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Author: पण्डित योगेश शर्मा

पण्डित योगेश शर्मा
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मिलते रहिये मिलते रहने से मिलते रहने का सिलसिला हु में ।।

विधाएं

गीतगज़ल/गीतिकाकवितामुक्तककुण्डलियाकहानीलघु कथालेखदोहेशेरकव्वालीतेवरीहाइकुअन्य

नारी तू नारायणी

#शर्मा_जी_कहिन✍ अपनी आँखों,अपनी वाणी, और अपने दर्शन से विश्व [...]

मै और तुम्हारा एहसास

तुम्हारा एहसास भी तुम्हारे होने से कम नही..... सिर्फ [...]