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Author: Rakesh Dubey "Gulshan"

Rakesh Dubey
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Manager (IT), LIC of India, Divisional Office, D. D. Puram, Bareilly-243122, (U. P.) Mobile- 9412964405

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कम किसी से नहीं गुणवती बेटियां

हौसलों से भरी डोलती बेटियां हर कठिन लक्ष्य को भेदती [...]

कम किसी से नहीं गुणवती बेटियां

हौसलों से भरी डोलती बेटियां हर कठिन लक्ष्य को भेदती [...]

बात दर बात हो फैसला कुछ नहीं

बात दर बात हो फैसला कुछ नहीं एक छल है ये छल के सिवा कुछ [...]

मैं कब्र में सुकून से लेटा न रह सका वोटों से मेरी लाश के सौदे की बात सुन

मैं कब्र में सुकून से लेटा न रह सका वोटों से मेरी लाश के [...]

मुझमें न ढूँढ रोज़ फरिश्तों की सूरतें मेरा फ़लक से कोई मरासिम न था कभी

मुझमें न ढूँढ रोज़ फरिश्तों की सूरतें मेरा फ़लक से कोई [...]

बिछड़ी है आसमां से पलक पर झुकी है क्या आँखों में अश्कबार घटा ढूँढती है क्या

बिछड़ी है आसमां से पलक पर झुकी है क्या आँखों में अश्कबार [...]

वफ़ा करते दिले- बीमारे- उल्फ़त से नज़र भर देखते मुझको मुहब्बत से

वफ़ा करते दिले- बीमारे- उल्फ़त से नज़र भर देखते मुझको [...]

बरगला ये हवा रही है मुझे साथ अपने बहा रही है मुझे

बरगला ये हवा रही है मुझे साथ अपने बहा रही है [...]

लक्ष्य बड़ा है देश हित, धीरज रखिये आप। जरा जरा सी बात पर, करिये नहीं विलाप।।

लक्ष्य बड़ा है देश हित, धीरज रखिये आप जरा जरा सी बात पर, करिये [...]

ज़िंदगी की धूप ने झुलसा दिया सारा बदन

ज़िंदगी की धूप ने झुलसा दिया सारा बदन जल रहा है आज बनकर [...]

नया साहिल बनाना चाहता है समंदर क्या जताना चाहता है

नया साहिल बनाना चाहता है समंदर क्या जताना चाहता [...]

ज़ख़्म आहिस्ता दुखाकर चल दिये

ज़ख़्म आहिस्ता दुखाकर चल दिये आप जो ये मुस्कुराकर चल दिये [...]

वफ़ा पर हमारी न उँगली उठाना

वफ़ा पर हमारी न उँगली उठाना कि रुसवा करेगा हमें कल [...]

इम्तिहाँ मत लीजिये मेरी वफ़ा का

इम्तिहाँ मत लीजिये मेरी वफ़ा का आपको कुछ डर नहीं है क्या [...]

राग अधरों पर सजाना आ गया

राग अधरों पर सजाना आ गया लो मुझे भी गीत गाना आ गया छटपटाहट आज [...]

आदमी के काम आना आदमी का काम है

आदमी के काम आना आदमी का काम है देखना क्या रात या दिन दोपहर या [...]

आज कुछ ऐसी कलमकारी हुई

आज कुछ ऐसी कलमकारी हुई ये ग़ज़ल तो प्यार से प्यारी [...]

बात मतलब की करे संसार है

बात मतलब की करे संसार है बस दिखावे के लिये ये प्यार है काटती [...]

अँधेरी बस्तियों को रोशनी का सिलसिला देना

अँधेरी बस्तियों को रोशनी का सिलसिला देना उजालों की तमन्ना [...]

कौन अरबी फ़ारसी पढ़ कर कभी शायर हुआ

कौन अरबी फ़ारसी पढ़कर कभी शायर हुआ इश्क़ ने जिसको रुलाया बस [...]

कली बुझी बुझी हुई गुलों में ताज़गी नहीं

कली बुझी बुझी हुई गुलों में ताज़गी नहीं सभी बहुत उदास हैं [...]

सोच समझ कर बोला कर राज़ न दिल के खोला कर

सोच समझ कर बोला कर राज़ न दिल के खोला कर इतनी सख़्ती ठीक [...]

बोलें सोच विचार कर, कह कर गये कबीर

बोलें सोच विचार के, कह कर गये कबीर रखो जीभ के पाँव में, डाल सदा [...]

झूमकर जो कल उठी थी

झूमकर जो कल उठी थी एक बदली मनचली थी आँख बन बैठी समंदर हर पलक [...]

जख़्म जब भी जिगर का हरा हो गया

जख़्म जब भी जिगर का हरा हो गया दर्द हद से बढ़ा और दवा हो [...]

आदमी अमीर हूँ

आदमी अमीर हूँ खो चुका ज़मीर हूँ जो न खुल के रो सकी वो जिगर की [...]

न मुझको घाट का रक्खा न घर का

ग़ज़ल- न मुझको घाट का रक्खा न घर का अजब अंदाज है उसकी नजर [...]