साहित्यपीडिया पर अपनी रचनाएं प्रकाशित करने के लिए यहाँ रजिस्टर करें- Register
अगर रजिस्टर कर चुके हैं तो यहाँ लोगिन करें- Login

Author: Satyendra kumar Upadhyay

Satyendra kumar Upadhyay
Posts 11
Total Views 36
short story writer.

विधाएं

गीतगज़ल/गीतिकाकवितामुक्तककुण्डलियाकहानीलघु कथालेखदोहेशेरकव्वालीतेवरीहाइकुअन्य

खुली बटनें !

पिताजी आपकी बटन खुली है ! बंद कर लीजिए ना ! तभी कड़कदार आवाज [...]

ये जाना !

जानू आज रूक जाओ ! घूँघट सँभालते हुए रश्मि ने तिरछी देख ! [...]

बेचैन मच्छर ।

कहाँ गया ? कहाँ ग..या ? सारे मच्छर कमरे में रात भर उसे ढ़ूँढ-2 [...]

वरण / हरण ।

बच्चा ! नौकरी में हो ! जबाब देने में उसकी घिग्गी बंद हो गयी थी ; [...]

बढ़ावा ए बर्बादी !

अरे दो लोग आ गये हो ! बहुत है , आठ लोगों की ड्यूटी में ! तब तक [...]

पैदायशी बुजुर्ग ।

कौन आया है ? सुघरा के घर आकर पूॅछते ही , सौम्या की सास ने गोद में [...]

उचकन ।

क्या ? हुआ रघु ! हॅसते हुए उसके मित्र श्यामू ने पूॅछा ही था कि [...]

चुगली ।

नंद और भौजाई साथ-2 एक ही जगह नौकरी करतीं थी।एक दिन नंद को पता [...]

लाचार ओढ़नियाॅ ।

हाॅ ! बोलो ; टीना जी ! क्या हुआ ? क्यूँ लेट हो गयीं ? वह बस कहीं [...]

वाह ! ये भायी ।

वाह ! ये भायी !! ************** गर्मी आयी , मन को भायी ! बढ़ जाने पर , हाय [...]

मायका ।

सुरेश शाम घर पहुँचा, सारे टीन-टप्पर इधर-उधर , पड़ोसी व पुलिस [...]