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Author: Pritam Rathaur

Pritam Rathaur
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मैं रामस्वरूप राठौर "प्रीतम" S/o श्री हरीराम निवासी मो०- तिलकनगर पो०- भिनगा जनपद-श्रावस्ती। गीत कविता ग़ज़ल आदि का लेखक । मुख्य कार्य :- Direction, management & Princpalship of जय गुरूदेव आरती विद्या मन्दिर रेहली । मानव धर्म सर्वोच्च धर्म है मानवता की सेवा सबसे बड़ी सेवा है। सर्वोच्च पूजा जीवों से प्रेम करना ।

विधाएं

गीतगज़ल/गीतिकाकवितामुक्तककुण्डलियाकहानीलघु कथालेखदोहेशेरकव्वालीतेवरीहाइकुअन्य

मेरी वाणी को झंकार दे दीजिए

बंजरों में भी जल धार दे दीजिए निर्बलों को भी कुछ प्यार दे [...]

आदमी बुग़्जो हसद में जी रहा

ग़ज़ल ******* आ गया है दर्द लेकर फिर फिर दुखों का काफिला खो [...]

खन खनाने की बात आए गी

ग़ज़ल ****** जब भी शीशे की बात आएगी टूट जाने की बात [...]

तोहमत मार डाले गी

आज की ग़ज़ल अरे नादान तेरी ये शराफ़त मार डाले नहीं अच्छी [...]

दिलों का आइना बिख़रा हुआ है

🌷🌷 जिसे देखो वही टूटा हुआ है दिलों का आइना बिख़रा हुआ [...]

और धोखा मैं खा नहीं सकता

******** मैं हँसी खुद नहीं करा सकता जख़्म दिल का दिखा नहीं सकता [...]

भूल बैठा हूँ तभी से जानेमन ये मयकदा

आज की हासिल ग़ज़ल ******* आ गया है दर्द लेकर फिर फिर [...]

“आस का दीपक”

मेरा प्रथम प्रयास लघुकथा 🌷🌷🌷🌷 समय की चोट खाकर लता बहुत [...]

विषय : आसान

💐💐💐💐💐💐 मुश्किले- दौर भी आसान खुदा कर देगा तुझसे खुशियों [...]

आँखों में क्यूँ नमी रहे

ग़र चाँदनी खिली रहे तो दूर तीरग़ी रहे अरमान सारे ख़ाक़ [...]

फूल कलियाँ ये नाजुकी तेरी

बन गयी है मेरी खुशी तेरी हो चुकी है ये जिन्दगी तेरी मीठी [...]

फूस का आराम देता मेरा घर अच्छा लगा

साथ चलने वाला मेरा हमसफ़र अच्छा लगा राह में काँटे मिलें या [...]

वतन की चाह

चाहत ये वतन की तो दिल से न निकलती है अब खुश्बू-ए-मिट्टी से हर [...]

कुण्डलियाँ

कुण्डलियाँ छंद *************** नफ़रत का अब घुल गया, धुआँ अनिल में [...]

अभी तो कोई पराया नज़र न आया मुझे

ग़ज़ल ******* किसी ने ऐसे नज़र से है गिराया मुझे कि हर घड़ी [...]

जामे-मयखाना ओ बोतल को पड़ा रहने दो

ग़ज़ल ******* नाम इस दिल पे तुम्हारा ही लिखा रहने दो प्यार [...]

ग्रन्थ करती निहाल है हिंदी

काव्य ग्रन्थों की भाल है हिन्दी कर रही ये कमाल है [...]

हिंदी दिवस पर चार पंक्तियाँ

"हिन्दी" पर मेरा प्रयास 🌷🌷🌷 कितनी सरस है प्यारी भाषा हमारी [...]

ऐसे बिस्तर पे मुझे रोज़ सुलाया न करो

ग़ज़ल ******** ज़ल्व-ए-हुस्न सरे-आम दिखाया न करो सारे ही शह्र [...]

माँ दुआओं से अपनी बचाती रहे

आज की हासिल ग़ज़ल ******** माँ जो औलाद पर जां लुटाती [...]

मरमरी बदन तेरा धूप में न जल जाए

गैर तरही ग़ज़ल ******** 212 1222 212 1222 नाज़ हुस्न पे [...]

जो शहीदों की चिताओं पे चढ़ा होता है

ग़ज़ल ******* उसका जीवन में नहीं कोई भला होता है जिसको [...]

ये जह्रे जुदाई पिये जा रहे हैं

ग़ज़ल ---------- शज़र नफ़रतों के उगे जा रहे हैं मुहब्बत दिलों [...]

अंदाज़ अपना अपना

हर कोई समझता है ये राज़ अपना अपना सबका ही अलहदा है अंदाज़ [...]

जैसे काँटा कोई चुभा सा है

आज की हासिल ग़ज़ल ---------- 2122 1212 22/112 🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷 साथ है वो [...]

अब दिया प्यार का हर घर में जलाया जाए

ग़ज़ल ******** अब शज़र ऐसा वतन में तो लगाया जाए प्यार के साये [...]

उम्मीद के दिए को बुझाया न जाएगा

आज की हासिल ग़ज़ल ****** मुझसे किसी के दिल को दुखाया न [...]

जिसको तन्हाई में ही गाता हूँ

ग़ज़ल ******* रब के मैं बारगाह में जाता हूँ जब कभी तन्हा [...]

तू यूँ कलंकित ये भाल मत कर

ग़ज़ल ----------- यहाँ पे कोई बवाल मत कर तू बेवजह के सवाल मत [...]

अब ये न बेबसी रहे

ग़ज़ल ******* ग़र चाँदनी खिली रहे तो दूर तीरग़ी रहे [...]