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Author: प्रमिला तिवारी

प्रमिला तिवारी
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विधाएं

गीतगज़ल/गीतिकाकवितामुक्तककुण्डलियाकहानीलघु कथालेखदोहेशेरकव्वालीतेवरीहाइकुअन्य

गीत

हृदय में मिले थे तुम्हीं गीत बनकर चले तुम गए दृग में आँसू [...]

कविता

"मीत जिन्दगी" गम उठाने के लिए हीं जिन्दगी होती है । कब सुख से [...]

मुक्तक

"जिन्दगी" शाम की कुछ गीत गाने दे मुझे । आजमाना हो गया [...]

मुक्तक

फिर वही यादें भूली बिसरी हुई आई । संग मीठी मधुर खुशबू ,बिखरी [...]

मुक्तक

"याचना" हे वीणा धारण करने वाली माता सरस्वती । अज्ञान को दूर [...]

कविता

"याचना" हे वीणा धारण करने वाली माता सरस्वती । अज्ञान को दूर [...]

कविता

"वंदना" मातु सरस्वती जय वीणा पाणी । जय हो जय देवी [...]

कविता

कल- कल करती नदिया कहती । जीवन भी एक नदी सी बहती । बह गई जो [...]

कविता

"बेटियाँ" अब परिचय की मोहताज नही बेटियाँ आज माँ पिता की सरताज [...]

कविता

"हमारी बेटियाँ" अब परिचय की मोहता नही बेटियाँ आज माँ पिता की [...]

कविता

नये वर्ष मे असंख्य खुशियँ मस्तियाँ, अपने मे समेटे, धरती पे [...]

मुक्तक

हिम्मत न रूकता ,कभी आंधियों से ना सहमता कभी , बरबादियों [...]

हिम्मत न रूकता ,कभी आंधियों से सहमता ना कभी ,बरबादियों…

हिम्मत न रूकता ,कभी आंधियों से सहमता ना कभी ,बरबादियों [...]

मुक्तक

हिम्मत न रूकता ,कभी आंधियों से सहमता ना कभी ,बरबादियों [...]

कविता

साथ जिन्दगी के दर्द का इम्तिहान तो रोज देते हैं भोर होते [...]

मुक्तक

"प्रिय मिलन" सखि भला किस बिधि सुर को सजाऊँ मैं आज आऐंगे मीत [...]

मुक्तक

मै सोचती हूँ कुछ बातें कभी-कभी जो जन्म लेगा मानव [...]

कविता

"सफर तुमसे" अनचिन्हे से राहों मे निशां कदमों के [...]

कविता

"तुम्हारी यादे" जब तुम नही हो अब आस पास होता क्यों हर पल [...]

मुक्तक

याचना जय हे माँ सरस्वती तू है पालनकारिणी शिव कल्याणी मातु [...]

कविता

सर्द हवा इन दिनों दस्तक सुखी -सुखी, सर्द हवाओं का एक हिस्से [...]

मुक्तक

रोको ये मंजर, बदल दो नजारा कुछ भी करो, अब ना हो ये दुबारा गंदे [...]

मुक्तक

नमन शहीदों को, गंदा पाकिस्तान रोको ये मंजर, बदल दो नजारा कुछ [...]

लेख

"शरद के रंग" सागर का जल शान्त गम्भीर सारी वस्तुऐं स्वभाविक [...]

मुक्तक

हर तरफ लगी होड़ ,ये दौड़ कैसी है मानवी आधार भी ताख पर रखी जैसी [...]

मुक्तक

बिन हवा के खूशबू कभी बिखरती नही नही खिले फूल तो बगिया सवंरती [...]

मुक्तक

संकट मे कोई साथ दे , ऐसा होता कहाँ मदद पर कोई आ जाए , ऐसा होता [...]