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Author: ईश्वर दयाल गोस्वामी

ईश्वर दयाल गोस्वामी
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-ईश्वर दयाल गोस्वामी कवि एवं शिक्षक , भागवत कथा वाचक जन्म-तिथि - 05 - 02 - 1971 जन्म-स्थान - रहली स्थायी पता- ग्राम पोस्ट-छिरारी,तहसील-. रहली जिला-सागर (मध्य-प्रदेश) पिन-कोड- 470-227 मोवा.नंबर-08463884927 हिन्दीबुंदेली मे गत 25वर्ष से काव्य रचना । कविताएँ समाचार पत्रों व पत्रिकाओं में प्रकाशित । रुचियाँ-काव्य रचना,अभिनय,चित्रकला । पुरस्कार - समकालीन कविता के लिए राज्य शिक्षा केन्द्र भोपाल द्वारा 2013 में राज्य स्तरीय पुरस्कार । नेशनल बुक ट्रस्ट नई दिल्ली द्वारा रमेशदत्त दुबे युवा कवि सम्मान 2015 ।

विधाएं

गीतगज़ल/गीतिकाकवितामुक्तककुण्डलियाकहानीलघु कथालेखदोहेशेरकव्वालीतेवरीहाइकुअन्य

रानगिर की हवा में शामिल हैं दक्षकन्या की स्मृतियाँ

दिव्य-कन्या बन गई पाषाण-प्रतिमा- तीन रूपों में होते हैं [...]

उठ मेरी बेटी

बकरियाँ मिनमिनाती हुई जाने लगीं ज़ंगल की ओर ; रोज़ की तरह [...]

यह नगरी है (५)

यह नगरी है , नेताओं की , आकाओं की । बस-स्टेंड इनके पापा का [...]

यह नगरी है (४)

यह नगरी है , भक्तों की , परम विरक्तों की । बगुले जैसा ध्यान [...]

यह नगरी है (३)

यह नगरी है , संतों की , परम महंतों की । जटा-जूट लम्बे-चौड़े हैं [...]

यह नगरी है (२)

यह नगरी है , सिद्धों की, परम प्रसिद्धों की । कान खड़े रहते हैं [...]

यह नगरी है (१)

यह नगरी है , बुद्धों की , परम प्रबुद्धों की । मुर्गे की जो टांग [...]

सापेक्षता (समकालीन कविता)

तुम, आधे-अधूरे नहीं, परिपूर्ण हो, सम्पूर्ण हो [...]

लिख दूं (ग़ज़ल)

आज मन की बात लिख दूं । दोस्तों का घात लिख दूं ।। दिन मेरे हो [...]

बाल उमंग ( बाल कविता)

आज गेंद-सा , मैं उछलूंगा । आगे बढ़ने को दौड़ूंगा । बड़ी [...]

नहीं हुआ स्पर्श धूप का

गीत नहीं हुआ स्पर्श धूप का , मेरे घर और आंगन में । किया न [...]

आंगन को भी जरा लीप दो

बिटिया ! रांगोली रचकर तुम , आंगन को भी जरा लीप दो । मुद्दत से [...]

एम.ए.पास न होता (गीत)

दिन भर करता काम-काज मैं, रात नींद भर सोता । कितना अच्छा होता [...]

नवरात्रि के आगमन पर

आ रही हैं कल से मैया । प्यारी मैया , सबकी मैया । कल से होंगे [...]

पीड़ा

पीड़ा जब भी आई है , नहीं किसी को भाई है । हर्षित होकर कोई न [...]

ग़ज़ल

मिले कहीं पर बात हो जो लाज़मी ले जाईये । खोजकर कोई भीड़ में से [...]

शायद ! तुमने मुस्काया है. (नवगीत)

स्वच्छंद गगन , सुरभित है चमन, शायद ! तुमने मुस्काया है [...]

गीतिका

अगर चाहता है तू खुशियाँ ,दुख तुझको सहना होगा । बैठे-बैठे [...]

भजन (ग़ज़ल)

""""""" ग़ज़ल """''"""'" तुम्हारा प्यार प्यारा है,जो मेरे दिल को भाता है [...]

तन्हाईयां (ग़ज़ल)

ज़िन्द़गी का हौस़ला , तनहाईयाँ । काव्य की सुंदर कला, [...]

राष्ट्र-भक्ति गीतिका

शस्य-श्यामला इस धरती को , बारम्बार प्रणाम है । हरे-भरे-से इन [...]

ग़ज़ल

ज़मानें ये जब भी ज़मानें न होंगे । तराऩें ये तब भी पुरानें न [...]

वक्त आ गया है जबाव का

वक्त आ गया है, जब़ाब का । हुए बहुत दिन घिसते-पिसते , वेईमानी [...]

ग़ज़ल

एक नेता ने कहा है, आएंगे अब दिन अच्छे । प्यार के गीत ही गाएंगे, [...]

फाग गीत

आओ मिलकर गाएं फाग । छेड़ें समरसता का राग । । हुए बहुत दिन [...]

वसंत का स्पर्श

वसंत का स्पर्श अब आनंद नहीं है आदमी की आँखों में । 'जले पर [...]

अपने बेटे के लिए ( समकालीन कविता )

बेटे ! मेरी रफ़्तार के लिए तब्दील होते थे दुनियाँ की [...]

बेटियाँ

दो नदियों का मेल कराती हैं बेटियाँ । प्यार की धारा ही बहाती [...]

ग़ुजरा साल पुराना

नई-नई सौगातें देकर, ग़ुजरा साल पुराना । नोटों को भी बंद करा [...]

आदमी (नवगीत)

नवगीत श्याम-पट पर अक्षरों-सा नहीं चमकता आदमी । अक्षरों [...]