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Author: राहुल रायकवार जज़्बाती

राहुल रायकवार जज़्बाती
Posts 21
Total Views 308
उफ़...मीठी_चाय... कागज की नाव... अल्फाज मेरे....कलम तेरी... बस साधारण-सा कलमकार... #जज़्बाती....

विधाएं

गीतगज़ल/गीतिकाकवितामुक्तककुण्डलियाकहानीलघु कथालेखदोहेशेरकव्वालीतेवरीहाइकुअन्य

…बेचैन धरा….!!

........................ धरा आँचल गुम हुआ कलुष तह में... बिखरा है तिमिर नभ तल [...]

बेचैन धरा…

तपती धरा की बेचैनी, महसूस करके तो देखो... बिन पानी सूरज की [...]

!!….चाँदनी रात….!!

आसमाँ की श्याम वर्ण रूपी चादर में... झिलमिलाते अनगिनत [...]

__जिग़र का टुकड़ा होती है बिटिया___

बिदाई के दिन जिगर का टुकड़ा होती है बिटिया... मगर जन्म होने पर [...]

…तू है जुनून-सा…

इन आँखों को... कैसे बंद करूँ... जब तू है मेरे सामने... . इस दिल [...]

….रंगोत्सव मंगलमय हो…।।

______मुक्तक_____ कुछ अनकही बातें कहना है इस रंगोत्सव पर... रूठे [...]

___कैसे रंग लूँ चुनरिया सतरंगी___

कैसे चुनरिया अपनी रंग लूँ सतरंगी... बता मेरे सावरिया... कैसे [...]

__यूँ बे-वजह पटरी पर बैठा न होता__

नम होती हैं आँखें... मगर अश्क नहीं झलकता... हजारों होती हैं [...]

__दूर कहीं….??

दूर कहीं बह जाना चाहता हूँ... तन्हाँ अकेले लहरों में... . दूर [...]

🤔…हूँ तेरे इंतज़ार में__🏃

कब से तेरी राहों में... खड़ा हूँ बे-सब्र सा... जिन्दगी की राहों [...]

___माँ की बनी रोटी___

मेरी माँ के हाथों की बनी रोटी... होती है गोल मटोल-सी छोटी... कभी [...]

उफ़…. मीठी_चाय…

जज्बाती कलम अपनी कैसे रोक दूँ... उसने जब पूछा तेरा दिल कैसे [...]

इश्क़ की किताब…

हर वक्त सोचता हूँ... इश्क की किताब को... कर दूँ आज बंद... हर दफा [...]

हर दिल अजीज नहीं होता यारों….

हर दिल अजीज़ नहीं होता यारों.... हर दिल में दोस्ताना नहीं होता [...]

नन्हीं कूची से हर लूँ अंधियारा….

..... #नन्हीं_कूची_से_हर_लूँ_अंधियारा....?? गहरे समंदर-सी है हमारी [...]

🇮🇳🇮🇳 इक शाम यूँ ही गुजर जाती है…. 🇮🇳🇮🇳

इक शाम यूँ ही गुजर जाती है.... वतन की पताका फहराते [...]

जमीं आसमाँ का मिलन….??

वसुंधरा और नीलाम्बर का मिलन... जगत का मनोहारी दृश्य [...]

कागज कलम कलमकार….

कागज कलम कलमकार का केवल एक ही कमाल... कुरूप कोमला कविता कर [...]

दाना बना…#सजा…

थी इक चंचल पवित्र हृदय-सी सुंदर चिड़िया... उड़ रही थी नभ मंडल [...]

…..वफ़ा का शहर…..

गहरा है समंदर कहीं खो न जायें.... हासिल नहीं किसी की हमें [...]

….नई_राह….

चारों कोणों से युक्त क्षितिज मंडल... है जीवन की [...]