साहित्यपीडिया पर अपनी रचनाएं प्रकाशित करने के लिए यहाँ रजिस्टर करें- Register
अगर रजिस्टर कर चुके हैं तो यहाँ लोगिन करें- Login

Author: विजय कुमार अग्रवाल

विजय कुमार अग्रवाल
Posts 30
Total Views 1,178
मै पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बिजनौर शहर का निवासी हूँ ।अौर आजकल भारतीय खेल प्राधिकरण के पश्चिमी केन्द्र गांधीनगर में कार्यरत हूँ ।पढ़ना मेरा शौक है और अब लिखना एक प्रयास है ।

विधाएं

गीतगज़ल/गीतिकाकवितामुक्तककुण्डलियाकहानीलघु कथालेखदोहेशेरकव्वालीतेवरीहाइकुअन्य

ईमानदार भारत

[3/12, 11:10] Vijay Kumar Agarwal: रंगो का त्योहार है आया ,घर घर देश मे कमल खिलाया [...]

शिक्षित वोटर अनपढ़ नेता

जिस प्रदेश में नारी की सुनवाई नहीँ हो सकती है । उस प्रदेश में [...]

आरक्षण

आरक्षण क्यों कर लाये थे , सबको आज समझना होगा । देष मॆ पिछडापन [...]

बेटियाँ

खुशियाँ नहीँ मनाई जाती , क्यों बेटी जब जन्म है लेती । हर घर को [...]

नया साल

नया साल है नई सुबह है , धुंध हर जगह छाई हुई है । प्रथम प्रष्ठ [...]

बाय बाय 2016

कैसे सोलह शुरू हुआ था ,जिसका आज आखरी दिन है । नमन हमारा आप सभी [...]

मात पिता

नये साल में कसम उठाओ , जीने का अंदाज़ बदल दो । मात पिता की सेवा [...]

स्वस्थ समाज

क्या समाज की परिभाषा है , क्यों समाज निर्माण हुआ है । हर घर [...]

नया वर्ष है आने वाला

स्वागत करने को व्याकुल है , नया वर्ष है आने वाला । खुशियों का [...]

परीक्षण

मानवता के इतिहास में शायद पहली बार हुआ है । नोट बन्दी के एक [...]

नेता की पेंशन

साठ साल तक खोद खोद कर , देश खोखला कर डाला । हर नेता ने देश को [...]

वो भी कभी बेटी होती है

खुशियाँ नहीँ मनाई जाती , क्यों बेटी जब जन्म है लेती । हर घर को [...]

भारत आज बन्द नहीँ होगा

कितना भी तुम जोर लगा लो ,भारत आज बन्द नहीँ होगा । सब मिल जुल कर [...]

कन्या दान

पढ़ा लिखा कर बड़ा किया है ,मैं इस पर अभिमान करूँ । नहीँ मानता [...]

आपकी अदालत

सुप्रीम कोर्ट का जज कहता है ,देश में दंगा हो सकता है । लाइन [...]

देश बने सोने की चिड़िया

जनता का आवाहन देखो करना मैं चाहता हूँ यार । आओ आज बताये सबको [...]

नोट बदल गये देश बदलेगा

सुबहा से उठकर लाइन में लग गये शाम को मेरा नम्बर आया । खुशी के [...]

जान भी और इमान भी पैसा

हर विकार की जड़ है पैसा , हर मुश्किल का इलाज है पैसा । क्यों [...]

परिवर्तन की लहर चली है

परिवर्तन की लहर चली है भ्रष्टाचार है पहला निशाना । क़दम से [...]

कैसे होगा भला देश का

कैसे होगा भला देश का मोदीजी ने यही बताया । नींद उड़ गई [...]

पत्नी पीढ़ा

मोदी जी ने दिया देश को सबसे बड़ा उपहार । बंद कर दिया नोट अचानक [...]

बंद हो गये नोट

नोट बड़े सब बंद हो गये । हिंदुस्तानी दंग हो गये ॥ मोदी जी देखो [...]

वाह वाह दिल्ली

कैसे बचें और कैसे बचाये ज़हर हवा में फैल गया है । दो दो [...]

आतंकवाद

भारतीय परम्परा के अनुसार देश का सैनिक हमेशा ही देश का [...]

बंटते हिन्दू बंटता देश

आतंकी थे वो सीम्मी के पुलिस ने जिनको मार गिराया । नींद उडी [...]

हिन्दू एकता

याद करो सन सेतालिस को अंग्रेजों ने भारत छोड़ा । नाम दे दिया [...]

राजनीति का गिरता स्तर

राजनीति का स्तर देखो गिरने की कोई लिमिट नहीँ है । एक सिपाही [...]

व्यथा पेड़ की

एक पेड़ था सुंदर वन में जिस पर था उल्लू का डेरा । इसी वजह से [...]

कश्मीर का दर्द

शिक्षा आज निशाना बन गई इस प्रदेश के गलियारों में । सुलग रहा [...]

दीपावली

दीप जलाओ द्वार सजाओ खुशी मनाओ मिल कर आज । आई दिवाली लाई [...]