साहित्यपीडिया पर अपनी रचनाएं प्रकाशित करने के लिए यहाँ रजिस्टर करें- Register
अगर रजिस्टर कर चुके हैं तो यहाँ लोगिन करें- Login

Author: surenderpal vaidya

surenderpal vaidya
Posts 15
Total Views 125
नाम : सुरेन्द्रपाल वैद्य पिता का नाम : श्री इन्द्रसिंह वैद्य शिक्षा : कला स्नातक पता : मकान न•- 45, हिमुडा आवास बस्ती भियुली, मण्डी, जिला मण्डी (हि•प्र•) - 175001 पत्र पत्रिकाओं के अतिरिक्त अन्तर्जाल पर गीत, नवगीत, गजल और कविताएँ प्रकाशित। विभिन्न सामयिक विषयों पर स्वतन्त्र लेखन, साहित्यिक गतिविधियों तथा कवि सम्मेलनों में भागीदारी। ईमेल- surenderpalvaidya@gmail.com

विधाएं

गीतगज़ल/गीतिकाकवितामुक्तककुण्डलियाकहानीलघु कथालेखदोहेशेरकव्वालीतेवरीहाइकुअन्य

हिंदी का उत्थान

मुक्तक १. अपनी भाषा हिंदी का उत्थान करें हम। इसी हेतु जागृत [...]

हिन्दी के हित मान चाहिए

गीतिका * हर भारतवासी के मन में हिन्दी के हित मान चाहिए। [...]

* कुण्डलिया *

* कुण्डलिया * १. चारवाक का देखिए, मनमोहन अवतार। कहता है बस आज [...]

बिखर रहे हैं रंग

बिखर रहे हैं रंग। (कुण्डलिया) १. देखो होली आ गई, बिखर रहे हैं [...]

साथ चलोगे (व्यंग्य)

साथ चलोगे * यार तुम्हें एक बात सुनाऊं सुन लोगे छोड़ के सारे [...]

बसंती भोर

बसंती भोर ************************ खिल रहे हैं फूल चारों ओर फिर से, आ गई [...]

बेटियों को प्यार दो

बेटियों को प्यार दो (गीतिका) **************** * बेटियों को प्यार [...]

महक सा गया

महक सा गया * वक्त गुजरा सिखाकर सबक सा गया एक पत्ता हवा से सरक [...]

काफिले बढ़ते रहेंगे

काफिले बढ़ते रहेंगे * आँधियों में काफिले बढ़ते रहेंगे [...]

स्वीकार करो तुम

गीतिका * प्यार करो इजहार करो तुम सच्चाई स्वीकार करो तुम * [...]

उनका

गीतिका * है गजब प्यार का हुनर उनका अक्स दिल में गया उतर [...]

स्वप्न हम पूरा करें

० शुद्ध मन अपना रखें सब देश की सेवा करें आज भारत मात का हर [...]

कसमसाना हो गया

कसमसाना हो गया * ठोकर लगी जब राह में तो कसमसाना हो गया फिर [...]

हम दर्शन करें

हम दर्शन करें ० शुद्ध मन से माँ के हम दर्शन करें, भावनाओं [...]

हो रहा है

गीतिका * छलावा भी उसे ही हो रहा है भरोसे भाग्य के जो सो रहा है [...]