साहित्यपीडिया पर अपनी रचनाएं प्रकाशित करने के लिए यहाँ रजिस्टर करें- Register
अगर रजिस्टर कर चुके हैं तो यहाँ लोगिन करें- Login

Author: उमा शर्मा

उमा शर्मा
Posts 2
Total Views 1,208
आकाश से ऊँची, धरती सी महान हो... है एक ही तमन्ना कि पूरा मेरा अरमान हो... ए क़ाश कभी दुनिया में मेरी भी पहचान हो... छोटे से शहर कैथल में जन्मी-पली-बढ़ी और सिल्वर आॅक इंटरनैश्नल स्कूल में इंगलिश की अध्यापिका के पद पर कार्यरत हूँ। अपनी कल्पनाऒं को उड़ान देना और भावनाओं को शब्दों में पिरौना मुझे रूचिकर है।

विधाएं

गीतगज़ल/गीतिकाकवितामुक्तककुण्डलियाकहानीलघु कथालेखदोहेशेरकव्वालीतेवरीहाइकुअन्य

बेटियाँ तो बाबुल की रानियाँ हैं

मन का मृदंग हैं, भाव हैं, तरंग हैं, कल्पनाओं की पतंग [...]

बेटियाँ तो बाबुल की रानियाँ हैं

मन का मृदंग हैं, भाव हैं, तरंग हैं, कल्पनाओं की पतंग [...]