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Author: सोनू हंस

सोनू हंस
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विधाएं

गीतगज़ल/गीतिकाकवितामुक्तककुण्डलियाकहानीलघु कथालेखदोहेशेरकव्वालीतेवरीहाइकुअन्य

चार दोहे

मेरे जीवन में नहीं, कोई भी इक आस। स्वाति बूँद मिले नहिं फिर, [...]

वो एक रात 8

नीलिमा की हालत बहुत ही खराब थी। वह हाँफती सी छत की सीढ़ियों [...]

उजली-सी किरण

वो उजली सी किरण चली थी कुछ यूँ निकलकर नभ से गिरी सी धरा पर [...]

वो एक रात 7

#वो एक रात 7 बटुकनाथ धूनी के पास पहुँच गए। वहाँ उपस्थित वे [...]

वो एक रात 6

#वो एक रात 6 रवि अंदर की ओर भागता चला गया। अचानक वह किसी से [...]

वो एक रात 5

#वो एक रात 5 चारों दोस्त भी गाँव से आई आवाज की ओर चल दिए। शोर [...]

वो एक रात 4

#वो एक रात 4 उसके चलने से जंगल के सूखे पत्तों पर चड़-चड़ की [...]

वो एक रात 3

#वो एक रात 3 चीख सुनकर रवि हैरत में पड़ गया तथा थोड़ा घबरा भी [...]

वो एक रात 2

#वो एक रात 2 रवि की हालत देखकर नीलिमा के हाथ पैर फूल गए। वह [...]

वो एक रात 1

रवि दीक्षित को आज और दिन से ज्यादा वक्त हो गया था, ओफिस में काम [...]

अरे ग्राम देवताओं शुभाशीष दो

अविचल, अशेष, अवशेष से खडे़, निर्जन, श्मशान, क्षेत्रों में [...]

कृष्ण चालीसा

मेरे प्रिय मित्रों और विद्वत जनों को सोनू हंस का प्रणाम। मैं [...]

नववधु

#हाइकु# पल में रोए उजाड़ सी होकर वो [...]

नफरत करते हो?

नफरत करते हो? कोई बात नहीं! शौक से करो; मगर किससे? मैं बताता [...]

देखा है कभी?

देखा है कभी? दूर क्षितिज में उतरती डूबते रवि की रश्मियों को, [...]

राधा का विरह

#गीतिका छंद# गीतिका चार पदों का एक सम-मात्रिक छंद है. प्रति [...]

बेटियाँ

बेटियों को मारकर क्यूँ लिखते हो खून से तकदीर अपनी, देखना ये [...]

बेटियाँ

बेटियों को मारकर क्यूँ लिखते हो खून से तकदीर अपनी, देखना ये [...]

Maykhana

अब मुझे मयखाना भा गया है, यूँ ये 'हंस' मधुशाला आ गया है। देख [...]

भोर हुई

अचल छंद मात्राएँ प्रति पद- 27, वर्ण- 18 चार चरण; दो-दो पद तुकांत 1 2 1 [...]

भोर हुई

अचल छंद मात्राएँ प्रति पद- 27, वर्ण- 18 चार चरण; दो-दो पद तुकांत 2 2 1 [...]

वो 500 का नोट

मिस्टर मेहता 500 व 1000 रुपयों की गड्डी लेकर बैंक की लाइन में खड़े [...]

निर्भया

16 दिसंबर की ही वो सर्द रात जब एक लड़की के साथ अमानवीय खेल खेला [...]

एक मुक्तक- जीने की वजह हो

एक तुम ही तो जीने की वजह हो, मिले हर गम को पीने की वजह हो, रहना [...]