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Author: Yashvardhan Goel

Yashvardhan Goel
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विधाएं

गीतगज़ल/गीतिकाकवितामुक्तककुण्डलियाकहानीलघु कथालेखदोहेशेरकव्वालीतेवरीहाइकुअन्य

सपनो से बहुत गुफ़्तगू रहती है मेरी

सपनो से बहुत गुफ़्तगू रहती है मेरी कभी खुली कभी बंद आँखों में [...]

कशमकश भी सजदे में तेरे झुकी

साँस थामकर रुकी बात आँखों ने कही दिल मिलने की शुरुआत हसरत पे [...]

इश्क़ होता तो रुकता

हर बार वही झुकता सही था गलत बता के निकल लिया इश्क़ होता तो [...]

हादसा बता के निकल लिया !

हर बार वही झुकता सही था , गलत बता के निकल लिया ! इश्क़ होता तो [...]

हमें तो तन्हाई से मुहब्बत ही महफ़िलो भरा जहां देती है!

जिन्हे तन्हाई से डर लगता है उन्हें होगा शौक़ महफ़िलो का, हमें [...]

कहीँ में रख लूँ इस दिल को छुपा के,

कहीँ में रख लूँ इस दिल को छुपा के, कुछ ऐसा लग रहा है तुझसे [...]

वो ख्याल से निकलकर

वो ख्याल से निकलकर, मेरे जज्बात का उतरना उस एहसास से लिखे [...]

फिर से जिन्दगी तुझमे खो जाये.

वक्त सहमा सा ठहरा एक मुलाक़ात उनसे, इस बात के चलते हो जाये, [...]

मदहोश हैं तेरी बातों में बेहोश हम नहीं!

वक़्त थम सा गया साँसों से बेचैनी चुराकर., तेरी आँखों में खोकर [...]

लोग किस्से बनाने को गुमनाम रहते है! ! !

यहाँ हाल पूछने की चाहत रहती है किसको! लोग बस खुस्की लेने में [...]

मेने तो कहिं डाका भी नहीं डाला है

खामखां मेरा नाम बदनाम हो रहा है मेने तो कहिं डाका भी नहीं [...]

करवट हर रुकी बात दे रही

तेरी खुशबू छू रही हे जो ठहरी है कल की कुछ रात की कुछ सुबह की [...]

खाली सा हो गया तेरे जाने से मेरा दिल

खाली सा हो गया तेरे जाने से मेरा दिल मेरा दिल काम तेरा मकान [...]

वक़्त था गुजर गया दौर आना अभी बाकी है

लहर थी गुज़र गयी सैलाब आना बाकी है बिखरे हैं टूटकर जितनी [...]

अंदर के हिस्सो को ख़त्म दिया

कुछ रिश्तों को ख़त्म कर दिया उनके किस्सो को ख़त्म कर दिया जो [...]

में अपने दर्द बंटोरता रह गया!

पलट के उसने भी नहीं देखा पलट के मैने भी नहीं देखा वो अपनी [...]

मुहब्बत में दर्द बड़ा खाली लगता है

बहुत ढूंढा इश्क़ को पानी लगता है मुहब्बत में दर्द बड़ा खाली [...]

एक हो तो परवाज़

लिख दूँ तो हाल बन जाता है मुस्कुरा दूँ तो राज़ कितनी हैं [...]

एक ख़्वाब है तू अगर पूरा हो जाये

दिन दिन सा हो जाये रात जागी सो जाये एक ख़्वाब है तू अगर पूरा हो [...]

दिल ने रोका चलने को

तुझे खोने के ढूंढे थे पाने के रास्ते मिले दिल ने रोका चलने [...]

इस राह से गुजरते

इस राह से गुजरते तुम्हे देखा था कहीं से ये वक़्त वो नहीं है पर [...]

मैं जीतता हूँ पर लगता है हार जाता हूँ

अंदर से लड़ता हूँ बहार से हार जाता हूँ मैं जीतता हूँ पर लगता [...]

बंद कर लूंगा नजर गर गलती से भी तेरी दीद होगी

और ना मेरे रमदान पूरे होंगे न मेरी कोई ईद होगी बंद कर लूंगा [...]

चांद ईद का बना दिल जिसे नादानी कर गया

उसका इश्क़ मेरा हाल रमदानी कर गया चांद ईद का बना दिल जिसे [...]

नई बात है – ये बात भी गुजर जाएगी

दिन गुज़र गया ये रात भी गुजर जाएगी अब आए हो मुलाक़ात भी गुजर [...]

आसमां शरारत पे उतरा , जमीं को गिला कर दिया

आषाढ़ की धूप को ढककर बादल ने नशीला कर दिया आसमां शरारत पे उतरा [...]

तू ही घर, शहर है मेरा

मुझे क्या पता वक़्त का तू ही हर पहर है मेरा ना अता ना पता है [...]

कितना दर्द देती हैं ये यादें,

कितना दर्द देती हैं ये यादें, जब जाती हैं ये यादें क्यूं आती [...]

नजरें करती हैं साज़िश सताने की मुझको,

नजरें करती हैं साज़िश सताने की मुझको, ये ना जानें मेरा हाल [...]

ख़्याल होता नही ख़्याल का, कौन सा लिखना है!

ख़्याल होता नही ख़्याल का, कौन सा लिखना है! हाल होता नही हाल का, [...]