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Author: रागिनी गर्ग

रागिनी गर्ग
Posts 20
Total Views 3,266
मैं रागिनी गर्ग न कोई कवि हूँ न कोई लेखिका एक हाउस वाइफ हूँ| लिखने में मेरी रुचि है| मेरी कोई रचना किसी भी साहित्य में प्रकाशित नहीं है| फेसबुक की पोस्ट पर कमेंट करती रहती थी| लोगों को पसंद आते थे| दोस्तों ने कहा तुम्हें लिखना चाहिए, कोशिश कर रही हूँ|

विधाएं

गीतगज़ल/गीतिकाकवितामुक्तककुण्डलियाकहानीलघु कथालेखदोहेशेरकव्वालीतेवरीहाइकुअन्य

••बस एक बार खुद से तू कर ले प्यार••

हौंसलों के पंख लिए उड़ने को बेकरार..... पंख हैं बिंधे हुये [...]

मैं इन्सान हूँ

मैं इन्सान हूँ... मुझे आजाद रहने दो.. मुझे न धर्म की बेड़ियों [...]

~•दिन तय है•~

बच्चों से प्यार करने का दिन तय है .. फिर रोज सितम ढाओ...... बच्चों [...]

••नक्शे कदम हमारे••

नक्शे कदम हमारे वैसे तो चाँद पर हैं हैरत है इस जमीं पर चलना [...]

धरती माँ का खत संतानों के नाम

मैं 🌍 धरती माता देना मेरी फ़ितरत है और लेना तेरी नियति है [...]

•••जो शहीद हुये हैं उनकी, जरा याद करो कुर्बानी•••

फिर आज आई 26 जनवरी तुम को याद दिलाने को .... जो शहीद हुये हैं [...]

गुम होतीं बेटियाँ खोता भविष्य

अल्ट्रासाउंड की रिपोर्ट आयी बिटिया कोख से चिल्लाई | जन्म [...]

••कली फूल बनकर खिलेगी ••

••कली फूल बनकर खिलेगी नयी फुलवारी बनायेगी| कली बनने से पहले [...]

••कृष्ण लीला••

पहली सखी दूसरी सखी से- आज पनघट पे नहीं चलेगी का? दूसरी सखी-न [...]

••जी लो ज़िंदगी••

ज़िंदगी का क्या भरोसा, कब मौत के आगोश में चली जाये। उससे [...]

इनको भी हक दो (बाल श्रमिक)

जिन काँधों पर बस्ता सजाना था उन पर सजती जिम्मेदारी है छोटी [...]

यह जीवन रंगमंच है

मौत ने ज़िन्दगी से कुछ यूँ कहा ऐ ज़िंदगी एक बात बता तू [...]

बदले हुए रिश्तों की कुछ ऐसी कहानी है

बदले हुए रिश्तों की कुछ ऐसी कहानी है , एक आँख तो सूखी है, [...]

👳🏻 गुरु ग्यान का भंडार है

प्रगति के पथ पर आगे बढ़ाने वाला होता है गुरु, तब से साथ देता [...]

मोदी जी ने किया वार भ्रष्टाचार हो गया लाचार।

ज्योंही तुमने जन्म लिया, मैं आया साथ तेरे, तुमने ही मुझको [...]

आँखों का तारा (ए.पी.जे. अबदुल कलाम)

ना वो सिक्ख था ना ईसाई था ना हिन्दू था ना मुसलमान था ना वो [...]

बस दुलहन को अपनाना होगा

कुछ ही दिनों पहले उठी थी उसकी डोली दहेज के लोभियों ने आज [...]

आखिर कब तक

सैनिक होते रहें शहीद ये नेताओं की नीति है सियासत की [...]

नोट पर चोट

जूझ रहा है देश हमारा आज पैसों की तंगी से नहीं किसी को है राहत [...]

सैनिक का फर्ज शहीद होना और आपका?

वो तो कुर्बान होकर अपना नाम शहीदों में लिखा गया। फर्ज वो [...]