साहित्यपीडिया पर अपनी रचनाएं प्रकाशित करने के लिए यहाँ रजिस्टर करें- Register
अगर रजिस्टर कर चुके हैं तो यहाँ लोगिन करें- Login

Author: Sajoo Chaturvedi

Sajoo Chaturvedi
Posts 18
Total Views 77

विधाएं

गीतगज़ल/गीतिकाकवितामुक्तककुण्डलियाकहानीलघु कथालेखदोहेशेरकव्वालीतेवरीहाइकुअन्य

विधा बुढ़ापा

बुढ़ापा जापान में माता पिता का बुढ़ापा। अकेले मे रोबोट से [...]

विधा बरसाती रोग

बरसात का देखिए कमाल। कहीं सूखा है कहीं बाढ़। तबाही चारों ओर [...]

विधा दोहे रक्षाबंधन

भाई पिता समान है ,कहती भारतभूमि। प्यार भरे रिश्ते है ,हिन्द [...]

विधा कुण्डलिका रक्षाबंधन पर

यादें हैं बचपने की, राखी है बँधवाए। मुँह में मिठाई खाये, एक [...]

विधा मित्रता

मित्रता पे संदेह किया सुदामा ने। द्वारिका नंगे पाँव आये [...]

विधा बाल लीला श्रीकृष्ण

जयश्रीकृष्ण कन्हाईया तूझको पुकारे यशोदा मैया वेणीबनावे [...]

भजन -जयश्रीकृष्ण

हे कृष्णमुरारी ,हे गिरिधरधारी । हे मुरलीधारी [...]

मुक्तक -जयश्रीकृष्ण

तेरी छोटी पयियाँ तेरी चूमती हथियाँ तू धरती चूमें तेरी पकड़ती [...]

कविता –विरहणी

विरहणी ऐ पवन ! जरा रुकजा मेरे संगसंग चल। राहें भूली मैं [...]

विधा कविता

विरहणी ऐ पवन ! जरा रुकजा मेरे संगसंग चल। राहें भूली मैं [...]

मुक्तक चाँद में पिया को देखूँ

"माँ भारती" ऐ चाँद तुझे बारि बारि देखूँ । अँधेरी राते पिया [...]

वंदे मातरम

माँ युद्धभूभि में घूमती। राक्षसों सें कभी नहीं डरती [...]

अंधविश्वास

सपेरे साँपो को पालते है । बिषैले दाँतो को जो तोड़ते [...]

मुक्तक – सावन कजरी

आईं सखियाँ गाये कजरी। बिजुरिया मोती सी चमकी। पिया ठाड़े [...]

मुक्तक –सुनहरा सपना

धरा से आतंकियो को मिटा दो। अहिंसा की ज्योति को जगा [...]

मुक्तक– काश्मीर

धरा से आतंकियो को मिटा दो। अहिंसा की ज्योति को जगा [...]

मुक्तक–घरौंदा

रेत का घरौंदा सागर का किनारा प्यार से बनाया भूलक्कड़ [...]

किस रूप में

मानव माथे पड़ी लकीर कभी मिटती नहीं फकीर माँगे देने से अमीरी [...]