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Author: Versha Varshney

Versha Varshney
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कवियित्री और लेखिका अलीगढ़ यू पी !_यही है_ जिंदगी" मेरा कविता संग्रह है ! विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में लेखन ! साझा संकलन -१.भारत की प्रतिभाशाली हिंदी कवयित्रियाँ ! २.पुष्पगंधा pride of the women award 2017 Money is not important then love,bec love is God n God is our life . my blog -http://vershavarshney.blogspot.in/ my page -https://www.facebook.com/versha22.writer/?ref=aymt_homepage_panel .

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गीतगज़ल/गीतिकाकवितामुक्तककुण्डलियाकहानीलघु कथालेखदोहेशेरकव्वालीतेवरीहाइकुअन्य

दुनिया और हम

हैरान हो जाती हूँ दुनिया को देखकर , समझ में कुछ नहीं आता [...]

दिल

दिल रे तू काहे का सोच करे , वो निर्मोही प्यार न जाने , जिनको [...]

यादें

हंसती हुई आँखों ने देखे थे कभीं सपने प्यार के । महकी सी अदाओं [...]

एक अजन्मी बेटी का दर्द

  जीना चाहती थी मैं भी कभी इन तरंगों की तरह, सुनना चाहती थी [...]

8.इन्तजार

बिन तेरे क्यों थमी सी लगती है जिंदगी , कहाँ है तू बता ................ऐ [...]

7.कविता(गीतिका )

हाँ तुमने सच कहा मैं खो गयी हूँ , झील की नीरवता में ,जो देखी थी [...]

दिवाली और पटाखे

दिये की रौशनी में अंधेरों को भागते देखा , अपनी खुशियों के लिए [...]

प्यार या पैसा

गगन चुम्भी इमारतों के नीचे जो बने होते हैं छोटे छोटे आशियाने [...]

यादें

जैसे कोई बुझता हुआ दीपक , तेज रोशनी से अँधेरे को रोशन कर जाए [...]

3. पुकार

सुनो क्यूँ करते हो तुम ऐसा जब भी कुछ कहना चाहती हूँ दिल से [...]

2.मानवता

क्या जमाना आ गया खो गयी है मानवता , देख रहे जलते किसी को बचाने [...]

कृष्ण और जीवन

जब जब समाज में क्षय हुआ प्रेम त्याग परोपकार का , रखकर अनौखा [...]