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Author: Rita Yadav

Rita Yadav
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विधाएं

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दोहे (8 Posts)


हिंदी

1. हिंदी -बिंदी हिंद की, सजी हिंद के भाल l ओढ़ बैठ रहती मगर, [...]

ठगें सभी रिश्ते उसे

ठगें सभी रिश्ते उसे, ठगे उसे परिवार l आज अकेले रो पड़ी, होकर वो [...]

गर्व नहीं करना

गर्व नहीं करना कभी, धन पर ऐ इंसान l कर जाता पल में प्रलय , [...]

झूठ बिके झटपट 🌹

पथ पर चलना सत्य के, कभी नहीं आसान l झूठ बिके झटपट यहां, सच की [...]

शिव परिवार

बाधा डाले भक्ति में ,जो कोई इंसान l नष्ट उसे भी एक दिन, कर देते [...]

रिश्ते

रिश्ते में जब प्रीत हो ,लगे तभी वो खास l प्रीत बिना रिश्ते सभी, [...]

नीव जीत की हार

दोहे------- घबराना मत हार से , नीव जीत की हार l बिना दही मंथन किए [...]

हो शरीर बीमार तो

हो शरीर बीमार तो, वैध करे उपचार l रोग ग्रस्त मन के मगर, कैसे [...]