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Author: RAMESH SHARMA

RAMESH SHARMA
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अपने जीवन काल में, करो काम ये नेक ! जन्मदिवस पर स्वयं के,वृक्ष लगाओ एक !! रमेश शर्मा

विधाएं

गीतगज़ल/गीतिकाकवितामुक्तककुण्डलियाकहानीलघु कथालेखदोहेशेरकव्वालीतेवरीहाइकुअन्य

“कुदरत का उपहार”

बेटी है अनमोल धन,..कुदरत का उपहार ! जिसको मिलना चाहिए, जीने का [...]

सूख गये उद्यान

दूषित है जलवायु अब,...सूखे कई प्रदेश ! चलो लगायें बाग हम,मिलकर [...]

वहशी नक्सलवाद

झपटें सारे नक्सली, जैसे गीदड़ बाज ! हमने सत्तर साल में, ढूंढा [...]

पृथ्वी दिवस पर

खनिज लवण जल दे रहा,मानव को वरदान ! पृथ्वी पिंड विशाल यह, लगता [...]

अति पीडा की छाप

उसके चेहरे पर दिखी, अति पीड़ा की छाप ! मारा जिसको भूख ने ,मरा [...]

उठने लगे सवाल

खबरें वो छापे बहुत, हरदम खबर नवीस ! मिलती हो टी आर पी, जिनसे [...]

लगती नाजुक फूल सी

रिश्तों मे दिखता नही,.वहाँ जरा भी चाव ! जहाँ दिलों मे प्यार [...]

मुद्दा तीन तलाक का

मुद्दा तीन तलाक का,हुए वहां सब मौन ! पीडा नारी की यहाँ,समझेगा [...]

यूं झाके है चाँदनी

यूं झाके हैं चाँदनी,....चंदा की ले ओट ! दिल मे जैसे आ गया,उसके कोई [...]

गर्मी का अहसास

कूलर रोया जल बिना, ए सी हुआ उदास ! इनको भी होने लगा,..गर्मी का [...]

सुख की रोटी दाल

आएगा क्या वाकई ,... ऐसा कोई साल ! जनता को जिसमे मिले,सुख की रोटी [...]

मांगू नही उधार

बना दुआओं से फकत कहाँ किसी का कार्य ! लाजिम है हर क्षेत्र [...]

पानी नही नसीब

सुनकर ऐसी बात ही, लगता बड़ा अजीब ! अबतक भी पानी नहीं,सबको [...]

दोहे की दो पंक्तियाँ

दोहे की दो पंक्तियाँ, .रखतीं हैं वह भाव । हो जाए पढ कर [...]

माँ ने फांका कर लिया, झूठी मार डकार

ख़त्म रसोई में हुआ , खाना जितनी बार ! माँ ने फांका कर लिया, झूठी [...]

माता का बलिदान

ख़त्म रसोई में हुआ , खाना जितनी बार ! माँ ने फांका कर लिया, झूठी [...]

कन्या रूपी फूल

मरवा डाला कोख मे,बेटी को हर बार! ढूढ रहा नवरात्र मे,कन्या को [...]

राननवमी पर दोहे रमेश के

नवमी तिथि यह चैत की,सजा अयोध्याधाम ! जन्मे थे जहँ आज ही,दशरथ [...]

दादाजी की राय

होती हैं कुछ दिक्कते,जिनका नही उपाय! कर जाती है काम तब ,दादाजी [...]

दरवाजे पर आ गया, लेकर वो बारात!

मैने हँसकर एक दिन,उनसे करली बात! दरवाजे पर आ गया, लेकर वो [...]

मूर्ख दिवस पर

खूब बनाया प्यार से, .सबको एप्रिल फूल ! जब हर दिल में प्रेम [...]

गाता राजस्थान

कला क्षेत्र यह देश का,वीरों की है खान! मीरा के पावन भजन,..गाता [...]

भारत का नव वर्ष

चैत्र शुक्ल की प्रतिपदा,करे सतत उत्कर्ष ! आता है इस रोज [...]

मानवता नीचे दबी

नही बढेगा शर्तियां,वहां अधिक फिर क्लेश ! झगडा घरका रह गया,घर [...]

मेरी खामोशी उनको लगे गुरूर

दूँ किसको अब दोष मैं,किसका कहूँ कसूर ! मेरी खामोशी उन्हें, [...]

उमड पडे जज्बात

दिल के मेरे आप ही,उमड पडें जज्बात! आती है जब भी कभी, यादों की [...]

कविता दिवस

कथ्य शिल्प रस के बिना,किये छंद कुछ पेश। खूब मनाया [...]

माँ जाती जब झूम

आती हैं यादें कभी, बचपन की कुछ घूम ! शाला से घर लौटते, ..माँ लेती [...]

उलझे उलझे बाल

मैंने अपने हाथ पर,ज्यों ही रखा गुलाल ! याद किसी के आ गये, .गोरे [...]

चले राह पर धर्म की

चले राह पर धर्म की,करे निरन्तर काम ! सूरज की तकदीर मे,कहाँ [...]