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Author: साहेबलाल 'सरल'

साहेबलाल 'सरल'
Posts 54
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संक्षेप परिचय *अभिव्यक्ति भावों की" कविता संग्रह का प्रकाशन सन 2011 *'रानी अवंती बाई की वीरगाथा' की आडियो का विभिन्न मंचो में प्रयोग। *'शौचालय बनवा लो' गीत की ऑडियो रिकार्डिंग बेहद चर्चित। *अनेको रचनाएं देश की नामचीन पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित। *छंद विधान के कवि के रूप में देश के विभिन्न अखिल भारतीय मंचो पर स्थान। *संपर्क नम्बर-8989800500, 7000432167

विधाएं

गीतगज़ल/गीतिकाकवितामुक्तककुण्डलियाकहानीलघु कथालेखदोहेशेरकव्वालीतेवरीहाइकुअन्य

इंसां हुआ शैतान है

मौत का लेकर खड़े सामान है। आजकल इंसां हुआ शैतान है।। क्यों [...]

विवश किसान

चिता जला डाला मिट्टी में मिला दिया अरमान को। मरने पर विवश कर [...]

धरा सुंदर बना डालो

*धरा सुंदर बना डालो* बचा करके वनों को तुम, घना करके दिखा [...]

हमें “स्कूल जाना है

*स्कूल चले हम* *पढ़ेगा जो बढ़ेगा वो*, सभी को ही बताना है। हमें [...]

बिदाई गीत

*लगन गीत* 1 शादी सीधी सादी करना। खर्चीली शादी से [...]

नेता पैदा करने की मशीन

*नेता पैदा करने की मशीन* नेता पैदा करने की मशीन पैदा करना है [...]

नर्मदा जी पर मनहरण

1 देवियों का रूप माना जाता मेरे देश में तो नदियों को सभी यहां [...]

हमें “स्कूल जाना है

*"स्कूल चले हम"* *पढ़ेगा जो बढ़ेगा वो*, सभी को ही बताना है। हमें [...]

होली के छंद

*होली के छंद* 1 मस्ती का त्यौहार आया, प्रेम की बहार लाया, देखो [...]

अनुशासन

अनुशासन के साथ में जीवन जीना बहुत जरूरी है . तिनका तिनका मिल [...]

प्यारा हिन्दुस्तान है

आओ प्यारे मिलकर गावो, प्यारा हिन्दुस्तान है। जिसकी माटी के [...]

बापूजी का आह्वान

धरती करूणा की प्यासी,बापूजी फिर से आना। आकर के इस धरती का, [...]

कितना बदल गया गुरुज्ञान –

एक पैरोडी देख यहाँ स्कूलों की हालत क्या हो गई भगवान कितना [...]

पर्यावरणीय गीत

पर्यावरणीय गीत- 1 कली कली हर पौध से निकले गली गली हरियाली [...]

सकारात्मक सोच

सकारात्मक सोच होना चाहिये। पाजिटिव एप्रोच होना चाहिये।। [...]

जनप्रतिनिधि की स्तुति

जनप्रतिनिधि की स्तुति प्रभु वर दे ही देना, मान वाला पान [...]

फ्रेंड की मनहरण

बोला डाकटर डांटकर के मरीज से कि, चेस्ट पेन में तो बेड रेस्ट [...]

खड़े रह गए

गीतिका बहर- 212 212 212 212 हम खड़े थे खड़े के खड़े रह गए। क्यों अड़े थे [...]

आतंकवाद पर दोहे

आतंकी को मारकर, देना उन्हें जलाय। तब ही मरने से डरे, सबसे सही [...]

बारिश के पर्यावरणीय दोहे

बरसो बरखा झूम के, अगन जलन कर दूर। हरीभरी धरती करो, फसल करो [...]

बोझ गधा ही ढोता क्यों है?

शेर नहीं मुँह धोता क्यों है? बोझ गधा ही ढोता क्यों है? मानव [...]

विद्यासागर जी पर मनहरण छंद

1 विद्यासागर मनहरण वर्तमान वर्धमान, विद्यासागर को जान, रखे [...]

खलनायक नम्बर वन

नेता के अच्छे से चमचे, बस्ती के वो बाप है। पाप कर रहे उनकी शै [...]

और बताओ बोले क्या?

भाषणबाजी हो आतिशबाजी, नहीं कोई अंतर है। हो सके तो याद ये रखना, [...]

सुन्दर जेल तिहाड़ी है

सत्य सत्य को नहीं जानता, असत्य जुबाँ की बोली है। झूठों की [...]

सीमा के चौकस प्रहरी

सीमा के चौकस प्रहरी को, करना शतशत सभी नमन। जिनके कारण हम करते [...]

सरल सी बात

*क्या हो रहा है- भाई भाई के बीच सम्बन्ध विच्छेद हो गया [...]

शिक्षक की अभिलाषा

कलम स्लेट हाथों में लेकर लिखना रोज सिखाऊंगा। झूम झूम कर घूम [...]

अभिनन्दन गीत- स्वागत गीत

अभिनन्दन है, अभिनन्दन, अभिनन्दन है, अभिनन्दन। पावन इस बेला [...]

संकल्पों की मनहरण

काले काले गोरे गोरे, गोरे गोरे काले लोग। गोरे गोरे दिखे काम, [...]