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Author: pradeep kumar

pradeep kumar
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पुलिंदा झूठ का केवल नहीं लिखता मैं गजलों में। rnहजारों रंग ख्वाहिश के नहीं भरता मैं गजलों में।।

विधाएं

गीतगज़ल/गीतिकाकवितामुक्तककुण्डलियाकहानीलघु कथालेखदोहेशेरकव्वालीतेवरीहाइकुअन्य

तब और महाभारत होगा।

सुप्रभात मित्रों। सिंहासन के बगुले जब जब हंसों को [...]

सियासत

करे चाहे नहीं कुछ भी, बजा पर ढोल देगी ये। मिलाकर झूठ को सच में, [...]

किसान भूखा है।

किसी की चाहतें प्यासी, कोई अरमान भूखा है। कहीं मजदूर भूखे [...]

कोई भूखा नहीं होता।

कोई नंगा नहीं होता कोई भूखा नहीं होता। सियासत ने अगर इस देश [...]

खुश्बुएँ प्यार की।

खुश्बुएँ ये प्यार वाली फिर लुटाने दो मुझे। साख अपने इस वतन [...]

बुरा है इश्क जालिम

गजल हँसाता है रुलाता है रुलाता है हँसाता है। बुरा है इश्क [...]

यार हमको भी मुहब्बत हो गई।

दर्द सहने की हां' आदत हो गई। यार हमको भी मुहब्बत हो गई।। खुश [...]

अनुमान क्यों लिक्खूं।

मुझे मालूम है सच तो भला अनुमान क्यों लिक्खूँ। मैं पूँजीवाद [...]

सियासी राग

सियासी राग गाया जा रहा है। हमें उल्लू बनाया जा रहा है।। [...]

जवानियाँ प्रणम्य हैं।

हमको दिलातीं याद शहीदों की बार बार देश में बनी हैं जो [...]

कभी कोई कभी कोई

जलाता है बुझाता है कभी कोई कभी कोई। मेरी हस्ती मिटाता है कभी [...]

सनम मेरा मुझसे चुराता है मुझको।

रुलाता है मुझको हँसाता है मुझको। सनम मेरा' मुझसे चुराता है [...]

मैं हूँ दीप वो जो सदा ही जला हूँ।

नहीं मैं रुकूंगा नहीं मैं रुका हूँ। सचाई के पथ पर सदा ही चला [...]

नजरें मिलाऊं कि नजरें चुराऊं।

गजल जहाँ को भुला दूं मैं खुद को भुलाऊँ। मगर है न मुमकिन [...]

नहीं मिला इंसान यहां।

बेहद दुखी मन से एक मुक्तक। खुद को खुदा समझता कोई, और कोई [...]

शस्त्र होती कलम है कलमकार की।

है मुझे अब जरूरत न तलवार की। शस्त्र होती कलम है कलमकार की।। [...]

रूठा रुठा सा लगता है मुझको ये भगवान तभी।

गजल ज्यादा पैसे की चाहत है, भूल गया मुस्कान तभी।। खुदा [...]

जिंदगी हर कदम आजमाती रही।

मैं सँभलता रहा ये गिराती रही। जिंदगी हर कदम आजमाती [...]

अब सियासत ढल गई व्यापार में।

जब सदा रहना नहीं संसार में। क्यूं उलझते हो भला बेकार [...]

खुद को इतना संत करो।

हिंदुस्तानी गरिमा को अब अक्षुण्ण और अनंत करो। कोई गाली दे [...]

दुनिया मुझे जलाती है।

रात दिन अब मुझे रुलाती है। याद अकसर तेरी सताती है।। मौत से [...]

चंद्रशेखर आजाद।

अमर शहीद महान क्रांतिकारी पं० चंद्रशेखर आजाद जी के जन्मदिवस [...]

कवि अंगारे लिख डालो।

सरहद पर जो खडे़ हुये हैं शेर हमारे लिख डालो। उठो सपूतों भारत [...]

मैं थका था पर मुझे चलना पडा़।

इश्क में क्या क्या नहीं सहना पड़ा।। मैं थका था पर मुझे चलना [...]

हम सबयकायर कहलायेंगे।

*********************************** घर में घुस आये अरि को यदि सबक नहीं [...]

बचाने श्याम आयेगा।

तुम्हारे हाथ में जब भी छलकता जाम आयेगा। लबों पर तब हमारा ही [...]

मन उजला सा दर्पण हो।

काम क्रोध का ढेर नहीं हो मन उजला सा दर्पण हो। उर में सत्य [...]

बेटी सयानी हो गयी।

इस जहाँ में इश्क की अदभुत कहानी हो गई। श्याम की वंशी को सुन [...]

गान तेरा सदा गुनगगुनाता रहूं।

गीत तेरे लिखूं छंद तेरे लिखूं गान तेरा सदा गुनगुनाता रहूं। [...]

हाथ में इक खत पुराना आ गया।

हाथ में इक खत पुराना आ गया। याद फिर गुजरा जमाना आ गया।। [...]