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Author: Pritam Rathaur

Pritam Rathaur
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मैं रामस्वरूप राठौर "प्रीतम" S/o श्री हरीराम निवासी मो०- तिलकनगर पो०- भिनगा जनपद-श्रावस्ती। गीत कविता ग़ज़ल आदि का लेखक । मुख्य कार्य :- Direction, management & Princpalship of जय गुरूदेव आरती विद्या मन्दिर रेहली । मानव धर्म सर्वोच्च धर्म है मानवता की सेवा सबसे बड़ी सेवा है। सर्वोच्च पूजा जीवों से प्रेम करना ।

विधाएं

गीतगज़ल/गीतिकाकवितामुक्तककुण्डलियाकहानीलघु कथालेखदोहेशेरकव्वालीतेवरीहाइकुअन्य

मुक्तक

गर ये दिल लापता नहीं होता दर्द का सिलसिला नहीं होता हम [...]

आज तक चाहा जो मिला ही नही

2122/1212/22 जिंदगी से -------हमें गिला ही नही आज तक चाहा जो मिला ही नही [...]

तेरे गुनाहों पे अब पर्दा कितना है

ग़ज़ल --------- गुरबत में वो देखो रोता कितना है बिन पैसे के [...]

फिर कली आज कोई महकी है

कितनी प्यारी सरस ये हिन्दी है काव्य के माथे की ये बिन्दी है [...]

बिन तलातुम के जीवन तो बेकार है

212 212 212 212 ग़ज़ल ********** बात दिल से हमें आज स्वीकार [...]

प्यार जिसने किया तड़पते हैं

2121 1212 22 राह कांटों की फिर भी चलते हैं जिंदगी के सफर यूं कटते [...]

ये बेबसी मिटे तो ग़ज़ल आजकल लिखूं

उरूज 19/5 2212/1211/221/212 दिल की कलम उठा के मैं अब इक ग़ज़ल लिखूं तेरे [...]

कामयाबी आपके चूमे क़दम

उरूज 19/5 ये बुलंदी उनके ---ही चूमे कदम। कौम की जो राह में उठते [...]

इक दीप मुहब्बत का तुम फिर से जला जाओ

वज़्न- 👇 1121/1222/1221/1222 ग़ज़ल ---;;;; --- मेहमान मिरे दिल के, [...]

जुबां ये झूम कर बोली कि चारो धाम तो आया

बड़ा ही दिल नशी दिलकश हसीं अय्याम तो आया जनम दिन है ये कोमल [...]

बस ग़ज़ल उनकी निशानी रह गई

ग़ज़ल ---------- 💟🌹 और गुल की तो कहानी रह गई बस चमन में [...]

दिल दुखाना न बेटे कभी बाप का

ग़जल ******** उम्र सारी गई ---------ये जताते हुए मैं तुम्हारा [...]

कब तलक बोल सनम सूनी ये क्यारी होगी

मेरी मां सारे जमाने से भी प्यारी होगी जिंदगी जिसने हमारी ये [...]

सोच लो फिर दुआ न पाओगे

ग़ज़ल ----::::--- बह्र -👇 बह्रे ख़फीफ़ मुसद्दस मख़बून वज़्न [...]

दिल ग़रीबों से मिलाकर देखिए

ग़ज़ल ------------- जां वतन पर तुम लुटा कर देखिए दर्द गैरों का [...]

फिर बुझे दीप को रौशनी मिल गई

आज की हासिल 212/212/212/212 ग़ज़ल -----;;;;; ----- गीत को अब मेरे [...]

मां

२१२२/१२१२/२२ मेरे आंखों की रौशनी है मां लाख ग़म मे वो इक [...]

परदेशी

🌹🌹🌹🌹🌹🌺🌺🌺🌺🌺💐💐 जाते हो तुम जिस तरह जल्दी आना जी। प्यारे [...]

मूर्खता

----***---- मानव की यह मूर्खता, समझे तनिको नाहि। ईश्वर घट में रम [...]

परदेशी

🌹🌹🌹🌹🌹🌺🌺🌺🌺🌺💐💐 जाते हो तुम जिस तरह जल्दी आना जी। प्यारे [...]

यहाँ जियालों की ऐसे बखान थोड़ी है

कई है मुल्क मगर उनमें शान थोड़ी है कोई भी हिन्द के जैसा महान [...]

दिलों में आज भी अपने तिरंगा मुस्कुराता है

2122- 2122- 2122- 212 ( 1 ) तू ही सोनी तू ही -----लैला तू ही मेरी हीर है तू ही [...]

जो बू-ए-तनफ्फुर को फैलाए वो

वो ममता की मूरत वही प्यार है अभी याद मां की वो पुचकार है [...]

प्यार माँ का तो दुनिया में है कीमती

दिल तो दिल है इसे मत खिलौना करो फूल पे कांटों के मत बिछौना [...]

संग फूलों के सफर में खार होना चाहिए

अब चमन दिल का मेरे गुलजार होना चाहिए फिर ग़मों से जिन्दगी [...]

अभी से दिल निकलता जा रहा है

निगाहों में वो -----बसता जा रहा है अभी से दिल निकलता जा रहा है [...]

रोज माँ को जो सिर झुकाते है

प्यार के दीप जो जलाते हैं तीरगी को वही भगाते हैं [...]

मेरी नींद आँखों से उड़ने लगी है

हवाएं बसंती बसंती जो चलने लगी हैं चमन की ये कलियाँ निखरने [...]

सँभालो वतन को अमन के फरिश्तों

122- 122- 122- 122 तनफ्फुर की आंधी जो चलने लगी है मुहब्बत की शम्मा रतो [...]

बड़े ही दयालु हैं मोहन हमारे

सभा बीच कृष्णा ये कहने लगी है बचा लो कन्हैया सिसकने लगी [...]