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Author: kamlesh goyat

kamlesh goyat
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मैं कमलेश गोयत। हिंदी उपन्यास लिखती हूँ। कविता लिखने की कोशिश भी करती हूँ। मेरा दूसरा उपन्यास विजेता आजकल साहित्यपीडिया पर प्रकाशित हो रहा है । 250 पृष्ठों का यह उपन्यास आपका भरपूर मनोरंजन करेगा। यह हर पाठक वर्ग के लिए पठनीय है। यह ऐसी बेटी की कहानी है जिसके दादा-दादी अंधविश्वास के कारण उसे अपने बहू-बेटे को बिना बताए त्याग देते हैं और परिस्थितयाँ कुछ यूं बदलती हैं कि वही दादा-दादी अपनी उस पोती के लिए उपवास करते हुए प्राण त्याग देते हैं।

विधाएं

गीतगज़ल/गीतिकाकवितामुक्तककुण्डलियाकहानीलघु कथालेखदोहेशेरकव्वालीतेवरीहाइकुअन्य

तकनीकी संस्कार

बस में खचाखच भीड़ थी। वह अपनी सीट पर बैठा आराम से अपने फोन पर [...]

होली के बहाने

नफरत को सुला प्रीत दिलों में जगा लें होली के बहाने, छोड़ जाए [...]

विजेता

माफी चाहती हूँ। अति व्यस्तता के चलते कई दिनों बाद पोस्ट कर [...]

विजेता

आपने पढ़ा कि शमशेर और राजाराम नामक दो निसंतान व्यक्ति अपनी [...]

विजेता

विजेता उपन्यास तीन परिवारों की कहानी है। आज पृष्ठ संख्या [...]

विजेता

आपने पढ़ा कि राजाराम अपनी पत्नी के मन को खुश रखने के लिए पाँच [...]

विजेता

आगे पढ़िए विजेता उपन्यास की पृष्ठ संख्या आठ। यह सुनकर ममता [...]

विजेता

विजेता की पृष्ठ संख्या सात पढ़िए। हमेशा की तरह वह घी,आचार और [...]

विजेता

आज आप पढ़ें विजेता की पृष्ठ संख्या पाँचऔर छ:। नीमो तो हर शाम [...]

विजेता

आज आप पढिए विजेता उपन्यास की पृष्ठ संख्या चार। वह खामोश था [...]

विजेता

आज पृष्ठ संख्या तीन पढ़िए। विजेता उपन्यास को अगर आपने शुरू [...]

विजेता

आपने पढ़ा विजेता उपन्यास का पहला पेज। अब पढ़ें दूसरा [...]

विजेता

शमशेर ने अपनी धोती को निचोड़ते हुए अपनी पत्नी बाला से [...]