साहित्यपीडिया पर अपनी रचनाएं प्रकाशित करने के लिए यहाँ रजिस्टर करें- Register
अगर रजिस्टर कर चुके हैं तो यहाँ लोगिन करें- Login

Author: शिवदत्त श्रोत्रिय

शिवदत्त श्रोत्रिय
Posts 47
Total Views 2,790
हिन्दी साहित्य के प्रति रुझान, अपने विचारो की अभिव्यक्ति आप सब को समर्पित करता हूँ| ‎स्नातकोत्तर की उपाधि मौलाना आज़ाद राष्ट्रीय प्रोद्योगिकी संस्थान से प्राप्त की और वर्तमान समय मे सॉफ्टवेर इंजिनियर के पद पर मल्टी नॅशनल कंपनी मे कार्यरत हूँ|| दूरभाष क्रमांक:- 9158680098 ईमेल :- shivshrotriya91@gmail.com

विधाएं

गीतगज़ल/गीतिकाकवितामुक्तककुण्डलियाकहानीलघु कथालेखदोहेशेरकव्वालीतेवरीहाइकुअन्य

आया था चाँद पानी पर

कवि: शिवदत्त श्रोत्रिय किसी ने उपमा दी इसे महबूबा के चेहरे [...]

करो वंदना स्वीकार प्रभो

वासना से मुक्त हो मन, हो भक्ति का संचार प्रभो जग दलदल के [...]

बेटी है नभ में जब तक

बेटी तुम्हारे आँचल में जहां की खुशियां भर देती है तुम्हारी [...]

अब बाग़बान नही आता

हम उस गुलशन के गुल बन गये जहाँ अब बाग़बान नही आता कुछ पत्ते [...]

बढ़ाए रखी है दाढ़ी..

चेहरा छिपाने, चेहरे पर लगाए रखी है दाढ़ी माशूका की याद मे कुछ [...]

तब होगा नव-वर्ष का अभिनंदन

कुछ बीत गया, कोई छूट गया कुछ नया मिला, कोई रूठ गया डोर समझ कर [...]

मैं मुस्कराने गया था, पर मुस्करा नही पाया

हर दिन की तरह कल सुबह, आकर उन चन्द परिंदो ने घेरा हलवाई की [...]

तू मेरी नज़रों मे ना खुदा हो जाए

तू मेरी नज़रों मे ना खुदा हो जाए अच्छा होगा कि अब तू मुझसे [...]

मुझे गर्भ मे ही मार दो ||

देख मैं तेरे गर्भ मे आ गयी माँ, कितना सुंदर सा घर है ना सर्दी [...]

किसी और का हो जाऊ क्यों होने नहीं देता

वो चेहरा खुद के अलावा कहीं खोने नहीं देता किसी और का हो जाऊ [...]

आवारा कुत्ते ..

दफ़्तर से देर रात जब घर को जाता हूँ चन्द कदमो के फ़ासले मे खो [...]

बस छू कर लौट आता हूँ

आसमान को छूने को लिया पतंगो का सहारा असहाय सा कहने लगता मैं [...]

जब से बदल गया है नोट

एक रात समाचार है आया पाँच सौ हज़ार की बदली माया ५६ इंच का [...]

ब्रह्म प्रकाश

सूर्य नही था, चंद्र नही था दुनिया मे कोई बंद नही था ना थी [...]

रेल से अजब निराली है

रेल से अजब निराली है इस काया की रेल - रेल से अजब निराली [...]

तुझे कबूल इस समय

परिस्थितियाँ नही है मेरी माकूल इस समय तू ही बता कैसे करूँ [...]

तो सच बताएगा कौन?

अगर दोनो रूठे रहे, तो फिर मनाएगा कौन? लब दोनो ने सिले, तो सच [...]

देश का बुरा हाल है||

हर किसी की ज़ुबाँ पर बस यही सवाल है करने वाले कह रहे, देश का [...]

सरहद

सरहद, जो खुदा ने बनाई|| मछली की सरहद पानी का किनारा शेर की सरहद [...]

देने वाला देकर कुछ कहता कहाँ है||

हर पहर, हर घड़ी रहता है जागता बिना रुके बिना थके रहता है [...]

कहीं कुछ भी नही है

सब कुछ है धोखा कुछ कहीं नही है है हर कोई खोया ये मुझको यकीं [...]

अदालत मे खुदा होगा

जलाल उल्लाह जब रोजे कयामत पर खड़ा होगा ना जाने हम गुनहगारो [...]

एक तुच्छ बूँद सा जीवन दे दो

फसल खड़ी है खेतो मे उष्णता उन्हे जलाती है धधक रही है धरती [...]

एक दीप जलाया था मैने

तम के उस गहरे साये से अस्तित्व विहीन समाए से निशा के [...]

मुझे चलना है बस चलने दो

मै राह चला हूँ प्रीत मिलन की मुझे चलना है बस चलने दो || प्रीत [...]

सफ़र आसान हो जाए

गुमनाम राहो पर एक नयी पहचान हो जाए चलो कुछ दूर साथ तो, सफ़र [...]

रातभर तुम्हारे बारे मे लिखा मैने

उस रात नीद नही आ रही थी, कोशिश थी भुला के तेरी यादे बिस्तर को [...]

मेरे साथ चलता नही

मंज़िल पर मिलने वाले बहुत है यहाँ क्यो कोई रास्तो पर नही [...]

क्या है किस्मत?

किस्मत क्या है, आख़िर क्या है किस्मत? बचपन से एक सवाल मन मे है, [...]

माना मै मर रहा हूँ

बेटो के बीच मे गिरे है रिश्‍तो के मायने कैसे कहूँ कि इस झगड़े [...]