साहित्यपीडिया पर अपनी रचनाएं प्रकाशित करने के लिए यहाँ रजिस्टर करें- Register
अगर रजिस्टर कर चुके हैं तो यहाँ लोगिन करें- Login

Author: प्रदीप कुमार गौतम

प्रदीप कुमार गौतम
Posts 3
Total Views 53
शोधार्थी, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झाँसी(उ0प्र0) साहित्य पशुता को दूर कर मनुष्य में मानवीय संवेदनाओ का संचय करता है एवं मानवीय संवेदनाओ के प्रकट होने से समाज का कल्याण संभव हो जाता है । इसलिए मैं केवल समाज के कल्याण के लिए साहित्यिक हिस्सा बनकर एक मात्र पहल कर रहा हूँ ।

विधाएं

गीतगज़ल/गीतिकाकवितामुक्तककुण्डलियाकहानीलघु कथालेखदोहेशेरकव्वालीतेवरीहाइकुअन्य

कविता (3 Posts)


आरएसएस नंगा नाच रहा ।

लोकतंत्र पर देखो भाई आरएसएस नंगा नाच रहा अपनी बात को रखने पर [...]

विनाश कर लिया

विकास की राहों में सड़कों का निर्माण पर पेड़ो की कटान को हर पल [...]

कब्रिस्तान न बन जाएं

मानवीय संवेदनाओं का मानव से ह्रास हो रहा है लूट का [...]