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Author: Dinesh Sharma

Dinesh Sharma
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सब रस लेखनी*** जब मन चाहा कुछ लिख देते है, रह जाती है कमियाँ नजरअंदाज करना प्यारे दोस्तों। ऍम कॉम , व्यापार, निवास गंगा के चरणों मे हरिद्वार।।

विधाएं

गीतगज़ल/गीतिकाकवितामुक्तककुण्डलियाकहानीलघु कथालेखदोहेशेरकव्वालीतेवरीहाइकुअन्य

*बेदाग बादशाह

जब देखता हूँ खिलते कमल को भोर में, अंधेर घोर में, आँखों [...]

माँ का हीरो****

पढ़ ले बेटा पढ़ ले कुछ कर ले काम आयेगा नहीं तो रह जायेगा [...]

एक रावण मरता सौ तैयार है…

आज के रावण को भी नहीं मिलता वो राम है जो दे रावण से [...]

जय देवी***

देवी के मंदिर सर झुका कर फल-फूल धुप बत्ती वस्त्र श्रृंगार [...]

शहीदों की इच्छा***

चल दिये अपनी जान वतन पर फिदा करके, सोच रही है तड़पती आत्मा [...]

अब खैर नही पाक तेरी…..

अब खैर नहीं पाक तेरी तेरे मिटने की बारी है, बहुत हो चुका [...]

निर्दोष बेजुबां का लाल खून….

निर्दोष बेजुबां पर चली होगी जब कटार तड़पा होगा बदन [...]

क्यों हो खफा हम….

खफा है बहुत से मुझ से, पर हम खफा नही किसी से, क्यों हो खफा [...]

कर दी मैली…..

बदल गये गंगा तट वासी पर न बदली गंगा माँ सच में माँ तो माँ ही [...]

अब तो राशन कार्ड बनाना….

कैसे है ये जनता के सेवक जो जनता पर राज करते है पहले करते जनता [...]

सच में लगा इंसान सा……

एकांत में चुपचाप सा शांत सा मगन में मगन इंसान सा, तल्लीन [...]

गणपति आ गये आशीष देने….

बर्ष बीत गया गणपति आ गये आशीष देने.... वायदों को याद [...]

वायदा है….

मत भटक दर बदर तुझे है क्या खबर संवरेगा तेरा भी मुकद्दर [...]

तू बरस इतना बरस कि……..

बदली भी बदल गयी काली घटा देख बादल में, कही फट चली बोझ [...]

जीने की कला

जीने की भी कला है जी रहे है सब कुछ होश में कुछ बेहोशी में, पर [...]

कुछ है जो…

कुछ है जो घूरते है आँखों में छिपी काली आँखों से, आँखों में [...]

मौन…एक खोज

चल दिये उस राह पर जहाँ हर कोई जाता न था, न कोई चहकता था न कोई [...]

तुझ पर कुरबां…..

शहीदों की शहादत देख आँखों से आँसू छलक पड़े, पर गिरे न जमीं पर [...]

कभी इस पार ,कभी….

कभी इस पार कभी उस पार, खिच लेता है एक दूजे को बहन-भाई का [...]

ऊँचे चबूतरे पर…

ऊँचे चबूतरे पर जलता दीया निचे रोशनी बिखेरना चाहता था उन हवा [...]

पुनः सोने की चिड़िया बनने को…

मेरा प्यारा देश चल पड़ा तरक्की की राह पर पुनः सोने की चिड़िया [...]

जी लेती है जी भरकर के…मुस्कुराती सी

सुबह की मस्त सुहानी हवा से झूमते पत्तो फूलो की डाली सूरज की [...]

काबिल है हम दोनों के….

बेपनाह मोहब्बत कीजिए या नफ़रत काबिल है हम दोनों के ऐ [...]

एक शांत मौन…..

आओ इस कोरे कागज पर कुछ लिख देते है ना मिटने वाला शब्द जो [...]

दौड़ा चला जा रहा है….

बस इंसान दौड़ा चला जा रहा है, उदासी की गठरी सर पर उठाय बस जिये [...]

कुछ होते है मतलब से…..

कुछ होते है मतलब से होते है, शायद मतलबी दुनियां से होते [...]

नियत दिखला देता तो मैं….

आइना बोला इंसान से हे इंसान तू मुझ में अपना चेहरा देख [...]

बेदर्दो को क्या पता…..

दर्दे दिल में एक बात तो खास होती है, सच्चाई से रूबरू बे [...]

तू आ जा…सावन जाने को पड़ा है

सावन में सब हरा भरा है रिम झिम फुहारों में मस्त नशा चढ़ा [...]

मैं लाचार द्रोपदी नही…..पुकारूँगी

मैं विघ्न बिंघनेश्वरी हूँ मैं कोई लाचार कुचली डरपोकनी [...]