन मनाएगा दीवाली?"(गीत) घर -आँगन लक्ष्मी बिन सूना, नहीं तेल, [...]

पी कर है आया

पं.संजीव शुक्ल
पी कर है आया....... ....................... जवानी का हर सुख यहीं इसने [...]

इंसानियत सदियों का सम्मोहन तोड़ सकती है,

Mahender Singh
**न जाने इंसानियत कब ? हिंदू, मुस्लिम, सिख,ईसाइयत से बाहर [...]

“मैं वही आकाश हूँ”

Akhilesh Kumar
आह्वान हूँ मैं कर्म का, मैं धर्म का आगाज हूँ हैं अनन्त ऊचाँई [...]

दिवाली आज आयी है, जलाओ प्रेम के दीपक

मदन मोहन सक्सेना
दिवाली आज आयी है, जलाओ प्रेम के दीपक मंगलमय हो आपको दीपों का [...]

ग़ज़ल

kalipad prasad
उद्योग हो, भरोसा’ भी बेहद, अथाह हो मंजिल मिले उसी को’ सबल [...]

हरेक दिन अमावस

Bikash Baruah
जल रहे है दिए घरों में रौशनी फैलाए, चारों ओर खुशी की रौनक मन [...]