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Author: पंकज प्रखर

पंकज प्रखर
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हुआ यूँ की ज़िन्दगी थोड़ा ठहरी और वक्त मिला भावनाओं को शब्दों में व्यक्त करने का तो अपने आस-पास घटने वाली समस्याओं से मन कसमसाया और अचानक ही दृश्य शब्दों के रूप में परिवर्तित होकर कागज़ पर उभर आये | अभी तक मेरी तीस से अधिक रचनाएँ कई राष्ट्रीय समाचार पत्र और पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी है |आज भी अपने पाठकों के लिए नियमित रूप से लिख रहा हूँ....

विधाएं

गीतगज़ल/गीतिकाकवितामुक्तककुण्डलियाकहानीलघु कथालेखदोहेशेरकव्वालीतेवरीहाइकुअन्य

‘वसुधैव कुटुम्बकम’ का भाव रखने वाली एकमात्र संस्कृति ‘भारतीय संस्कृति’

हमारी प्राचीन भारतीय संस्कृति समूचे विश्व की संस्कृतियों [...]

प्रेम एक अनुभव

कबीरा मन निर्मल भया जैसे गंगा नीर पीछे-पीछे हरि फ़िरे कहत [...]

“कस्तूरी कुंडल बसे , मृग ढूंढे बन माहि” समाधान स्वयं में ही छिपा है

आज के इस आपाधापी के युग में हर व्यक्ति अनेक प्रकार की [...]

“नज़रे बदलो नज़ारे बदल जायेंगे” आपकी सोच जीवन बना भी सकती है बिगाढ़ भी सकती है

सकारात्मक सोच व्यक्ति को उस लक्ष्य तक पहुंचा देती है जिसे वो [...]

“अच्छे दिन आने वाले है” आ गये किसानो के अच्छे दिन

राजनैतिक परिस्थितियाँ इतनी दुर्भाग्यपूर्ण हो गयी है कि देश [...]

हिन्दू मुस्लिम समन्वय के प्रतीक कबीर बाबा

आज धर्म के नाम पर एक दुसरे पर छींटाकसी करने वाले तथाकथित [...]

भारत का महान सम्राट अकबर नही महाराणा प्रताप थे

राजस्थान की भूमि वीर प्रसूता रही है इस भूमि पर ऐसे-ऐसे वीरों [...]

स्त्री और नदी का स्वच्छन्द विचरण घातक और विनाशकारी

स्त्री और नदी दोनों ही समाज में वन्दनीय है तब तक जब तक कि वो [...]

सफलता की आधारशिला सच्चा पुरुषार्थ

मानव ईश्वर की अनमोल कृति है लेकिन मानव का सम्पूर्ण जीवन [...]

“अवसर” खोजें, पहचाने और लाभ उठायें

लेखक परिचय:- वास्तविक नाम पंकज कुमार शर्मा एवं साहित्यिक नाम [...]

विद्यार्थी परीक्षाओं से डरें नही बल्कि डटकर मुकाबला करें

प्रिय विद्यार्थीयों जैसा की आप लोग जानते है की कुछ ही दिनों [...]

वैलेंटाइन डे युवाओं का एक दिवालियापन

प्रेम शब्दों का मोहताज़ नही होता प्रेमी की एक नज़र उसकी एक [...]

राम केवल एक चुनावी मुद्दा नही हमारे आराध्य है

राम केवल चुनावी मुद्दा नही बल्कि हमारे आराध्य होने के [...]

वाणी की देवी वीणापाणी और उनके श्री विगृह का मूक सन्देश (वसंत पंचमी विशेष लेख)

वसंत को ऋतुराज राज कहा जाता है पश्चिन का भूगोल हमारे देश में [...]

आधुनिकता के इस दौर में संस्कृति से समझौता क्यों

आज एक बच्चे से लेकर 80 वर्ष का बुज़ुर्ग आधुनिकता की अंधी दौध में [...]

एक महान सती थी “पद्मिनी”

एक सती जिसने अपने सतीत्व की रक्षा के लिए अपने प्राणों का [...]

हिन्दू धर्म और अवतारवाद

हम जब बात करते है भारतीय संस्कृति और विशेषकर हिन्दू धर्म की [...]

गौरवशाली राष्ट्र का गौरवशाली गणतांत्रिक इतिहास

गणतन्त्र दिवस यानी की पूर्ण स्वराज्य दिवस ये केवल एक दिन याद [...]

अद्भूत व्यक्तित्व है “नारी”

भारत वर्ष ना केवल महापुरुषों का देश है बल्कि ये उन महान [...]

“आरक्षण” एक अभिशप्त व्यवस्था

आज वर्तमान भारत एक भीषण रोग से ग्रसित है और इस महारोग का नाम [...]