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Author: Saurabh Purohit

Saurabh Purohit
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Saurabh purohit M.B.A from Jhansi working in Delhi.

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गीतगज़ल/गीतिकाकवितामुक्तककुण्डलियाकहानीलघु कथालेखदोहेशेरकव्वालीतेवरीहाइकुअन्य

रिश्तों की गांठों को सुलझाने कौन आएगा।

दिल तो दिल है इसको समझाने कौन आएगा रिश्तों में पड़ी गांठो को [...]

ईंटों का ढांचा भी घर लगता है…।

सदियों सा सिर्फ एक पहर लगता है, पानी सादा भी अब तो ज़हर लगता [...]

दिल तो दिल है,समझाने कौन आएगा।

दिल तो दिल है इसको समझाने कौन आएगा रिश्तों में पड़ी गांठो को [...]

मकान देख रखे है ज़माने वाले।

कभी तन्हाई में सुध ना लेता था कोई, ये कहाँ से आ गए है हक़ जताने [...]

किस्से पुराने याद आये है।

आज किस्से फिर पुराने कुछ याद आये है, कुछ तज़ुर्बे है जो फिर [...]

मोहब्बत जिनके मन में है……

औरो से युहीं कोई खफा नहीं होता, रूठते है वही मोहब्बत जिनके मन [...]

खबर कर दो…..!

चंद लम्हात ही सही,मुझे नज़र कर दो, तुमसे मिलने ही आया हूँ,खबर [...]