साहित्यपीडिया पर अपनी रचनाएं प्रकाशित करने के लिए यहाँ रजिस्टर करें- Register
अगर रजिस्टर कर चुके हैं तो यहाँ लोगिन करें- Login

Author: श्यामू सिंह

श्यामू सिंह
Posts 2
Total Views 181
मैं साहित्य प्रेमी व्यक्ति हूँ, न तो मैं दक्ष कवि हूँ, न ही लेखक बस कुछ खुबसूरत पंक्तियों को खूबसूरती से एक धागे में पिरोने का प्रयास करता हूँ,और बस एक हार तैयार हो जाती है और उसकी खूबसूरती तो बस आप बता सकते हैं।

विधाएं

गीतगज़ल/गीतिकाकवितामुक्तककुण्डलियाकहानीलघु कथालेखदोहेशेरकव्वालीतेवरीहाइकुअन्य

बेटी भी तू जननी भी तू

बेटी भी तू जननी हुई तू , ममता का समंदर तू। तु ही दुर्गा तू ही [...]

बेटी भी तू जननी भी तू

बेटी भी तू जननी हुई तू , ममता का समंदर तू। तु ही दुर्गा तू ही [...]