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Author: श्रीकृष्ण शुक्ल

श्रीकृष्ण शुक्ल
Posts 13
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सहजयोग, प्रचार, स्वांतःसुखाय लेखक, कवि एवं विश्लेषक.

विधाएं

गीतगज़ल/गीतिकाकवितामुक्तककुण्डलियाकहानीलघु कथालेखदोहेशेरकव्वालीतेवरीहाइकुअन्य

नींव का पत्थर

एक छंदमुक्त रचना नींव का पत्थर ========== क्यों कुरेदते हो [...]

ये जिंदगी

ये जिंदगी ====== हर वक्त नए रंग, दिखाती है जिंदगी पग पग पे [...]

गतिमान रहो

दो पल का ये नश्वर जीवन हर पल इसको भरपूर जियो तुम किस उलझन में [...]

हो सके तो ज़रा मुस्कुरा दीजिए

साऱे शिकवों गिलों को भुला दीजिए हो सके तो जरा मुस्कुरा [...]

एक पौधा बेटी के नाम

आज एक पौधा लगाओ बेटियों के नाम लाड़ नित उसपर लुटाओ हर सुबह औ [...]

जन्मभूमि पर रामलला के मंदिर का निर्माण हो

पूरी हो मन की अभिलाषा जन जन का कल्याण हो जन्मभूमि पर रामलला [...]

द्रौपदी ही अब हरेगी द्रौपदी के उर की पीड़ा

रोज होते हैं स्वयंवर, रोज होती द्यूत क्रीड़ा है नहीं कोई हरे [...]

वोट डालने निश्चित जाना

नेताजी लेकर आए हैं लोक लुभावन ढेरों वादे जनता तो है भोली [...]

हिंदी अपनाओ

हिंदी दिवस पर वर्ष १९८६ , १४_९_८६ को लिखी अपनी एक कविता [...]

हिंदी अपनाओ

हिंदी दिवस पर वर्ष १९८६ , १४_९_८६ को लिखी अपनी एक कविता [...]

असुर हमारे भीतर ही है

बंगलोर में छात्रा से छेड़छाड़ की घटना से क्षुब्ध मन द्वारा [...]

नववर्ष की शुभकामना

नववर्ष आपके जीवन में खुशियाँ अनन्त दे पल पल में हर स्वप्न [...]

चोरों की बस्ती में हल्ला है

बड़े बड़े नोटों की बंदी का जबसे फरमान हुआ है एक एक भारतवासी [...]