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Author: योगिता " योगी "

योगिता
Posts 17
Total Views 368
कर्तव्य से प्रशासनिक अधिकारी एवं हृदय से कला प्रेमी।आठ वर्ष की उम्र से विभिन्न विधाओं में मंच पर सक्रिय । आकाशवाणी में युवावाणी कार्यक्रम में कविता पाठ,परिचर्चा में अनेक कार्यक्रम प्रसारित। भिन्न भिन्न प्रतिष्ठित पत्र पत्रिकाओं व समाचार पत्रों में लेख व कविता प्रकाशित। साहित्यपीडिया के माध्यम से पुन: कला से और कलाकारों से जुडने के लिए हृदय से आभारी हूं ।

विधाएं

गीतगज़ल/गीतिकाकवितामुक्तककुण्डलियाकहानीलघु कथालेखदोहेशेरकव्वालीतेवरीहाइकुअन्य

तुम जीत भी सकती थीं

तुम जीत भी सकती थीं, जीत से बहुत कम फासले पर तुमने हार [...]

स्त्री सिर्फ तब तक तुम्हारी होती है

स्त्री सिर्फ तब तक तुम्हारी होती है जब तक वो तुमसे रूठ लेती [...]

किस राह पर जाएं

अब कहां जाएँ, किस राह पर चल के दिखाएं, लगता आसां है, पर [...]

भक्ति

धर्म स्थान पर जाकर कब भक्ति हम कर पाते हैं हम तो अपने लिए [...]

ये कैसी सजा

आज की रात भी वैसी ही थी। एक छत के नीचे दो अजनबी अपने अपने [...]

जब दर्द न हो

बहुत ठंडी होती हैं वो घडियां जब चोट तो हो, पर दर्द न हो। भीतर [...]

बात तो तब होती

बात तो तब होती जब तेरे मेरे दरमियां कुछ बात होती। जब भीतर [...]

मां मुझको भी प्यार करो

मां किसी बेटी ने न कहा होगा जो आज मैं कहती हूं क्यों सब [...]

ब्लाक होते रिश्ते

किसी ने ज्योतिष का पहला पाठ जब पढाया था कुंडली में गुरू का [...]

अच्छी पत्नियां

देखती हूं, बहुत अच्छी पत्नियां बनी वो सारी लडकियां जिनके [...]

हल्दी

न जाने खेलते खेलते कब खुद को जख्मी कर लिया , कोई मुंदी चोट आ [...]

वक्त कैसा भी हो बदलता हैै

एक ही बात,हां एक ही बात रखती हूं याद,हां एक ही बात वक्त कैसा भी [...]

मम्मी का जन्मदिन

मम्मी का जन्मदिन कोई त्योहार हो या किसी का जन्मदिन अक्सर [...]

मन की गति

मन की गति, कभी हिरनों सी कुलांचे मारती गिलहरी सी फुदकती कहीं [...]

अंदर की ताकत

अंदर की ताकत अक्सर छुपी होती है हम सबमें, और बात बात पर वो [...]

स्त्री

स्त्री ..... अक्सर तुनकमिजाज सी लगती कभी बहुत रोती कभी बहुत [...]

अवकाश

मन की थकन जो उतार दे वो अवकाश चाहिए । इस भागती सी जिंदगी [...]