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Author: Bhupendra Rawat

Bhupendra Rawat
Posts 15
Total Views 607
M.a, B.ed शौकीन- लिखना, पढ़ना हर्फ़ों से खेलने की आदत हो गयी है पन्नो को जज़बातों की स्याही से रँगने की अब बगावत हो गईं है ।

विधाएं

गीतगज़ल/गीतिकाकवितामुक्तककुण्डलियाकहानीलघु कथालेखदोहेशेरकव्वालीतेवरीहाइकुअन्य

हमकों नहीं घबराना होगा

हमकों नहीं घबराना होगा। नदी की बहती धारा जैसे, हमको बढ़ते [...]

देर आये,दुरुस्त आये

देर आये,दुरुस्त आये हर्फ़ों का बाज़ार साथ लाये। हर एक पहलू को [...]

ज़िन्दगी एक सवाल

ज़िन्दगी एक सवाल बन जाती है हर कदम पर एक इम्तहाँ बन जाती [...]

कदम और कदम घोलकर विष बातों में पिलाते रहे

कदम और कदम घोलकर विष बातों में पिलाते रहे, हम भी विष पीते [...]

ढ़लती हुई उम्र में,यौवन को आ जाने दें

ढ़लती हुई उम्र में,यौवन को आ जाने दें। बची हुई उम्र में,दबी हुई [...]

एक मुठ्ठी भर ख्वाहिश थी तुझे पाने की

एक मुठ्ठी भर ख्वाहिश थी तुझे पाने की। अब तो आदत सी हो गयी [...]

माँ

माँ माँ…............. माँ मैं तुझे बहुत प्यार करता हूँ इस जन्म क्या [...]

“चारों और फैला आज उजियारा बहुत है”

चारों और फैला आज उजियारा बहुत है। उजियारे में [...]

जब भी तेरी यादो मे खोया करते है.

जब भी तेरी यादो मे खोया करते है. अपने आप को कुछ इस कद्र बिखेरा [...]

न हिन्दू मरा,न कोई मुसलमान,मरा है तो सिर्फ इंसान

ना कोई हिन्दू मरा ना ही मरा है कोई मुसलमान इतिहास गवाह [...]

अक्सर दे देते ज़हर का मीठा ज़ाम मुझे

अक्सर दे देते ज़हर का मीठा ज़ाम मुझे मैं भी पी जाता हूं, समझकर [...]

हमकों नहीं घबराना होगा। हमको बढ़ते जाना होगा

हमकों नहीं घबराना होगा। नदी की बहती धारा जैसे, हमको बढ़ते [...]

ज़िन्दगी

ऐ ज़िन्दगी तुझसे शिक़ायत हो गयी है फिर भी तुझे जीने की सी आदत हो [...]

माँ…….……

माँ...... आज फिर बच्चा बन जाने को दिल चाहता है माँ तेरे आँचल में [...]

बेटियां

देखो जन्म लिया जब मैंने सबसे में अंजान थी। लड़के की चाह में [...]