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Author: Salib Chandiyanvi

Salib Chandiyanvi
Posts 26
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मेरा नाम मुहम्मद आरिफ़ ख़ां हैं मैं जिला बुलन्दशहर के ग्राम चन्दियाना का रहने वाला हूं जाॅब के सिलसिले में भटकता हुआ हापुड आ गया और यहीं का होकर रह गया! सही सही याद नहीं पर 18/20की आयु से शायरी कर रहा हूँ ! उस्ताद तालिब मुशीरी साहब का शाग्रिद हूँ पर ज्यादा तर मैने फेस बुक से सीखा जिसमें मनोज बेताब साहब, कुंवर कुसुमेश साहब, मुख्तार तिलहरी साहब का बहुत बडा हाथ है !

विधाएं

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औक़़ात सेे मैैंं बढकेे कभी मांंगता नहींं

औक़ात से मैं बढके कभी मांगता नहीं बेजा कोई भी रब से मेरी [...]

ज़़बांं जो शाायराानाा जाानताा हैै

परिन्दा ..आशियाना जानता है फ़क़्त अपना ठिकाना जानता है अलम [...]

बेेटिियााँँ

हर वक्त हर घडी हैं तैयार बेटियाँ मां बाप की हैं फर्माबरदार [...]

अच्छा सा लगा मुझको

ये शहर वफ़ाओं का दरिया सा लगा मुझको हर शख़्स मुहब्बत में [...]

ग़मों की दुनियाा तलाश लोगे बुरा करोगे

ग़मों की दुनिया तलाश लोगे बुरा करोगे सभी से ख़ुद को जुदा [...]

चन्द आँसू तेरे ख़ज़ाने से

मुददतों से नहीं ..ज़माने से कौन मिलता है इस दिवाने से देख [...]

आप सालिब से प्यार करते हैं

दश्मनों से मिला नहीं करते दोस्तों से गिला नहीं करते खूब [...]

बहन के देहान्त पर अपने बेटे की तरफ़ से

मुझे याद आती है अक्सर तुम्हारी मुझे याद आती है अक्सर [...]

मैं सालिब हूँ तू आशूतोष क्यों है

चलो माना मुहब्बत भी नहीं है नज़र लर्ज़ां ज़बां खामोश क्यों [...]

प्यार करने में क्या बुराई है

--------------------- जब कभी याद.. तेरी आई है इक कली दिल की मुस्कुराई [...]

मुझे अपनी मां से मुहब्बत है इतनी

मुझे अपनी मां से मुहब्बत है इतनी मुझे अपनी मां से मुहब्बत है [...]

ग़मों की दुनिया तलाश लोगे बुरा करोगेे

ग़मों की दुनिया तलाश लोगो बुरा करोगे अलेहदा सबसे रहा.. करोगे [...]

हम ग़रीबों से भला अब आपको क्या काम है

आपको जब ताकने का आँख पर इलज़ाम है ये बताऐं दिल हमारा किस लिये [...]

जग इतना विद्वान नहीं है

निर्धन है .धनवान नहीं है अधरों पर गुणगान नहीं [...]

मगर वो लोग अभी तक आपने देखे नहीं होंगे

ज़मीं पर जब कहीं भी लोग दिल वाले नहीं होंगे फ़लक पर चाँद सूरज [...]

दिलकशी अब नहीं गुलाबों में

छुप गये आप क्यूं हिजाबों में चाँद रहता है क्या नक़ाबों [...]

यहां से तुम तो इलेक्शन भी जीत सकते हो

ज़मीनें मिलती हैं और आसमान मिलते हैं नसीब वालों को दोनो [...]

चराग़ों की तरह चुप चाप जल जाते तो अच्छा था

दिलों के ज़ख़्म गर लफ़्ज़ों में ढल जाते तो अच्छा था वो मेरी [...]

मैं छोटा सही मुझको आता बहुत है

मैं छोटा सही मुझ को आता बहुत है कि जीने का मुझको सलीक़ा बहुत [...]

मैं कभी चाँद पर नहीं आता

दिल पे कोई असर नहीं आता याद तू इस क़दर नहीं आता रात आती है [...]

क़िस्सा अजीब है न कहानी अजीब है

किस्सा अजीब है न कहानी अजीब है राजा के साथ है जो वो रानी अजीब [...]

फ़क़्त मेरे घर का पता पूछती है

तू दुनिया की मान्निद बडी मतलबी है शानासा है लेकिन बहुत अजनबी [...]

अब कोई वारदात मुश्किल है

हम बिछायें बिसात मुश्किल है खुद से खुद की ही मात मुश्किल है [...]

जब से दुकान खोली है तीरो कमान की

अल्लाह कर रहा है हिफ़ाजत मकान की बिजली यहाँ गिरे तो गिरे [...]

ये तेरा क़र्ज़ है तो क़र्ज़ उतर जायेगा

आसमा छूने जो निकलेगा तो मर जाएगा तू परिन्दा है हवाओं में [...]

रगं तआस्सुब के जो देगी राजधानी हर तरफ़

खूब है मशहूर ये झूठी कहानी हर तरफ़ चाँद पर देखी गई है एक नानी [...]